अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर किया जोरदार जवाबी हमला, तालिबानी आर्मी ने पाकिस्तानी हवाई हमले में दर्जनों नागरिकों की मौत का बदला लिया

नांगरहार और पक्तिया में भीषण झड़पें, दर्जनों नागरिकों की मौत का बदला, तालिबान सेना ने शुरू की जवाबी कार्रवाई

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Afghan Taliban Retaliatory Strikes: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सेना ने गुरुवार की रात पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों का करारा जवाब देते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। अफगानिस्तान के पूर्वी सैन्य कोर के मीडिया कार्यालय की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया कि पाकिस्तानी सेना ने नांगरहार और पक्तिया प्रांतों में हवाई हमले किए थे जिसके बाद दोनों देशों के बीच भारी झड़पें शुरू हो गई हैं। यह टकराव उस वक्त और गहरा हो गया जब बीते रविवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा के पार हमले किए थे जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों अफगान नागरिकों की जान चली गई थी। दोनों परमाणु-समर्थ और अस्थिर पड़ोसी देशों के बीच यह बढ़ता टकराव पूरे दक्षिण एशिया के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

नांगरहार और पक्तिया में भड़की भीषण झड़पें

अफगानिस्तान के पूर्वी सैन्य कोर के प्रवक्ता ने बताया कि गुरुवार रात पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के नांगरहार और पक्तिया प्रांतों में हवाई हमले किए। इसके तुरंत बाद अफगान तालिबान सेना ने इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने का फैसला किया और दोनों देशों की सेनाओं के बीच भारी झड़पें शुरू हो गईं। अफगान सैन्य अफसरों ने पुष्टि की है कि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर पाकिस्तान की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और न ही किसी प्रकार के हताहत की जानकारी साझा की गई है।

Afghan Taliban Retaliatory Strikes: रविवार के हमले की जड़ में है पूरा विवाद

इस ताजा टकराव की जड़ पिछले रविवार की वह घटना है जब पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान की सीमा के पार हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने दावा किया था कि इन हमलों में कम से कम 70 आतंकवादी मारे गए हैं। लेकिन अफगानिस्तान ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान के इन हमलों में महिलाओं और मासूम बच्चों सहित दर्जनों आम नागरिक मारे गए जो किसी भी तरह से आतंकवादी नहीं थे। अफगानिस्तान ने इस हमले को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताते हुए कड़ी निंदा की थी और भारत समेत कई देशों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई थी।

पाकिस्तान ने भी की थी जवाबी गोलीबारी की बात

इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की तरफ से भी एक अहम बयान सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि अफगान तालिबान शासन ने तोरखम और तिराह उप-क्षेत्रों में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बिना किसी उकसावे के गोलीबारी शुरू की। पाकिस्तान के प्रवक्ता ने दावा किया कि पाकिस्तान के सुरक्षाबलों ने इस गोलीबारी का तत्काल और कड़ा जवाब दिया और तालिबानी आक्रामकता को वहीं रोक दिया। पाकिस्तान ने यह भी चेतावनी दी थी कि भविष्य में इस तरह के किसी भी हमले का और भी कठोर जवाब दिया जाएगा।

Afghan Taliban Retaliatory Strikes: पिछले साल अक्टूबर में भी हो चुका है बड़ा संघर्ष

यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर इस तरह का खूनी टकराव हुआ हो। बीते साल अक्टूबर में भी दोनों देशों के बीच एक बड़ा सशस्त्र संघर्ष हुआ था। उस दौरान पाकिस्तानी सेना के अनुसार 23 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे जबकि 200 से अधिक अफगान तालिबान सैनिकों के हताहत होने का दावा किया गया था। उस संघर्ष के बाद दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनी थी। लेकिन वह शांति अल्पकालिक साबित हुई और एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।

क्यों बढ़ रहा है पाकिस्तान-अफगानिस्तान का तनाव

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह तनाव केवल सीमा विवाद तक सीमित नहीं है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान धरती से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी जैसे आतंकी संगठन पाकिस्तान के अंदर हमले करते हैं और अफगान तालिबान इन्हें शरण देता है। पाकिस्तान का कहना है कि उसके हवाई हमले इन्हीं आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर किए जाते हैं। दूसरी तरफ अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को बेबुनियाद बताती है और कहती है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच सदियों पुरानी डूरंड रेखा का विवाद भी इस तनाव को और गहरा बनाता है क्योंकि अफगानिस्तान ने आज तक इस सीमा को आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं दी है।

Afghan Taliban Retaliatory Strikes: क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा खतरा

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह बढ़ता सैन्य टकराव पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय शक्तियां इस स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। भारत ने अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा की है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच यह तनाव और बढ़ा तो इसके क्षेत्रीय और वैश्विक परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच किसी शांतिपूर्ण संवाद की संभावना बेहद क्षीण दिख रही है।

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