पेट लवर्स के लिए खतरे की घंटी! कुत्ते का चाटना भी ले सकता है जान, लंदन में महिला के काटने पड़े हाथ-पैर
लंदन में कुत्ते की लार से महिला को सेप्सिस, हाथ-पैर काटने पड़े, डॉक्टरों ने बताया खतरनाक बैक्टीरिया, पेट ओनर्स सावधान रहें
Dog lick infection: घर में पालतू कुत्ता रखना आजकल एक आम बात हो गई है। लोग अपने डॉग को परिवार के सदस्य की तरह प्यार करते हैं। कुत्ते का चेहरा चाटना उनके प्यार जताने का तरीका होता है और अक्सर पेट ओनर्स इसे प्यार भरे अंदाज में स्वीकार कर लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका यही लापरवाही भरा रवैया आपकी जान पर भारी पड़ सकता है? जी हां, कुत्ते का काटना ही नहीं बल्कि उसका चाटना भी उतना ही खतरनाक और कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। हाल ही में लंदन में एक महिला के साथ ऐसा हुआ जिसकी चोट पर कुत्ते ने चाट लिया और इसके बाद उस महिला को अपने हाथ और पैर गंवाने पड़े। यह खबर पढ़कर आप भी सतर्क हो जाएंगे।
Dog lick infection: लंदन की महिला की दर्दनाक कहानी जो सबक दे गई
लंदन में रहने वाली एक महिला के शरीर पर एक मामूली सी चोट लगी हुई थी। उसके पालतू कुत्ते ने उस चोट वाली जगह को चाट लिया जिसे महिला ने सामान्य बात समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन कुछ दिनों बाद महिला की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि कुत्ते की लार से उसके शरीर में गंभीर संक्रमण फैल गया था और उसे सेप्सिस नामक जानलेवा बीमारी हो गई थी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि डॉक्टरों को उसकी जान बचाने के लिए उसके हाथ और पैर तक काटने पड़े। यह दर्दनाक घटना पूरी दुनिया में पेट लवर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आई।
Dog lick infection: कुत्ते की लार में छिपे होते हैं खतरनाक बैक्टीरिया
डॉक्टरों के अनुसार कुत्ते की लार में कई प्रकार के खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस मौजूद होते हैं। भले ही आपका कुत्ता पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे लेकिन उसकी लार में Capnocytophaga, Pasteurella और Staphylococcus जैसे बैक्टीरिया हो सकते हैं। ये बैक्टीरिया सामान्य परिस्थितियों में कुत्ते के लिए नुकसानदेह नहीं होते लेकिन जब यही लार किसी घाव, कटी हुई जगह, खरोंच या आंख, नाक और मुंह के संपर्क में आती है तो ये बैक्टीरिया इंसान के शरीर में प्रवेश कर लेते हैं।
Dog lick infection: रेबीज है सबसे बड़ा खतरा, WHO के आंकड़े डराते हैं
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के आंकड़ों के अनुसार भारत में हर साल हजारों लोगों की मौत रेबीज के कारण होती है और इसकी सबसे बड़ी वजह कुत्ते का काटना या संक्रमित लार का शरीर में प्रवेश करना है। रेबीज एक ऐसा वायरस है जो एक बार दिमाग और नर्वस सिस्टम तक पहुंच जाए तो उसका इलाज लगभग नामुमकिन हो जाता है। यही कारण है कि कुत्ते के काटने या लार के संपर्क में आने के कुछ ही घंटों के भीतर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाना बेहद जरूरी होता है।
Dog lick infection: सेप्सिस क्या है और यह कैसे फैलता है
सेप्सिस एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है जो तब होती है जब किसी संक्रमण के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया इतनी तीव्र हो जाती है कि वह खुद अपने ही अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती है। कुत्ते की लार में मौजूद बैक्टीरिया अगर किसी घाव के जरिए खून में मिल जाएं तो वे पूरे शरीर में फैल सकते हैं और सेप्सिस की स्थिति पैदा हो सकती है। यह स्थिति बेहद तेजी से बिगड़ती है और इलाज में जरा सी देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
Dog lick infection: सेप्सिस के लक्षणों को पहचानें
अगर कुत्ते के चाटने या काटने के बाद आपको नीचे बताए गए लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
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तेज बुखार आना या शरीर का तापमान अचानक बहुत कम हो जाना।
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सांस लेने में तकलीफ होना और दिल की धड़कन असामान्य रूप से तेज होना।
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बहुत अधिक थकान और शरीर पर लाल या गहरे धब्बे उभरना।
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ब्लड प्रेशर का अचानक गिर जाना और पेशाब बहुत कम आना।
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ठंड लगना, कंपकंपी आना, असहनीय दर्द और बेहोशी जैसी स्थिति।
Dog lick infection: इन परिस्थितियों में कुत्ते से रहें एकदम दूर
कुछ विशेष परिस्थितियों में अपने पालतू कुत्ते से भी सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है। अगर आपके शरीर पर कहीं चोट लगी हो, कट हो या खरोंच हो तो उस दौरान कुत्ते को अपने पास बिल्कुल न आने दें। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग जैसे बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को कुत्ते के बहुत करीब जाने से बचना चाहिए। कुत्ते को कभी भी अपने चेहरे, आंख, नाक और मुंह के पास न आने दें। कुत्ते को छूने के बाद हमेशा हाथों को अच्छी तरह साबुन और पानी से धोएं। अपने पालतू कुत्ते को नियमित रूप से रेबीज का टीका लगवाएं और समय-समय पर उसकी स्वास्थ्य जांच भी कराते रहें।
निष्कर्ष
पेट ओनर्स अपने कुत्तों से प्यार करें लेकिन इस प्यार में सावधानी को कभी नजरअंदाज न करें। एक छोटी सी लापरवाही आपकी जिंदगी को बड़े खतरे में डाल सकती है।
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