अल्जाइमर की शुरुआती पहचान में क्रांति! न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आयशा शेरज़ई ने बताया pTAU217 ब्लड टेस्ट से 7 गुना पहले तक खतरे का संकेत संभव, 25 साल के अध्ययन से खुलासा; जानें कैसे कम करें डिमेंशिया का जोखिम
डॉ. आयशा शेरज़ई ने बताया 7 गुना पहले खतरे का पता और बचाव के उपाय
Alzheimer early detection: चिकित्सा विज्ञान में हो रही नई खोजें अब याददाश्त खोने जैसी गंभीर बीमारियों के निदान के तरीकों को पूरी तरह बदल रही हैं।
Alzheimer early detection: अल्जाइमर क्या है और यह इतना खतरनाक क्यों है?
अल्जाइमर एक ऐसी मस्तिष्क संबंधी बीमारी है जो धीरे-धीरे व्यक्ति की याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता को नष्ट कर देती है। यह डिमेंशिया के सबसे आम कारणों में से एक है और दुनियाभर में करोड़ों लोगों को प्रभावित करती है। इस बीमारी के लक्षण आमतौर पर 65 वर्ष से अधिक उम्र में सामने आते हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि एक बार इस रोग की पुष्टि हो जाने के बाद इसे पूरी तरह ठीक करने का अभी तक कोई इलाज उपलब्ध नहीं है। इसीलिए शुरुआती पहचान इस बीमारी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार मानी जाती है।
Alzheimer early detection: pTAU217 ब्लड टेस्ट क्या है और यह कैसे काम करता है?
न्यूरोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आयशा शेरज़ई ने एक विशेष ब्लड बायोमार्कर pTAU217 के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है। pTAU217 एक विशेष प्रोटीन है जिस पर अल्जाइमर बीमारी के शुरुआती चरण में ही रासायनिक बदलाव दिखने लगते हैं। यह बदलाव लक्षण प्रकट होने से कई वर्ष पहले ही शुरू हो जाता है। इसका अर्थ यह है कि इस टेस्ट के माध्यम से उस समय भी खतरे का संकेत मिल सकता है जब व्यक्ति पूरी तरह सामान्य जीवन जी रहा होता है और उसे खुद बीमारी का कोई अहसास नहीं होता।
Alzheimer early detection: इस ब्लड टेस्ट पर कितना बड़ा अध्ययन किया गया है?
डॉ. शेरज़ई ने जिस शोध का उल्लेख किया है वह अत्यंत व्यापक और दीर्घकालिक है। इस अध्ययन में 70 वर्ष की आयु वाली 2,766 महिलाओं पर 25 वर्षों तक निरंतर निगरानी रखी गई। इतने लंबे समय और इतनी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के साथ किया गया यह अध्ययन अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इस शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने नियमित अंतराल पर प्रतिभागियों के रक्त में pTAU217 का स्तर मापा और उनकी मानसिक स्थिति पर नजर रखी। इस दीर्घकालिक डेटा से बायोमार्कर और डिमेंशिया के बीच के संबंध को स्पष्ट रूप से समझा जा सका।
Alzheimer early detection: शोध के नतीजे और अल्जाइमर का खतरा कितना अधिक पाया गया?
शोध के परिणाम अत्यंत महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले हैं। डॉ. शेरज़ई के अनुसार जिन महिलाओं में pTAU217 का स्तर मध्यम यानी P27 स्तर पर था उनमें डिमेंशिया का खतरा सामान्य महिलाओं की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक पाया गया। सबसे ऊपरी स्तर वाले समूह में तो यह खतरा सबसे निचले स्तर वाले समूह की तुलना में करीब सात गुना अधिक था। यह आंकड़ा दर्शाता है कि pTAU217 का बढ़ा हुआ स्तर कितनी गंभीर चेतावनी हो सकती है।
Alzheimer early detection: महिलाओं में हार्मोन थेरेपी और अल्जाइमर का क्या संबंध है?
इस शोध का एक और महत्वपूर्ण निष्कर्ष हार्मोन थेरेपी से जुड़ा है। अध्ययन में पाया गया कि जिन महिलाओं ने एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दोनों हार्मोन का एकसाथ सेवन किया था उनमें डिमेंशिया का जोखिम अधिक देखा गया। यह निष्कर्ष उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से जानकारीपूर्ण है जो रजोनिवृत्ति के बाद हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी लेती हैं। हालांकि डॉ. शेरज़ई ने स्पष्ट किया है कि शोध ने बायोमार्कर और डिमेंशिया के बीच संबंध को दर्शाया है लेकिन इसका क्लिनिकल कारण अभी पूरी तरह सिद्ध नहीं हुआ है।
Alzheimer early detection: डॉ. आयशा शेरज़ई कौन हैं और उनकी राय क्यों मानी जाती है?
डॉ. आयशा शेरज़ई एक प्रतिष्ठित न्यूरोलॉजिस्ट हैं जो चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आम लोगों तक जटिल स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। वे मस्तिष्क स्वास्थ्य और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों पर विशेष रूप से कार्य करती हैं। उनका काम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे शोध के निष्कर्षों को केवल मेडिकल जर्नल तक सीमित न रखकर उन्हें आम जनता तक पहुंचाती हैं। इससे लोग समय रहते अपने स्वास्थ्य के बारे में जागरूक निर्णय ले सकते हैं।
Alzheimer early detection: क्या यह ब्लड टेस्ट अभी बाजार में उपलब्ध है?
डॉ. शेरज़ई ने स्पष्ट किया है कि pTAU217 ब्लड टेस्ट अभी आम जनता के लिए बाजार में उपलब्ध नहीं है। यह अभी शोध और परीक्षण के चरण में है। लेकिन वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह परीक्षण नियमित स्वास्थ्य जांच का हिस्सा बन सकता है। जब तक यह टेस्ट उपलब्ध नहीं होता तब तक डॉ. शेरज़ई की सलाह है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे प्रभावी उपाय है। उनके अनुसार जीवनशैली में सुधार करके अल्जाइमर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Alzheimer early detection: अल्जाइमर के खतरे को कम करने के लिए विशेषज्ञ सलाह
डॉ. शेरज़ई और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मस्तिष्क की सेहत बनाए रखने के लिए सबसे पहले अपनी रक्त वाहिकाओं यानी नसों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है। उच्च रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रण में रखना मस्तिष्क की सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और अच्छे फैट को शामिल करना मस्तिष्क के लिए लाभकारी है। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि करना, तनाव को नियंत्रित रखना और सामाजिक रूप से सक्रिय रहना भी अल्जाइमर के जोखिम को कम करने में सहायक माना जाता है।
निष्कर्ष
अल्जाइमर जैसी लाइलाज बीमारी के खिलाफ लड़ाई में pTAU217 ब्लड टेस्ट एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। 2,766 महिलाओं पर 25 वर्षों तक किए गए इस विशाल अध्ययन ने यह साबित किया है कि शुरुआती पहचान संभव है। जब तक यह टेस्ट बाजार में नहीं आता, तब तक स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और मानसिक सक्रियता ही सबसे बड़ा बचाव है। अपने मस्तिष्क का ख्याल रखें क्योंकि एक स्वस्थ दिमाग ही जीवन को सही दिशा देता है।
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