Kanda Express: 31 घंटे की देरी से दिल्ली रवाना हुई, बफर स्टॉक खराब होने से फंसी मालगाड़ी, NCCF और वखार महामंडल पर ₹1 लाख से अधिक का जुर्माना

सड़ा बफर स्टॉक छांटने में लगा समय, NCCF और वखार महामंडल पर कार्रवाई

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Kanda Express: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्याज की आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए महाराष्ट्र के नासिक से चलाई गई विशेष मालगाड़ी ‘कांदा एक्सप्रेस’ अव्यवस्था और लापरवाही की भेंट चढ़ गई। एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव से लगभग 450 टन प्याज लेकर दिल्ली के लिए चली यह मालगाड़ी अपने निर्धारित समय से 31 घंटे की भारी देरी से रवाना हो सकी।

इस अभूतपूर्व देरी के चलते भारतीय रेलवे ने राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और महाराष्ट्र राज्य वखार महामंडल पर ₹1 लाख से अधिक का डिमरेज चार्ज (विलंब शुल्क) लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (CWC) के गोदाम में रखे सरकारी बफर स्टॉक का एक बड़ा हिस्सा सड़ जाने के कारण उसकी छंटाई और ग्रेडिंग में अत्यधिक समय लगा, जिससे पूरी लोडिंग प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हुई।

Kanda Express: 840 टन के लक्ष्य के मुकाबले लोड हो सका सिर्फ 450 टन

केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने ‘मूल्य स्थिरीकरण कोष’ (PSF) के तहत खरीदे गए बफर स्टॉक से 840 टन प्याज दिल्ली भेजने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, गोदामों में भंडारण के दौरान प्याज की गुणवत्ता खराब होने के कारण मजदूरों को घंटों तक छंटाई करनी पड़ी ताकि केवल अच्छी गुणवत्ता वाला माल ही लोड किया जा सके।

खराब स्टॉक के कारण ट्रेन में केवल 21 वैगन ही भरे जा सके और महज 450 टन प्याज ही रवाना हो पाया। लासलगांव रेलवे स्टेशन पर स्थानीय किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सड़े प्याज के परिवहन का आरोप लगाते हुए ट्रेन को रोकने का प्रयास भी किया, जिसके बाद रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप से मालगाड़ी को दिल्ली के आदर्शनगर स्टेशन के लिए रवाना किया गया।

रेलवे नियमों के तहत ₹1 लाख से अधिक की पेनल्टी

रेलवे परिचालन नियमों के तहत मालगाड़ी के वैगनों को लोड करने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय होती है। निर्धारित समय से अधिक विलंब होने पर रेलवे द्वारा प्रति वैगन प्रति घंटा ₹150 की दर से डिमरेज चार्ज वसूला जाता है।

31 घंटे के विलंब के चलते रेलवे प्रशासन ने एनसीसीएफ और वेयरहाउसिंग प्रबंधन पर संयुक्त रूप से एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना अधिरोपित किया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मालगाड़ियों के चक्र और समयबद्ध आपूर्ति को बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाना अनिवार्य था।

दिल्ली में ₹35 प्रति किलो की रियायती दर पर मिलेगा प्याज

दिल्ली-एनसीआर में खुदरा बाजारों में प्याज के दाम ₹60 से ₹70 प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुके हैं। इस बढ़ती महंगाई से आम जनता को राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार यह प्याज ₹35 प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर उपलब्ध कराएगी।

यह रियायती बिक्री भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED), NCCF और केंद्रीय भंडार के रिटेल आउटलेट्स तथा मोबाइल वैन के माध्यम से की जाएगी। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अनुसार, दिल्ली के अलावा चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी जैसे प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों के लिए भी नासिक से विशेष रैक के जरिए प्याज की खेप भेजी जा रही है ताकि त्योहारी सीजन में कृत्रिम कमी और जमाखोरी को रोका जा सके।

Kanda Express: भंडारण प्रबंधन और आपूर्ति श्रृंखला पर उठे सवाल

इस घटना ने सरकारी खरीद और बफर स्टॉक के वैज्ञानिक भंडारण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक वेयरहाउसिंग प्रबंधन को दुरुस्त नहीं किया गया, तो किसानों से खरीदा गया हजारों टन प्याज गोदामों में ही सड़ता रहेगा और आपात स्थिति में उपभोक्ताओं तक समय पर राहत पहुंचाना चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।

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