Yogi Adityanath: शहरों में 24 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली सप्लाई का आदेश, लापरवाही पर अधिकारियों को सख्त चेतावनी
भीषण गर्मी के बीच शहरों और गांवों में बिजली सप्लाई सुधारने के निर्देश जारी
Yogi Adityanath: भीषण गर्मी और लू की चपेट में उत्तर प्रदेश के लाखों लोग बिजली कटौती से बेहाल हैं। लखनऊ, कानपुर, मेरठ, अलीगढ़, बरेली, चंदौली समेत कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ हाई-लेवल बैठक की और सख्त निर्देश जारी किए।
सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि शहरों में 24 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लापरवाही बर्दाश्त न करने का सख्त संदेश देते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति में कोई कोताही आने पर संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। यह बैठक रविवार को ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की मौजूदगी में हुई, जिसमें पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
सीएम योगी ने दिए 6 प्रमुख निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में बिजली विभाग को छह अहम निर्देश दिए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण शहरों में निरंतर 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराना शामिल है। उन्होंने सभी प्रोडक्शन यूनिट्स को पूरी क्षमता से चलाने का आदेश दिया ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत बनाने, फीडर-वार मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने और लोगों की शिकायतों का तुरंत निस्तारण सुनिश्चित करने के भी सख्त निर्देश दिए गए।
सीएम ने कहा कि बिजली संकट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पहले ही गाजियाबाद-मेरठ और यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन के कुछ अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है, जो साफ संकेत है कि सरकार इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है Lights Max।
भीषण गर्मी में बिजली संकट की मार
उत्तर प्रदेश में इस समय नौतपा चल रहा है और तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच रहा है। ऐसे में बिजली कटौती ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अस्पतालों, पानी की सप्लाई, घरेलू कार्यों और छोटे उद्योगों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
लखनऊ, कानपुर और अन्य बड़े शहरों में दिन में कई घंटे बिजली नहीं आने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और खराब है जहां बिजली सप्लाई महज 8-10 घंटे तक सीमित रह गई थी। किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं जबकि छोटे व्यापारी अपने कामकाज को लेकर चिंतित हैं।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का सक्रिय रोल
सीएम योगी के निर्देशों के बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने लखनऊ के 1912 कंट्रोल रूम का अचानक निरीक्षण किया और वहां मौजूद स्टाफ से सीधे बातचीत की। मंत्री ने शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को तुरंत समाधान निकालने के निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक को बेहतर बिजली सुविधा मिले। उन्होंने सभी डिस्कॉम को 24 घंटे अलर्ट पर रहने को कहा है ताकि कोई भी शिकायत लंबे समय तक लंबित न रहे।
बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर
सीएम योगी ने बैठक में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी पावर प्लांट्स को फुल क्षमता से चलाने और नए प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बजट आवंटन की भी बात कही गई। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में बिजली संकट की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाए।
लापरवाही पर सख्त और कूटनीतिक कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी दी कि बिजली सप्लाई से जुड़े निर्देशों का पालन न करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। हाल ही में गाजियाबाद और मेरठ में कुछ इंजीनियरों को निलंबित किया गया था।
यह कार्रवाई पूरे विभाग के लिए चेतावनी का काम कर रही है। सरकार का मानना है कि लापरवाही के कारण ही वर्तमान संकट पैदा हुआ है। अब हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
यूपी सरकार की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की रणनीति
योगी सरकार पिछले कई वर्षों से बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है। सोलर पावर, नवीकरणीय ऊर्जा और नए पावर प्लांट स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।
इस बार गर्मी में मांग बढ़ने के कारण संकट पैदा हुआ, लेकिन सरकार ने इसे अवसर मानते हुए सिस्टम को और मजबूत बनाने का फैसला किया है। फीडर-वार मॉनिटरिंग और स्मार्ट मीटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।
आम जनता की परेशानी और उम्मीदें
बिजली कटौती से सबसे ज्यादा परेशानी आम जनता को हो रही है। कई परिवारों में बुजुर्ग और बच्चे गर्मी से प्रभावित हुए हैं। छोटे उद्योग बंद पड़े हैं और किसानों की फसलें सूखने का खतरा मंडरा रहा है।
लोगों की उम्मीद है कि CM योगी के सख्त निर्देशों के बाद स्थिति जल्द सुधरेगी। सोशल मीडिया पर भी बिजली सप्लाई को लेकर सकारात्मक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अन्य राज्यों के साथ कूटनीतिक तुलना
देश के कई राज्यों में गर्मी के मौसम में बिजली संकट देखा जा रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे प्राथमिकता देते हुए तुरंत एक्शन लिया है। दिल्ली, बिहार और अन्य राज्यों में भी समस्याएं हैं, लेकिन यूपी में सख्त निगरानी और जवाबदेही का मॉडल अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन सकता है।
Yogi Adityanath: भविष्य की दीर्घकालिक योजनाएं
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2026-27 तक पूरे प्रदेश में 24×7 बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए बड़े पैमाने पर निवेश और नई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। सोलर पावर और पंप सेटों को बढ़ावा देने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी सुधार होगा।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों से उत्तर प्रदेश में बिजली संकट जल्द समाप्त होने की उम्मीद जगी है। शहरों में 24 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली सप्लाई का लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी मशीनरी सक्रिय हो गई है। लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार की इस सक्रियता से न सिर्फ वर्तमान संकट का समाधान होगा बल्कि भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने की मजबूत नींव भी पड़ेगी। उत्तर प्रदेश सरकार का यह रुख विकास और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आम जनता अब बेहतर बिजली व्यवस्था की प्रतीक्षा कर रही है।
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