डिंपल कपाड़िया और अक्षय कुमार को बड़ी राहत! बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनीता आडवाणी की अपील खारिज की, राजेश खन्ना के साथ रिश्ते को नहीं मिला शादी का दर्जा, 2017 के फैसले को बरकरार रखा
बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनीता आडवाणी की अपील खारिज कर दी, राजेश खन्ना के साथ रिश्ते को शादी का दर्जा नहीं दिया, डिंपल कपाड़िया और परिवार को बड़ी राहत
Rajesh Khanna: इस फैसले से राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाड़िया, उनकी बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने 2017 में डिंडोशी सिविल कोर्ट के दिए गए फैसले को बरकरार रखा, जिसमें अनीता आडवाणी के दीवानी मुकदमे को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया गया था।
Rajesh Khanna: क्या था पूरा मामला?
राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया 1973 में शादी के बंधन में बंधे थे। 1980 के दशक के मध्य में दोनों अलग हो गए थे, हालांकि कभी औपचारिक तलाक नहीं हुआ। राजेश खन्ना के बांद्रा स्थित प्रसिद्ध बंगले ‘आशीर्वाद’ में अनीता आडवाणी कई वर्षों तक उनके साथ रहीं। अनीता का दावा था कि वह राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं और उन्होंने उनके घर-परिवार की देखभाल की। उन्होंने खुद को ‘सरोगेट वाइफ’ भी बताया और कहा कि उन्होंने राजेश खन्ना की बीमारी के दौरान उनकी सेवा की तथा करवा चौथ जैसे त्योहार भी मनाए। राजेश खन्ना के निधन के बाद अनीता आडवाणी ने संपत्ति और रिश्ते को कानूनी मान्यता देने की मांग को लेकर कई मुकदमे दायर किए।
Rajesh Khanna: कोर्ट ने क्या कहा?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। कोर्ट ने संक्षिप्त आदेश में कहा, “प्रथम अपील खारिज की जाती है।” कोर्ट का मुख्य आधार यह था कि राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया के बीच कभी औपचारिक तलाक नहीं हुआ था। इसलिए किसी अन्य महिला के साथ उनके रिश्ते को घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत ‘इन द नेचर ऑफ मैरिज’ नहीं माना जा सकता। 2015 में भी हाई कोर्ट की एक समन्वय पीठ ने इसी आधार पर अनीता आडवाणी की घरेलू हिंसा संबंधी कार्यवाही को रद्द कर दिया था। न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख ने विस्तृत आदेश अभी जारी नहीं किया है, लेकिन फैसले की दिशा साफ है।
Rajesh Khanna: खन्ना परिवार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
यह फैसला डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के लिए सिर्फ कानूनी राहत नहीं बल्कि भावनात्मक और संपत्ति संबंधी सुरक्षा भी है। राजेश खन्ना की विरासत और संपत्ति पर अनीता आडवाणी के दावों की कानूनी गुंजाइश अब लगभग समाप्त हो गई है। अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना ने भी इस मामले में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था। अक्षय कुमार कई मौकों पर ससुराल पक्ष का समर्थन करते नजर आए हैं। फैसले के बाद परिवार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वे इस नतीजे से संतुष्ट हैं।
Rajesh Khanna: अनीता आडवाणी की प्रतिक्रिया और आगे क्या?
अनीता आडवाणी ने इस फैसले पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि न्याय की राह लंबी है और वे अपने अधिकारों के लिए लड़ती रहेंगी। कुछ रिपोर्ट्स में उनका कहना है कि वे सुप्रीम कोर्ट जा सकती हैं। यह उनका पहला झटका नहीं है। 2017 में डिंडोशी सिविल कोर्ट ने भी उनके दावे को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया था। उसके बाद हाई कोर्ट में अपील की गई थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है।
राजेश खन्ना का जीवन: एक सुपरस्टार की जटिल कहानी
राजेश खन्ना बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे। ‘आराधना’, ‘कति पतंग’, ‘आनंद’ जैसी फिल्मों ने उन्हें अमर बना दिया। उनकी शादी डिंपल कपाड़िया से हुई, जिन्हें उन्होंने ‘बॉबी’ फिल्म से पहले ही चुना था। दोनों की दो बेटियां ट्विंकल और रिंकी हैं। 1980 के दशक में अलगाव के बाद भी राजेश खन्ना और डिंपल कभी तलाकशुदा नहीं हुए। अनीता आडवाणी के आने के बाद यह त्रिकोण बॉलीवुड की चर्चा का विषय बना रहा। राजेश खन्ना ने 2012 में कैंसर से अपनी अंतिम सांस लीं।
Rajesh Khanna: बॉलीवुड में ऐसे विवाद और फैसले का व्यापक प्रभाव
बॉलीवुड में लिव-इन रिलेशनशिप, संपत्ति विवाद और विरासत के मामले अक्सर कोर्ट पहुंचते हैं। कानूनी रूप से विवाहित न होने पर महिलाओं को संरक्षण मिलना चुनौतीपूर्ण होता है। इस फैसले से सिर्फ खन्ना परिवार को ही नहीं बल्कि समान परिस्थितियों में फंसे अन्य लोगों को भी संदेश गया है। कोर्ट ने साफ किया कि बिना औपचारिक तलाक के दूसरे रिश्ते को शादी का दर्जा नहीं दिया जा सकता। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि लंबे समय तक साथ रहने वाले रिश्तों को कानूनी सुरक्षा कैसे मिले।
Rajesh Khanna: अब क्या होगा आगे?
अनीता आडवाणी अगर सुप्रीम कोर्ट जाएंगी तो मामला और लंबा खिंच सकता है। फिलहाल हाई कोर्ट का फैसला अंतिम माना जाएगा जब तक उच्चतम न्यायालय कोई स्टे नहीं देता। यह मामला दिखाता है कि बॉलीवुड के ग्लैमर के पीछे भी जटिल रिश्ते और कानूनी लड़ाइयां चलती रहती हैं। राजेश खन्ना की विरासत अब मुख्य रूप से उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया और बेटी ट्विंकल खन्ना के परिवार के पास सुरक्षित नजर आ रही है। फैसले के बाद बॉलीवुड जगत में चर्चा तेज है। कई लोग इसे न्याय की जीत बता रहे हैं तो कुछ अनीता आडवाणी के पक्ष में सहानुभूति जता रहे हैं।
निष्कर्ष
बॉम्बे हाई कोर्ट का यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसने दोनों को तत्काल राहत दी है। हालांकि कानूनी प्रक्रिया अभी भी जारी है। यह मामला अब कानून के तहत अपनी गति से आगे बढ़ेगा और न्यायालय का निर्णय निष्पक्ष और न्यायोचित होगा। राजेश खन्ना आज भी बॉलीवुड के दिलों में जिंदा हैं। उनके निधन के 14 साल बाद भी उनके नाम पर विवाद जारी है, लेकिन इस फैसले के साथ शायद एक मुख्य अध्याय का अंत हो रहा है।
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