पवन खेड़ा के दिल्ली आवास पर असम पुलिस की दस्तक: सीएम हिमंता की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट के आरोपों में नया मोड़, कांग्रेस नेता की मुश्किलें बढ़ीं
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली आवास पर असम पुलिस की दस्तक, सीएम हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट के आरोपों में नया मोड़, खेड़ा इस समय दिल्ली में नहीं
Assam Politics: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के निजामुद्दीन ईस्ट स्थित आवास पर असम पुलिस की टीम ने अचानक पहुंचकर सनसनी फैला दी है। दिल्ली पुलिस की मदद से पहुंची यह टीम चार सदस्यों की है और निजामुद्दीन थाने के स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। यह घटनाक्रम असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उनकी पत्नी रिनिकी भुयां शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई FIR से जुड़ा है, जिसमें पवन खेड़ा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक पवन खेड़ा इस समय दिल्ली में नहीं हैं।
Assam Politics: असम पुलिस की टीम क्यों पहुंची पवन खेड़ा के घर?
दिल्ली के निजामुद्दीन ईस्ट इलाके में स्थित डी-12 आवास पर मंगलवार दोपहर असम पुलिस की टीम ने दस्तक दी। टीम के साथ दिल्ली पुलिस के जवान भी थे, जिन्होंने स्थानीय थाने से पवन खेड़ा का सही पता उपलब्ध कराया। जानकारी के अनुसार, असम पुलिस ने पहले ही निजामुद्दीन थाने से संपर्क साध लिया था। टीम का मकसद FIR की जांच आगे बढ़ाना और जरूरी दस्तावेज जुटाना बताया जा रहा है। पवन खेड़ा फिलहाल घर पर मौजूद नहीं हैं। वे दिल्ली से बाहर किसी अन्य राज्य में हैं।
पासपोर्ट विवाद की शुरुआत: पवन खेड़ा के आरोप
सब कुछ शुरू हुआ था एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से। पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी रिनिकी भुयां शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि उनके पास तीन अलग-अलग देशों के सक्रिय पासपोर्ट हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रिनिकी के विदेश में बड़े स्तर पर निवेश हैं और कई संपत्तियां हैं। खेड़ा ने इन दावों को सबूतों के साथ पेश करने का दावा किया था, जिसके बाद पूरे देश में सियासी हलचल मच गई। कांग्रेस नेता ने इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बताते हुए कहा कि असम की जनता को इसकी जानकारी होनी चाहिए।
रिनिकी भुयां शर्मा का पलटवार: सब आरोप झूठे और फर्जी
पवन खेड़ा के आरोपों पर रिनिकी भुयां शर्मा ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने जीवन में ऐसा झूठ कभी नहीं सुना। ये आरोप पूरी तरह से आधारहीन हैं।” रिनिकी ने दावा किया कि खेड़ा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फोटोशॉप का इस्तेमाल करके फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनके पास कोई विदेशी पासपोर्ट नहीं है और न ही कोई विदेशी निवेश। रिनिकी ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के साथ मिलकर पवन खेड़ा के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
Assam Politics: मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की कड़ी चेतावनी
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने इस मामले को लेकर काफी आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पवन खेड़ा के खिलाफ पहले से ही तीन-चार FIR दर्ज हैं। इनमें चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए उग्रवादी संगठनों से संपर्क करने का आरोप शामिल है। हिमंत ने चेतावनी देते हुए कहा, “चुनाव के बाद पता चलेगा कि जेल कौन जाएगा। मुझे लगता है कि पवन खेड़ा का आखिरी संबोधन असम की जेल में होगा।”
राजनीतिक बयानबाजी का दौर: खेड़ा vs हिमंता
यह विवाद सिर्फ पासपोर्ट तक सीमित नहीं है। पवन खेड़ा ने पहले ही हिमंत विश्व शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा था कि चुनाव नतीजे आने के कुछ हफ्तों बाद उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इसके जवाब में हिमंत ने पवन खेड़ा पर उग्रवादियों से संपर्क का आरोप लगाया। असम में BJP की सरकार मजबूत है, लेकिन कांग्रेस लगातार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सवाल उठाती रही है। इस बार विवाद उनकी पत्नी तक पहुंच गया है, जिसने पूरे मामले को व्यक्तिगत मोड़ दे दिया है।
असम पुलिस की कार्रवाई: कानूनी प्रक्रिया या राजनीतिक दबाव?
असम पुलिस की दिल्ली पहुंच और FIR की जांच को कई लोग कानूनी प्रक्रिया बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव करार दे रहा है। दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय से यह साफ है कि दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर काम कर रही है। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि अगर FIR में सबूत मजबूत हैं तो कार्रवाई अपरिहार्य है। दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि यह विपक्षी आवाज को दबाने की कोशिश है।
Assam Politics: असम की राजनीति पर पड़ने वाला असर
असम में BJP की सरकार 2026 में भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। ऐसे में यह विवाद पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है। हिमंत विश्व शर्मा की छवि मजबूत नेता की है, लेकिन परिवार पर लगे आरोप उनकी साख को प्रभावित कर सकते हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस के लिए पवन खेड़ा एक मुखर नेता हैं। उनका सामना करना BJP के लिए भी आसान नहीं है। अगर यह मामला लंबा खिंचा तो असम में सियासी तापमान और बढ़ सकता है।
Assam Politics: क्या आगे होगा? जांच की दिशा
फिलहाल असम पुलिस की टीम पवन खेड़ा के बयान और सबूतों की जांच कर रही है। अगर वे दिल्ली लौटते हैं तो पूछताछ हो सकती है। रिनिकी भुयां शर्मा के पासपोर्ट और निवेश संबंधी दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। कांग्रेस और BJP दोनों ही इस मामले को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। पवन खेड़ा की गिरफ्तारी या FIR में कोई नया मोड़ आने पर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
निष्कर्ष
पवन खेड़ा और हिमंत विश्व शर्मा के बीच यह टकराव असम की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। जनता को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष हो और सच्चाई सामने आए। फिलहाल पूरा मामला अदालत और पुलिस की जांच पर निर्भर है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह विवाद 2026 के चुनावी माहौल को और गरमाने वाला है।
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