संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से, क्या 816 हो जाएगी लोकसभा सीटों की संख्या? महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित करने का ऐतिहासिक मास्टरप्लान

महिला आरक्षण के तहत 273 सीटें रिजर्व करने की तैयारी, 16-18 अप्रैल संसद विशेष सत्र में पेश होगा विधेयक

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Women Reservation Bill 2026: संसद का बजट सत्र महिला आरक्षण विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए बढ़ा दिया गया है। अब लोकसभा और राज्यसभा की बैठक 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक चलेगी। सूत्रों के अनुसार सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन लाकर लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने की तैयारी कर रही है।

इसके बाद लोकसभा में कुल 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। सरकार ने इस मसौदे पर कई पार्टियों से चर्चा की है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने राज्यसभा को बताया कि सदन की बैठक आज स्थगित होगी और 16 अप्रैल को महत्वपूर्ण विधेयक के लिए फिर बैठक बुलाई जाएगी।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बड़े संशोधन की तैयारी

सरकार का मसौदा कहता है कि महिला आरक्षण लागू होने के बाद लोकसभा की कुल सीटें 543 से बढ़कर 816 हो जाएंगी। इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह संशोधन नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में बदलाव लाकर किया जाएगा। 2023 में पारित विधेयक में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था, लेकिन इसे परिसीमन (delimitation) के बाद लागू किया जाना है। अब सरकार परिसीमन प्रक्रिया को तेज करने और सीटों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है। संसद के विशेष सत्र में इस विधेयक को पेश करने की तैयारी है।

महिला आरक्षण पर निर्णायक कदम

मूल रूप से बजट सत्र 2 अप्रैल को समाप्त होना था। लेकिन सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक को पास करने के लिए सत्र को 16-18 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा में कहा कि 16 अप्रैल को सदन फिर बुलाया जाएगा। उस समय प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं होगा, केवल सरकारी कामकाज होगा। राज्यसभा में भी उपसभापति हरिवंश ने बैठक 16 अप्रैल तक स्थगित कर दी।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस

विपक्ष ने सत्र बढ़ाने के फैसले पर नाराजगी जताई है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार दबंगई कर रही है और महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि विधेयक कब पेश करना है, यह सरकार का अधिकार है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि सरकार देश की महिलाओं के साथ किए गए वादे को पूरा करने के लिए बाध्य है। रीजीजू ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे क्यों बैठक में शामिल नहीं होना चाहतीं। गृह मंत्री अमित शाह ने अलग-अलग दलों के नेताओं से बैठकें की हैं ताकि विधेयक पर व्यापक सहमति बने।

घोषणापत्र के वादे और महिला सशक्तिकरण की दिशा

बीजेपी के केरल घोषणापत्र में भी महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की सहायता, गरीब परिवारों को साल में दो मुफ्त LPG सिलेंडर और हर घर को 20,000 लीटर मुफ्त पानी देने का वादा किया गया था। अब केंद्र स्तर पर महिला आरक्षण को मजबूत करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है। सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी और लोकतंत्र और मजबूत होगा।

तीन दिवसीय विशेष सत्र का मुख्य एजेंडा

16 से 18 अप्रैल तक का विशेष सत्र सिर्फ महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्रित होगा। इसमें कोई गैर-सरकारी कामकाज नहीं होगा। यह सत्र इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने के लिए संविधान संशोधन की जरूरत है। परिसीमन के बाद सीटों की संख्या बढ़ाने से आरक्षण प्रभावी रूप से लागू हो सकेगा।

सर्वदलीय सहमति और सहयोगी दलों का रुख

सरकार ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों और कुछ क्षेत्रीय विपक्षी दलों से चर्चा की है। अमित शाह ने अलग-अलग बैठकें कर सहमति बनाने की कोशिश की है। विपक्ष का कहना है कि सरकार अचानक सत्र बढ़ाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। लेकिन सरकार का पक्ष है कि महिलाओं के लिए किए गए वादे को समय पर पूरा करना जरूरी है।

Women Reservation Bill 2026: निष्कर्ष

लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 करने और महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव संसद के विशेष सत्र में चर्चा के लिए रखा जाएगा। 16 अप्रैल से शुरू होने वाला तीन दिवसीय सत्र इस विधेयक पर केंद्रित रहेगा। सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी और लोकतंत्र मजबूत होगा। विपक्ष ने सत्र बढ़ाने पर आपत्ति जताई है, लेकिन सरकार इसे महिलाओं के वादे को पूरा करने का कदम बता रही है। 16 से 18 अप्रैल का विशेष सत्र देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध सूत्रों और सरकारी बयानों पर आधारित है। विधेयक का अंतिम रूप और सीटों की संख्या में बदलाव संसद की कार्यवाही के बाद तय होगा। नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक संसदीय सूत्रों पर नजर रखें।

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