समय के साथ क्यों फीका पड़ने लगता है आदर्श साथी का आकर्षण? मनोवैज्ञानिक ने बताई वजह
समय के साथ आदर्श साथी का आकर्षण फीका पड़ता है, मनोवैज्ञानिक डॉ. पवित्रा शंकर ने बताई वजह
Relationship Tips: आधुनिक युग में रिश्तों को लेकर युवा पीढ़ी की सोच में व्यापक बदलाव आया है। आज की जेनरेशन जेड अपने जीवनसाथी में कुछ खास गुणों की तलाश करती है, जिन्हें आधुनिक भाषा में ‘ग्रीन फ्लैग्स’ कहा जाता है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में आकर्षक लगने वाले ये गुण कुछ समय बाद उबाऊ लगने लगते हैं।
अकाश हेल्थ केयर की एसोसिएट कंसल्टेंट मनोचिकित्सक डॉ. पवित्रा शंकर ने इस मनोवैज्ञानिक पहेली को सुलझाने का प्रयास किया है। उनके अनुसार, एक आदर्श साथी के साथ रहते हुए भी ऊब महसूस होना कई मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारकों का परिणाम होता है।
Relationship Tips: मानव मस्तिष्क की नवीनता की खोज
डॉ. पवित्रा शंकर बताती हैं कि मानव मस्तिष्क की बुनियादी प्रकृति में नई चीजों, रोमांच और उत्साह की निरंतर खोज शामिल है।
-
रोमांच का दौर: जब हम किसी नए रिश्ते में प्रवेश करते हैं, तो शुरुआती दौर का नयापन और अनिश्चितता हमें रोमांचित करती है।
-
हेबिचुएशन (Habituation): मनोविज्ञान में इसे ‘हेबिचुएशन’ की प्रक्रिया कहा जाता है। यह वह स्थिति है जब कोई उत्तेजना बार-बार मिलने पर उसके प्रति हमारी प्रतिक्रिया कम होने लगती है।
-
स्थिरता का प्रभाव: जो गुण शुरुआत में हमें सुकून और सुरक्षा का अहसास कराते थे, वही समय के साथ इतने सामान्य हो जाते हैं कि उनका विशेष प्रभाव खत्म हो जाता है।
Relationship Tips: पूर्वानुमेयता (Predictability) का मनोवैज्ञानिक बोझ
डॉ. शंकर एक और महत्वपूर्ण बिंदु की ओर इशारा करती हैं – पूर्वानुमेयता। जब आप किसी व्यक्ति के साथ लंबे समय तक रहते हैं, तो धीरे-धीरे आप उनके हर कदम का अनुमान लगाने लगते हैं।
-
जिज्ञासा का अंत: मानव मस्तिष्क की डोपामिन प्रणाली नई और अप्रत्याशित अनुभवों से अधिक सक्रिय होती है। जब रिश्ते में कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं बचता, तो मस्तिष्क उस उत्तेजना को खो देता है।
-
जीवंतता: अनिश्चितता का एक निश्चित स्तर रोमांटिक आकर्षण को बनाए रखने में मदद करता है। जब सब कुछ बहुत अधिक स्पष्ट हो जाता है, तो वह रहस्य खत्म हो जाता है जो रिश्ते को जीवंत रखता है।
Relationship Tips: नाटकीयता की अनुपस्थिति और गलत धारणाएं
समाज और मीडिया ने रोमांस की एक ऐसी छवि बनाई है जिसमें उतार-चढ़ाव, तनाव और नाटकीय मोड़ होना आवश्यक माना जाता है।
-
स्वस्थ रिश्ता: एक ग्रीन फ्लैग पार्टनर आपको भावनात्मक सुरक्षा और शांति प्रदान करता है। उनके साथ कोई अनावश्यक झगड़े या नाटक नहीं होते।
-
गलतफहमी: कई लोग इस शांति को नीरसता समझने की गलती कर बैठते हैं। जिसे हम बोरियत कह रहे हैं, वह वास्तव में एक स्वस्थ, परिपक्व और सुरक्षित रिश्ते की निशानी है।
Relationship Tips: रिश्ते के आकर्षण को कैसे बनाए रखें
डॉ. पवित्रा शंकर बताती हैं कि समाधान पार्टनर को बदलना नहीं, बल्कि दृष्टिकोण में बदलाव लाना है:
-
नए अनुभव: छोटे-छोटे सरप्राइज और नई जगहों पर घूमना मस्तिष्क में डोपामिन का स्राव बढ़ाते हैं।
-
लगातार प्रयास: नियमित रूप से अपने साथी को खास महसूस कराना, उनकी सराहना करना और उनमें रुचि दिखाना आवश्यक है।
-
भावनात्मक जुड़ाव: गहरी बातचीत, भावनाओं को साझा करना और एक-दूसरे के सपनों में रुचि लेना नीरसता को दूर रखता है।
Relationship Tips: संतुलन की कला
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि एक स्वस्थ रिश्ते में स्थिरता और रोमांच का संतुलन होना चाहिए।
-
यथार्थवादी अपेक्षाएं: सोशल मीडिया की अवास्तविक छवियों से प्रभावित होकर अपने वास्तविक रिश्तों की तुलना न करें।
-
मूल्यवान साथी: एक ग्रीन फ्लैग पार्टनर दुर्लभ है। यदि आपको बोरियत महसूस हो रही है, तो यह आपके रिश्ते की समस्या नहीं, बल्कि आपके दृष्टिकोण और प्रयासों की कमी हो सकती है।
read more here