पांडवेश्वर में इस बार कौन मारेगा बाजी? TMC और BJP के बीच होगी कड़ी टक्कर, 2021 में महज 3803 वोटों से जीती TMC, BJP को लगी थी हार, 2026 में फिर रोमांचक मुकाबला
पांडवेश्वर सीट पर TMC और BJP के बीच फिर होगा कांटे का मुकाबला, 2021 में 3803 वोटों से जीती TMC, BJP को हार का सामना, 2026 में कौन मारेगा बाजी?
TMC vs BJP Bengal: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है। अप्रैल में मतदान की संभावना के बीच राज्य की हर सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है। इन्हीं सीटों में से एक है बर्धमान जिले की पांडवेश्वर विधानसभा सीट, जो अपने बदलते सियासी रंग और करीबी मुकाबलों के लिए जानी जाती है। हर बार यहां से कोई न कोई नया सियासी उलटफेर सामने आता है और इस बार भी ऐसा ही होने के आसार दिख रहे हैं।
TMC vs BJP Bengal: क्या है पांडवेश्वर सीट की पहचान
पांडवेश्वर विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में स्थित है। यह जनरल कैटेगरी की सीट है और आसनसोल लोकसभा क्षेत्र के सात विधानसभा खंडों में से एक है। इस सीट का राजनीतिक इतिहास उतार चढ़ाव से भरा रहा है। वामपंथ से लेकर तृणमूल तक और फिर भाजपा तक, इस सीट पर हर पार्टी ने अपनी किस्मत आजमाई है। यह सीट औद्योगिक क्षेत्र में आती है और यहां के मतदाताओं की प्राथमिकताएं रोजगार, बिजली और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी रही हैं। इसी वजह से यहां का मतदाता हर बार तय करता है कि किस पार्टी के वादे उसके करीब हैं।
TMC vs BJP Bengal: कब और कैसे बनी यह सीट
वर्ष 2008 में परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र का नए सिरे से गठन हुआ। तब से अब तक यहां तीन विधानसभा चुनाव हो चुके हैं और तीनों में ही मुकाबला बेहद कांटे का रहा है। इस सीट की खासियत यह भी है कि यहां किसी एक पार्टी का एकतरफा दबदबा कभी नहीं रहा। राजनीतिक ध्रुवीकरण और स्थानीय समीकरण हर चुनाव में नए रंग दिखाते हैं।
TMC vs BJP Bengal: 2011 में वामपंथ की रही थी पकड़
पांडवेश्वर सीट पर पहला बड़ा चुनाव 2011 में हुआ। उस समय पूरे बंगाल में वाम मोर्चे के खिलाफ लहर थी और तृणमूल कांग्रेस तेजी से उभर रही थी। लेकिन पांडवेश्वर में सीपीआई(एम) ने अपनी जड़ें बचाए रखीं और 7,811 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। यह जीत इस बात का संकेत थी कि इस सीट पर वामपंथ की पकड़ अभी भी बरकरार थी। हालांकि राज्य में सत्ता बदल चुकी थी और तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बन चुकी थीं। इसका असर धीरे धीरे पांडवेश्वर पर भी दिखने लगा और 2016 के चुनाव तक यहां की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी थी।
TMC vs BJP Bengal: 2016 में पलट गया पूरा खेल
2016 के विधानसभा चुनाव में पांडवेश्वर सीट पर टीएमसी ने जोरदार वापसी की। पार्टी के उम्मीदवार जितेंद्र तिवारी ने सीपीआई(एम) के गौरंगा चटर्जी को 5,470 वोटों के अंतर से पराजित किया। जितेंद्र तिवारी को 68,600 वोट मिले जबकि गौरंगा चटर्जी को 63,130 वोट हासिल हुए। इस चुनाव में भाजपा के जितेन चटर्जी तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें केवल 13,604 वोट मिले। यह नतीजा बताता था कि उस वक्त भाजपा इस सीट पर कोई बड़ी चुनौती पेश करने की स्थिति में नहीं थी। लेकिन आने वाले वर्षों में पार्टी की ताकत बर्धमान जिले में काफी बढ़ी और इसका सीधा असर 2021 के चुनाव पर भी दिखा।
TMC vs BJP Bengal: 2021 में टीएमसी ने बचाई सीट, जितेंद्र तिवारी को मिली हार
2021 का विधानसभा चुनाव पांडवेश्वर के लिए बेहद दिलचस्प रहा। जितेंद्र तिवारी, जो 2016 में टीएमसी के टिकट पर जीते थे, इस बार भाजपा में शामिल हो गए और भगवा पार्टी की ओर से ताल ठोकी। लेकिन पार्टी बदलने का यह दांव उन पर उल्टा पड़ गया। टीएमसी ने इस बार नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती को मैदान में उतारा और उन्होंने जितेंद्र तिवारी को 3,803 वोटों के अंतर से हरा दिया। नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती को 73,922 वोट मिले जबकि जितेंद्र तिवारी को 70,119 वोट हासिल हुए। यह मुकाबला इतना करीबी था कि अंत तक किसी को नतीजे का अंदाजा नहीं था। इस जीत ने यह साफ कर दिया कि पांडवेश्वर की जनता ने पार्टी बदलने वाले नेताओं को नकार दिया और टीएमसी पर भरोसा जताया।
TMC vs BJP Bengal: 2024 के लोकसभा चुनाव में आसनसोल का संदेश
पांडवेश्वर विधानसभा सीट आसनसोल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में आसनसोल से टीएमसी के उम्मीदवार शत्रुघन सिन्हा ने भाजपा के पवन सिंह को 59,564 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया। इस बड़े अंतर से यह संकेत मिलता है कि टीएमसी की पकड़ इस इलाके में मजबूत बनी हुई है। लेकिन विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतदाताओं का व्यवहार अलग होता है। स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार की छवि और पार्टी की जमीनी ताकत विधानसभा चुनाव में ज्यादा मायने रखती है। इसी वजह से पांडवेश्वर में 2026 का चुनाव फिर से रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है।
TMC vs BJP Bengal: 2026 में क्या होगा समीकरण
इस बार पांडवेश्वर सीट पर टीएमसी और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होने के आसार हैं। टीएमसी के पास मौजूदा विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती हैं जिनकी इलाके में अच्छी पकड़ मानी जाती है। वहीं भाजपा भी इस बार पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने की कोशिश में है। 2021 में महज 3,803 वोटों के अंतर से हारी भाजपा यह मानकर चल रही है कि थोड़ी सी रणनीतिक मेहनत से यह सीट उसके खाते में आ सकती है। बर्धमान जिले के औद्योगिक इलाकों में बेरोजगारी और विकास के मुद्दे इस बार भी चुनाव को प्रभावित करेंगे। वामपंथी दलों की स्थिति इस क्षेत्र में काफी कमजोर हो चुकी है और उनका वोट बैंक अब या तो टीएमसी के पास जा चुका है या भाजपा की ओर खिसका है। ऐसे में इस सीट पर मुख्य लड़ाई दो ही दलों के बीच होगी। अप्रैल में होने वाले चुनाव से पहले दोनों दल अपने अपने उम्मीदवार तय करने में जुटे हैं। जनता किसे चुनती है, यह तो वक्त बताएगा।
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