रामानंद सागर की रामायण के कुंभकर्ण नलिन दवे कौन थे? अब नितेश तिवारी की फिल्म में पंचायत फेम फैसल मलिक निभाएंगे यह विशाल किरदार

रामानंद सागर की रामायण में नलिन दवे बने थे कुंभकर्ण, अब नितेश तिवारी की फिल्म में फैसल मलिक

0

Nalin Dave Kumbhakarna: नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण में कुंभकर्ण की भूमिका के लिए पंचायत फेम फैसल मलिक को साइन किया गया है। इससे पहले बॉबी देओल के इस किरदार में होने की चर्चा थी। इस खबर ने दर्शकों को रामानंद सागर की क्लासिक टेलीविजन रामायण के उस दिग्गज अभिनेता की याद दिला दी जिन्होंने कुंभकर्ण को पर्दे पर अमर कर दिया था।

Nalin Dave Kumbhakarna: नितेश तिवारी की रामायण में कुंभकर्ण के लिए किसे चुना गया है

मुंबई। जब से रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर फिल्म रामायण की घोषणा हुई है तब से कास्टिंग को लेकर हर अपडेट फिल्म प्रेमियों की निगाह में है। रणबीर कपूर राम की भूमिका में हैं, साई पल्लवी सीता का किरदार निभाएंगी और साउथ के सुपरस्टार यश रावण के रूप में दिखाई देंगे।

कुंभकर्ण की भूमिका के लिए पहले बॉबी देओल का नाम सामने आया था। लेकिन अब यह पक्का हो गया है कि यह अहम किरदार पंचायत वेब सीरीज से घर घर मशहूर हुए अभिनेता फैसल मलिक को मिला है। फैसल मलिक की कद काठी और उनकी अभिनय प्रतिभा को देखते हुए यह फैसला दर्शकों और फिल्म समीक्षकों दोनों को रोचक लग रहा है।

Nalin Dave Kumbhakarna: रामानंद सागर की रामायण कब और कैसे बनी थी जो आज भी यादगार है

रामानंद सागर की रामायण 1987 में दूरदर्शन पर प्रसारित होनी शुरू हुई थी और 1988 तक चली। इस सीरियल ने भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा। करोड़ों परिवार हर रविवार सुबह टेलीविजन के सामने बैठ जाते थे और प्रसारण के दौरान सड़कें सूनी हो जाती थीं।

अरुण गोविल ने राम की और दीपिका चिखलिया ने सीता की भूमिका निभाई। रावण के किरदार में अरविंद त्रिवेदी ने जान फूँक दी। इस सीरियल को भारतीय टेलीविजन के स्वर्णिम युग की सबसे महत्वपूर्ण कृतियों में से एक माना जाता है। टेलीविजन विशेषज्ञों के अनुसार रामानंद सागर की रामायण ने भारतीय दर्शकों के मन में पौराणिक कथाओं के प्रति जो गहरा जुड़ाव बनाया वह आज तक कायम है।

Nalin Dave Kumbhakarna: रामानंद सागर की रामायण में कुंभकर्ण की भूमिका किसने निभाई थी

रामायण सीरियल में कुंभकर्ण का किरदार गुजरात के अभिनेता नलिन दवे ने निभाया था। उनकी लंबी चौड़ी कद काठी और शक्तिशाली व्यक्तित्व ने उन्हें इस विशाल पात्र के लिए एकदम उपयुक्त बनाया। नलिन दवे का यह किरदार दर्शकों के बीच इतना लोकप्रिय हुआ कि वे कुंभकर्ण के पर्याय बन गए।

नलिन दवे ने गुजराती फिल्म इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत गुजराती फिल्म भद्र तारा वाहेता पानी से की थी। उस समय उनकी आयु मात्र 26 वर्ष थी। इसके बाद उन्होंने कई गुजराती और हिंदी फिल्मों में भी काम किया।

Nalin Dave Kumbhakarna: नलिन दवे को रामायण में कुंभकर्ण की भूमिका कैसे मिली थी

नलिन दवे और रावण की भूमिका निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी बहुत घनिष्ठ मित्र थे। दोनों गुजराती फिल्म उद्योग से ताल्लुक रखते थे और एक दूसरे को लंबे समय से जानते थे। जब रामानंद सागर कुंभकर्ण के लिए उपयुक्त अभिनेता की तलाश में थे तब अरविंद त्रिवेदी ने नलिन दवे का नाम सुझाया।

अरविंद त्रिवेदी की सिफारिश पर रामानंद सागर ने नलिन दवे को कुंभकर्ण के रूप में कास्ट किया और यह फैसला बिल्कुल सटीक साबित हुआ। यह किस्सा यह भी बताता है कि उस दौर में फिल्म और टेलीविजन उद्योग में व्यक्तिगत संबंध और पारस्परिक भरोसे की कितनी बड़ी भूमिका होती थी।

Nalin Dave Kumbhakarna: नलिन दवे ने रामायण के अलावा और किन फिल्मों में काम किया था

रामायण सीरियल से मिली लोकप्रियता के बाद नलिन दवे ने हिंदी फिल्मों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्हें नाग देवता, सती नाग कन्या, हमारी जंग और पाप की सजा जैसी फिल्मों में देखा गया। हालांकि इन फिल्मों में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी लेकिन उनकी असली पहचान कुंभकर्ण का किरदार ही रहा।

गुजराती सिनेमा में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। वे गुजराती दर्शकों के बीच एक प्रतिष्ठित अभिनेता के रूप में जाने जाते थे। उनकी स्वाभाविक अभिनय शैली और प्रभावशाली शारीरिक उपस्थिति ने उन्हें बड़े और शक्तिशाली पात्रों के लिए हमेशा पहली पसंद बनाया।

Nalin Dave Kumbhakarna: नलिन दवे का निधन कब हुआ और उनकी विरासत क्या है

रामायण सीरियल के प्रसारण के मात्र दो वर्ष बाद 1990 में नलिन दवे का निधन हो गया। उनकी असामयिक मृत्यु से गुजराती और हिंदी फिल्म उद्योग दोनों को गहरा आघात पहुँचा। जिस अभिनेता ने अपनी अदाकारी से कुंभकर्ण को अमर कर दिया था वह खुद बहुत कम उम्र में इस दुनिया से चला गया।

फिल्म इतिहासकारों का मानना है कि नलिन दवे यदि और समय तक जीवित रहते तो भारतीय टेलीविजन और सिनेमा में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण होती। उनका कुंभकर्ण का किरदार आज भी पौराणिक पात्रों के सर्वश्रेष्ठ चित्रण में गिना जाता है।

Nalin Dave Kumbhakarna: फैसल मलिक कौन हैं और उनसे दर्शकों को क्या उम्मीदें हैं

फैसल मलिक ने पंचायत वेब सीरीज में प्रधान जी के किरदार से देशभर में अपार लोकप्रियता हासिल की। उनकी सहज और विश्वसनीय अभिनय शैली ने उन्हें एक बड़े दर्शक वर्ग का प्रिय बना दिया। पंचायत की कई सीजन में उनके अभिनय की समीक्षकों और दर्शकों दोनों ने खूब तारीफ की।

अब उनके सामने चुनौती यह है कि वे एक ऐसे किरदार को पर्दे पर जीवंत करें जिसे नलिन दवे पहले ही अमर बना चुके हैं। मनोरंजन उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि फैसल मलिक की अभिनय क्षमता और नितेश तिवारी का निर्देशन मिलकर इस किरदार को एक नई पहचान दे सकते हैं।

निष्कर्ष

रामायण की कहानी हर पीढ़ी में नए रूप में सामने आती है और हर बार दर्शकों को उतनी ही गहराई से छूती है। रामानंद सागर ने जब इसे टेलीविजन पर उतारा तो नलिन दवे जैसे अभिनेताओं ने अपने किरदारों को इतनी शिद्दत से जिया कि वे जनमानस में स्थायी रूप से बस गए। आज जब नितेश तिवारी इस महाकाव्य को सिनेमा के विशाल पर्दे पर लेकर आ रहे हैं तो फैसल मलिक के कंधों पर एक बड़ी विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। दर्शकों की उम्मीदें ऊँची हैं और यह फिल्म भारतीय सिनेमा में एक नया अध्याय लिख सकती है।

read more here

राज्यसभा में एलपीजी संकट पर जोरदार हंगामा! खरगे के सवाल पर रिजिजू ने रोका, जेपी नड्डा बोले, भारत की नीति नहीं, अंतरराष्ट्रीय हालात हैं जिम्मेदार

Dhurandhar The Revenge: रणवीर सिंह की धुरंधर द रिवेंज की एडवांस बुकिंग पहले ही दिन 22 करोड़ रुपये के पार, दुनिया भर में प्री-सेल 110 करोड़ से ज्यादा

सपने में सांप दिखना शुभ या अशुभ, स्वप्न शास्त्र के अनुसार सोमवार को यह सपना आए तो बदल जाती है किस्मत और मिलता है धन

प्रयागराज में फर्जी RPF दारोगा गिरफ्तार! गाजीपुर के युवक ने परिवार को खुश करने के लिए पहनी नकली वर्दी, महीनों तक ट्रेनों में करता रहा मुफ्त यात्रा

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.