पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा की बिसात, पांच सीटों के लिए टीएमसी और भाजपा ने कसी कमर, निर्विरोध चुनाव की संभावना

बंगाल में अप्रैल 2026 में राज्यसभा की 5 सीटों पर चुनाव, टीएमसी को 4-भाजपा को 1 सीट संभावित; निर्विरोध जीत की उम्मीद

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West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में 17वीं विधानसभा का अंतिम बजट सत्र शनिवार को समाप्त होने के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक तरफ विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कमर कस ली है। अप्रैल 2026 में राज्यसभा की पांच सीटों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सीटों पर चुनाव विधानसभा के विधायकों के मतदान से होगा। मौजूदा संख्या बल को देखते हुए टीएमसी को चार और भाजपा को एक सीट पर जीत मिलने की संभावना है। दोनों दलों ने अपने विधायकों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

यह चुनाव बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण है क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले यह पार्टियों की ताकत का परीक्षण होगा। टीएमसी और भाजपा दोनों ही इस चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में हैं। चुनाव की अधिसूचना जल्द जारी होने की उम्मीद है। संख्या बल स्पष्ट होने से मतदान की नौबत नहीं आएगी और प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा सकते हैं।

राज्यसभा चुनाव की पृष्ठभूमि और तारीखें

पश्चिम बंगाल में राज्यसभा चुनाव अप्रैल 2026 में होने वाले हैं। कुल 37 सीटों में से पांच सीटें बंगाल की हैं। इन सीटों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है। मौजूदा सांसदों में टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी, साकेत गोखले और ऋतब्रत बनर्जी शामिल हैं। इसके अलावा माकपा नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। एक सीट पहले से ही रिक्त है, जो मौसुम बेनजीर नूर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।

चुनाव की प्रक्रिया विधानसभा में विधायकों के मतदान से होगी। प्रत्येक प्रत्याशी को जीतने के लिए कम से कम 50 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। नामांकन के लिए 10 प्रस्तावक और 10 समर्थक विधायकों के हस्ताक्षर जरूरी हैं। दल त्रुटि से बचने के लिए एक प्रत्याशी के लिए कई नामांकन पत्र दाखिल करते हैं।

विधानसभा सचिवालय का मानना है कि अधिसूचना जारी होने के बाद प्रक्रिया तेज होगी। संख्या बल स्पष्ट होने से चुनाव निर्विरोध हो सकता है। स्क्रूटनी के बाद प्रत्याशियों को जीत का प्रमाण पत्र सौंप दिया जाएगा।

West Bengal Election: टीएमसी और भाजपा की रणनीति

तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। टीएमसी अपने चार प्रत्याशियों के लिए 200 से अधिक विधायकों को नामांकन प्रक्रिया में शामिल कर सकती है। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि विधायकों को चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। टीएमसी विधानसभा में बहुमत में है, इसलिए चार सीटों पर जीत पक्की मानी जा रही है।

वहीं भाजपा भी एक सीट पर जीत की उम्मीद कर रही है। पार्टी के पास 65 विधायक हैं। वे भी अपने प्रत्याशी के लिए कई नामांकन दाखिल करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। भाजपा विधायकों को तैयार रहने को कहा गया है। दोनों दलों के विधायक अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क में जुटे हैं, लेकिन राज्यसभा चुनाव के लिए भी सतर्क हैं।

चुनाव में प्रत्याशी चयन भी महत्वपूर्ण है। टीएमसी पुराने चेहरों को फिर मौका दे सकती है या नए नाम ला सकती है। भाजपा भी मजबूत प्रत्याशी उतारेगी।

टीएमसी को चार, भाजपा को एक सीट

विधानसभा में मौजूदा संख्या बल राज्यसभा चुनाव का फैसला करेगा। टीएमसी के पास बहुमत है, इसलिए चार सीटें उसकी झोली में जाने की संभावना है। भाजपा को एक सीट मिल सकती है। माकपा और अन्य छोटे दलों की स्थिति कमजोर है, इसलिए वे चुनाव में असर नहीं डाल पाएंगे।

संख्या बल स्पष्ट होने से मतदान की नौबत नहीं आएगी। नामांकन और स्क्रूटनी के बाद प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा सकते हैं। यह बंगाल में पहले भी हो चुका है। अगर कोई दल प्रत्याशी उतारता है तो मतदान होगा, लेकिन फिलहाल ऐसा लग नहीं रहा।

West Bengal Election: विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव का महत्व

यह राज्यसभा चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा है। विधानसभा चुनाव की तारीखें अगले एक महीने में घोषित हो सकती हैं। इसलिए यह चुनाव पार्टियों की ताकत का परीक्षण होगा। टीएमसी और भाजपा दोनों ही विधायकों को एकजुट रखना चाहते हैं। नामांकन प्रक्रिया में विधायकों की एकजुटता दिखेगी।

विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद विधायक अपने क्षेत्रों में हैं। वे जनसंपर्क कर रहे हैं। लेकिन राज्यसभा चुनाव के लिए उन्हें कोलकाता बुलाया जा सकता है। चुनाव की अधिसूचना से प्रक्रिया तेज होगी।

निर्विरोध चुनाव की संभावना और प्रक्रिया

विधानसभा सचिवालय के मुताबिक, संख्या बल स्पष्ट है इसलिए निर्विरोध चुनाव की पूरी संभावना है। नामांकन के बाद स्क्रूटनी होगी। अगर कोई विरोध नहीं तो प्रत्याशियों को जीत घोषित कर दिया जाएगा।

नामांकन में प्रत्याशी के लिए 10 प्रस्तावक और 10 समर्थक जरूरी हैं। दल कई नामांकन दाखिल करते हैं ताकि कोई त्रुटि न हो। टीएमसी और भाजपा इसी रणनीति पर काम कर रहे हैं।

West Bengal Election: राजनीतिक सरगर्मी तेज

बंगाल में राज्यसभा चुनाव से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। टीएमसी और भाजपा दोनों तैयार हैं। विधायक क्षेत्रों में हैं लेकिन चुनाव के लिए सतर्क हैं। चुनाव विधानसभा चुनाव से पहले का टेस्ट होगा। संख्या बल से टीएमसी को फायदा है।

पश्चिम बंगाल में राज्यसभा चुनाव जल्द होंगे। यह चुनाव राजनीतिक माहौल को गर्माएगा। टीएमसी और भाजपा की जीत तय है लेकिन प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

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