KKR के जबड़े से छीनी जीत! 21 साल के मुकुल चौधरी का धोनी स्टाइल जादू, आखिरी गेंद पर LSG को दिलाई रोमांचक जीत, 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन, सात छक्कों से पलटा मैच
आईपीएल 2026: लखनऊ सुपर जायंट्स ने KKR को आखिरी गेंद पर हराया, 21 वर्षीय मुकुल चौधरी ने 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन बनाकर रोमांचक जीत दिलाई, धोनी स्टाइल फिनिश
How is Mukul Chaudhari: आईपीएल 2026 का 15वां मैच ईडेन गार्डेंस में लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया। यह मैच रोमांच की सारी सीमाएं पार कर गया। 182 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लखनऊ की टीम 128/7 पर फंस गई थी। हर कोई सोच रहा था कि मैच केकेआर के हाथ से निकल गया। लेकिन तभी 21 वर्षीय मुकुल चौधरी क्रीज पर उतरे और उन्होंने जो करिश्मा दिखाया, वह आईपीएल इतिहास के सबसे यादगार पलों में शामिल हो गया। नाबाद 54 रन की पारी में सात छक्के और दो चौके जड़ते हुए मुकुल ने आखिरी गेंद पर टीम को तीन विकेट से जीत दिला दी।
How is Mukul Chaudhari: मैच का रोमांचक आखिरी ओवर और मुकुल का करिश्मा
लखनऊ सुपर जायंट्स को 182 रनों का लक्ष्य मिला था। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद मध्यक्रम भी लड़खड़ा गया। 13वें ओवर में स्कोर 104/5 था। फिर 16वें ओवर तक टीम 128/7 पर सिमट गई। मिचेल मार्श, एडेन मार्करम, ऋषभ पंत, निकोलस पूरन और आयुष बडोनी जैसे बड़े नाम पवेलियन लौट चुके थे। ऐसे में मुकुल चौधरी आखिरी उम्मीद बनकर उतरे। उन्होंने शुरुआत संभलकर की लेकिन जैसे-जैसे ओवर बढ़े, उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता घुलती गई। 27 गेंदों की पारी में मुकुल ने 54 रन बनाए। आखिरी ओवर में 14 रन चाहिए थे। पहली गेंद पर छक्का, फिर दो डॉट गेंदें। तनाव चरम पर था। लेकिन मुकुल ने हार नहीं मानी। एक और शानदार शॉट से समीकरण बराबर कर दिया और आखिरी गेंद पर लेग-बाय लेकर टीम को जीत दिला दी।
How is Mukul Chaudhari: मुकुल चौधरी कौन हैं? राजस्थान के झुंझुनू से आईपीएल स्टार तक का सफर
मुकुल दलिप चौधरी का जन्म 6 अगस्त 2004 को राजस्थान के झुंझुनू जिले में हुआ। 21 साल की उम्र में उन्होंने आईपीएल में जो प्रदर्शन किया, वह किसी अनुभवी खिलाड़ी को भी शरमा दे। मुकुल मुख्य रूप से विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं। दाएं हाथ के बल्लेबाज होने के साथ-साथ वे विकेट के पीछे भी कमाल दिखाते हैं। घरेलू क्रिकेट में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए मुकुल ने पहले ही अपनी छाप छोड़ दी थी। 2025 के अंडर-23 राज्य ए टूर्नामेंट में उन्होंने 617 रन बनाए। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में 173 रन 199 के स्ट्राइक रेट से जड़े। यही प्रदर्शन उन्हें आईपीएल की नीलामी में ले आया। लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 2.6 करोड़ रुपये में खरीदा।
How is Mukul Chaudhari: परिवार का संघर्ष और पिता का अटूट विश्वास
मुकुल की सफलता के पीछे उनका परिवार खासतौर पर पिता दलिप कुमार चौधरी की भूमिका सबसे बड़ी है। दलिप जी एक शिक्षक हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे के सपने को कभी नहीं छोड़ा। मुकुल को सीकर की एसबीएस क्रिकेट अकादमी में भर्ती कराया गया। ट्रेनिंग का खर्च उठाने के लिए पूरा परिवार जयपुर शिफ्ट हो गया। यह फैसला आसान नहीं था लेकिन दलिप जी का विश्वास अटूट था। वे कहते हैं कि मुकुल का जुनून देखकर लगा कि यह लड़का कुछ बड़ा करेगा। पिता ने न सिर्फ आर्थिक मदद की बल्कि मानसिक रूप से भी बेटे को मजबूत बनाया। मुकुल अक्सर कहते हैं कि पिता का संघर्ष ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है।
How is Mukul Chaudhari: धोनी से मिली प्रेरणा, तेज गेंदबाज से बने फिनिशर
मुकुल की कहानी में महेंद्र सिंह धोनी का नाम बार-बार आता है। उन्होंने करियर की शुरुआत मध्यम गति के तेज गेंदबाज के रूप में की थी। लेकिन टीम की जरूरत देखते हुए विकेटकीपिंग अपनाई। धोनी की कप्तानी और फिनिशिंग स्किल ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। मुकुल कहते हैं कि धोनी को देखकर सीखा कि दबाव में कैसे शांत रहना है और मैच को पलटना है। उनकी बल्लेबाजी में धोनी का असर साफ दिखता है। लंबे शॉट्स, हेलीकॉप्टर जैसा स्विंग और आखिरी ओवरों में साहस। मुकुल ने खुद को न सिर्फ विकेटकीपर बल्कि भरोसेमंद फिनिशर के रूप में भी साबित कर दिया है।
How is Mukul Chaudhari: घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन ने खोला आईपीएल का दरवाजा
राजस्थान टीम के लिए खेलते हुए मुकुल ने कई मैचों में कमाल किया। अंडर-19 और अंडर-23 स्तर पर उनका बल्ला लगातार बोलता रहा। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनका स्ट्राइक रेट 199 था जो युवा खिलाड़ी के लिए कमाल का है। चयनकर्ताओं ने इन्हीं प्रदर्शनों को देखकर उन्हें आईपीएल के लिए तैयार माना। घरेलू सर्किट में मुकुल ने साबित किया कि वे सिर्फ टैलेंटेड नहीं बल्कि मेहनती भी हैं। जयपुर शिफ्ट होने के बाद उन्होंने रोजाना घंटों प्रैक्टिस की। विकेटकीपिंग और बैटिंग दोनों पर बराबर ध्यान दिया। यही मेहनत आज आईपीएल में रंग ला रही है।
How is Mukul Chaudhari: LSG की नीलामी रणनीति और मुकुल की खरीद
आईपीएल 2026 की नीलामी में मुकुल अनकैप्ड खिलाड़ी थे। लेकिन बोली इतनी तेज चली कि लखनऊ सुपर जायंट्स को 2.6 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े। फ्रैंचाइजी ने उन्हें न सिर्फ विकेटकीपिंग बैकअप के रूप में बल्कि लोअर ऑर्डर में पावर हिटर के रूप में चुना। कप्तान ऋषभ पंत और कोचिंग स्टाफ ने मुकुल में वह क्षमता देखी जो टीम को आखिरी ओवरों में मजबूती दे सकती है। यह खरीद अब साबित हो चुकी है। मुकुल ने सिर्फ एक मैच में ही अपनी कीमत वसूल कर ली।
How is Mukul Chaudhari: आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल पर असर और LSG की स्थिति
इस जीत के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स की पॉइंट्स टेबल में स्थिति मजबूत हुई। अब वे तीन मैचों में दो जीत के साथ बेहतर पोजीशन में हैं। केकेआर की हार ने उन्हें निचले हिस्से में धकेल दिया। मुकुल की पारी ने न सिर्फ मैच जिताया बल्कि टीम के नेट रन रेट को भी बचाया। क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की जीत से टीम का मनोबल बढ़ता है। लखनऊ अब अगले मैचों में आत्मविश्वास के साथ उतरेगी।
How is Mukul Chaudhari: क्रिकेट जगत की प्रतिक्रियाएं और मुकुल को मिली तारीफ
मैच के बाद मुकुल को प्लेयर ऑफ द मैच मिला। पूर्व खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने कहा कि यह पारी याद रखी जाएगी। धोनी ने भी सोशल मीडिया पर मुकुल को बधाई दी। लखनऊ के कोच ने कहा कि मुकुल ने दबाव को अपनी ताकत बना लिया। फैंस ईडेन गार्डेंस में मुकुल का नाम चिल्ला रहे थे। सोशल मीडिया पर #MukulChoudhary ट्रेंड कर रहा है। युवा खिलाड़ियों के लिए यह उदाहरण बन गया है कि मेहनत और सही मौके से सपने हकीकत बन सकते हैं।
How is Mukul Chaudhari: मुकुल की बल्लेबाजी का तकनीकी विश्लेषण
मुकुल की बैटिंग में लंबे लीवर, मजबूत कलाई और कोर स्ट्रेंथ सबसे खास है। उन्होंने डेथ ओवरों में 52 रन बनाए जो आईपीएल में कमाल का है। सात छक्के नंबर 7 या नीचे बल्लेबाजी करते हुए किसी भी खिलाड़ी के बराबर हैं। वे डॉट गेंदों को कम रखते हैं और हर गेंद पर रन बनाने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि दबाव में भी वे मैच पलट देते हैं।
How is Mukul Chaudhari: भविष्य की संभावनाएं और LSG के लिए मुकुल का महत्व
मुकुल अभी सिर्फ 21 साल के हैं। अगर वे इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो भारतीय टीम में जगह बनाना दूर नहीं। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए वे अब अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। अगले मैचों में उनकी भूमिका और बढ़ेगी। क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि मुकुल जैसे खिलाड़ी आईपीएल को नई दिशा देते हैं। छोटे शहरों से आने वाले टैलेंट को मौका मिले तो वे बड़े सितारे बन सकते हैं।
निष्कर्ष: एक नई उम्मीद की शुरुआत
मुकुल चौधरी की यह पारी सिर्फ एक मैच की कहानी नहीं है। यह उन हजारों युवाओं की कहानी है जो सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं। राजस्थान के झुंझुनू से ईडेन गार्डेंस तक का सफर आसान नहीं था लेकिन मुकुल ने साबित कर दिया कि सही रास्ते पर चलने से मंजिल जरूर मिलती है। लखनऊ सुपर जायंट्स को इस जीत से बहुत कुछ मिला है। मुकुल चौधरी का नाम अब हर क्रिकेट प्रेमी के दिल में बस चुका है।
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