Uttar Pradesh News: शिक्षकों को योगी सरकार की बड़ी सौगात. लगभग 15 लाख शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 358.61 करोड़ रुपये होगा खर्च
योगी सरकार ने 15 लाख शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी, 358.61 करोड़ का खर्च; बेसिक-माध्यमिक शिक्षा, शिक्षा मित्र, रसोइये सभी शामिल
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों को एक महत्वपूर्ण तोहफा देते हुए उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने मंत्रिपरिषद की बैठक के पश्चात यह जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना प्रदेश के लगभग 15 लाख शिक्षकों को लाभान्वित करेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना पर 358.61 करोड़ रुपये का व्यय होने का अनुमान है।
मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया निर्णय
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 30 प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के पश्चात निर्णय लिए गए। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण निर्णय शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का है। यह योजना न केवल बेसिक शिक्षा विभाग बल्कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को भी समाहित करती है।
Uttar Pradesh News: बेसिक शिक्षा के शिक्षकों को मिलेगा लाभ

बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत 11 लाख 95 हजार 391 शिक्षकों को इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस योजना में विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक और कर्मचारी सम्मिलित हैं:
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बेसिक शिक्षा परिषद: इसके अधीन कार्यरत 4 लाख 34 हजार 226 शिक्षक इस योजना के अंतर्गत आएंगे।
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सहायता प्राप्त स्कूल: अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत 13 हजार 380 शिक्षक भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
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शिक्षा मित्र और अनुदेशक: 1 लाख 42 हजार 929 शिक्षा मित्र और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 24 हजार 717 अनुदेशक भी इस सुविधा के पात्र होंगे।
स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक भी शामिल
इस योजना की एक विशेष बात यह है कि इसमें स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालयों के 4 लाख 72 हजार 735 शिक्षकों को भी सम्मिलित किया गया है। यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले इन शिक्षकों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय और पोषण योजना कर्मी
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत 7 हजार 479 वार्डन और शिक्षकों को भी यह लाभ मिलेगा। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत 97 हजार 344 रसोइयों और 2 हजार 581 विशेष शिक्षकों को भी इसमें शामिल किया गया है।
Uttar Pradesh News: माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को सुविधा
माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 3 लाख शिक्षकों को भी यह महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान की जाएगी। इसमें अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों, स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों और संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं।
परिवार के सदस्यों को भी मिलेगा लाभ
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी यह सुविधा प्रदान की गई है।
शिक्षक केवल सरकारी अस्पतालों में ही नहीं बल्कि निजी अस्पतालों में भी आईपीडी (IPD – In-Patient Department) अर्थात भर्ती होकर उपचार की कैशलेस सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
Uttar Pradesh News: योजना का महत्व और प्रभाव
यह योजना उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। 358.61 करोड़ रुपये के इस निवेश से लगभग 15 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी। यह पहल चिकित्सा आपातकाल में उन्हें नकद व्यवस्था की चिंता से मुक्त करेगी और निश्चित रूप से प्रदेश की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक होगी।
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