चाइनीज मांझे के खिलाफ सीएम योगी का सख्त एक्शन, पूरे उत्तर प्रदेश में छापेमारी के निर्देश, अब मौत को हत्या माना जाएगा
सीएम योगी ने पूरे यूपी में छापेमारी के निर्देश दिए। चाइनीज मांझे से मौत अब हत्या मानी जाएगी। लखनऊ में युवक शोएब की मौत के बाद कड़ा रुख
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चाइनीज मांझे से लगातार हो रही दुर्घटनाओं का संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब यूपी में चाइनीज मांझा प्रतिबंधित है तो फिर लोगों को यह कैसे मिल रहा है। सीएम योगी ने पुलिस प्रमुखों को तत्काल छापेमारी का निर्देश देते हुए कहा कि अब चाइनीज मांझे से होने वाली मृत्यु को हत्या के समान माना जाएगा। उन्होंने पूरे प्रदेश में व्यापक अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश व्यापी कार्यवाही की उच्च स्तर पर समीक्षा की जाएगी। यह कदम उस समय उठाया गया है जब लखनऊ में हाल ही में एक 32 वर्षीय युवक शोएब की चाइनीज मांझे के कारण मृत्यु हो गई। चाइनीज मांझे पर कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने प्रतिबंध लगाया हुआ है लेकिन फिर भी बाजार में धड़ल्ले से इसकी बिक्री हो रही है।
Uttar Pradesh News: लखनऊ में गई मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव की जान
लखनऊ में चाइनीज मांझे ने एक और जीवन ले लिया। 32 साल के शोएब जो पेशे से मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव थे मोटरसाइकिल से अपने काम पर जा रहे थे। हैदरगंज तिराहे के पास अचानक चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। यह मांझा इतना धारदार था कि तुरंत गहरी चोट लगी और शोएब खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने बिना देरी किए घायल शोएब को ट्रामा सेंटर पहुंचाया लेकिन दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चाइनीज मांझे की यह घातकता इसलिए है क्योंकि इसमें कांच के बारीक टुकड़े और धातु के तार मिले होते हैं जो इसे बेहद तेज और खतरनाक बना देते हैं। यह मांझा केवल पतंग काटने के लिए नहीं बल्कि जानलेवा हथियार बन चुका है। शोएब की मौत एक बार फिर साबित करती है कि चाइनीज मांझे पर सख्त कार्रवाई की कितनी जरूरत है।
चाइनीज मांझे के शिकार हुए कई लोग
पिछले एक साल में उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे से कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मार्च 2025 में निशातगंज में मोहम्मद आमिर चाइनीज मांझे की चपेट में आए। 28 फरवरी 2025 को गौरंग हुसैनगंज में चाइनीज मांझे से घायल हुए। 23 फरवरी 2025 को शुभम को चोट लगी। 21 फरवरी 2025 को रियान घायल हुए। 14 नवंबर 2024 को गोमती नगर में लवकुश को चोट आई। 10 जून 2024 को ठाकुरगंज में स्कूटी सवार व्यक्ति घायल हुआ। 28 जुलाई 2024 को विधान सभा के सामने दिलीप को चोट लगी।
25 अगस्त 2024 को मोहम्मद सैफ घायल हुए। यह सूची लंबी है और हर घटना इस बात का सबूत है कि चाइनीज मांझा कितना खतरनाक है। घायल हुए लोगों में दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक हैं क्योंकि उनकी गर्दन और चेहरा खुला रहता है। अधिकांश मामलों में गर्दन पर गहरी चोटें आई हैं जो घातक साबित हो सकती हैं।
Uttar Pradesh News: कानूनी प्रावधान और सजा के नियम
चाइनीज मांझा बेचने और खरीदने पर कड़े कानूनी प्रावधान हैं। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत चाइनीज मांझे की बिक्री या खरीद करने पर पांच साल तक की कठोर सजा और एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 188 के तहत छह महीने तक की कैद हो सकती है।
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत भी पांच साल तक की सजा और 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कानून इसलिए बनाए गए हैं क्योंकि चाइनीज मांझा न केवल मनुष्यों बल्कि पक्षियों के लिए भी घातक है। आकाश में उड़ते पक्षी अक्सर इस मांझे में फंस जाते हैं और उनके पंख कट जाते हैं जिससे उनकी मौत हो जाती है। इसलिए पर्यावरण और पशु संरक्षण दोनों कानूनों में इसे दंडनीय अपराध माना गया है।
प्रतिबंध के बावजूद बिक रहा मांझा
चाइनीज मांझे पर न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। फिर भी बाजार में यह मांझा धड़ल्ले से बिक रहा है और पतंगबाज दूसरों की पतंग काटने के लिए इसे खरीद रहे हैं। यह स्थिति कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। दुकानदार छिपकर यह मांझा बेचते हैं और खरीदार भी जानते हुए कि यह गैरकानूनी है इसे खरीदते हैं।
पतंगबाजी के शौकीनों में दूसरों की पतंग काटने की होड़ इतनी बढ़ गई है कि वे चाइनीज मांझे का खतरा नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोगों को यह एहसास ही नहीं है कि उनकी पतंग की डोर किसी की जान ले सकती है। सड़कों पर टूटी और उड़ती हुई मांझा की डोरें वाहन चालकों के लिए अदृश्य जाल बन जाती हैं। तेज रफ्तार में जब ये डोरें गर्दन या चेहरे से टकराती हैं तो गंभीर दुर्घटना हो जाती है।
Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री के निर्देश का महत्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश से अब उम्मीद की जा रही है कि चाइनीज मांझे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होगी। उच्च स्तर पर समीक्षा का मतलब है कि अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाएगा। अब चाइनीज मांझे से होने वाली मौत को हत्या मानने का निर्देश एक बड़ा कदम है। इससे मांझा बेचने और उपयोग करने वालों पर गंभीर मुकदमे चलाए जा सकेंगे।
पूरे प्रदेश में छापेमारी से यह उम्मीद की जा रही है कि जहां जहां यह मांझा स्टॉक में रखा है वहां से बरामद किया जाएगा। दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई से बिक्री पर रोक लगेगी। हालांकि इसके लिए जनता का सहयोग भी जरूरी है। लोगों को चाइनीज मांझे के खिलाफ जागरूक होना होगा और पारंपरिक सूती मांझे का उपयोग करना होगा।
सीएम योगी के इस फैसले से उम्मीद जगी है कि उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे का खतरा जल्द खत्म होगा। सख्त कार्रवाई और नियमित निगरानी से कई जानें बचाई जा सकती हैं।
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