पाक अफगान जंग में कूदा अमेरिका! अपने नागरिकों को दिया ये बड़ा आदेश, तुरंत छोड़ें ये इलाके

अमेरिकी दूतावास ने पाकिस्तान में नागरिकों को दिया बड़ा आदेश: तुरंत छोड़ें संवेदनशील और सैन्य इलाके

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Pakistan Afghanistan conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच छिड़ी जंग अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर आ गई है। इस युद्ध की आग अब इतनी भयावह हो गई है कि अमेरिका को भी मैदान में उतरना पड़ा है। हालांकि अमेरिका ने सैन्य हस्तक्षेप नहीं किया है, लेकिन पाकिस्तान में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर वह बेहद गंभीर हो गया है। पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक सख्त सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हुए अपने नागरिकों को संवेदनशील और सैन्य इलाकों को तत्काल छोड़ने का निर्देश दिया है। अमेरिकी दूतावास की इस एडवाइजरी ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है और यह संकेत दे रही है कि पाक अफगान संघर्ष कितना खतरनाक रूप ले चुका है।

Pakistan Afghanistan conflict: क्यों जारी हुई यह एडवाइजरी

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। तालिबान के ड्रोन हमलों और पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों देशों की सीमा पर हालात बेकाबू हो गए हैं। इस बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान में रहने वाले विदेशी नागरिकों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है।

अमेरिकी दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में साफ कहा है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के कारण पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रमुख शहरों में अपनी मौजूदगी काफी बढ़ा दी है। दूतावास ने चेताया है कि कानून प्रवर्तन सुविधाएं, सैन्य प्रतिष्ठान और प्रमुख व्यावसायिक केंद्र आतंकवादी संगठनों के संभावित निशाने पर हैं। इसीलिए इन जगहों के आसपास रहने वाले या इनसे गुजरने वाले अमेरिकी नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

Pakistan Afghanistan conflict:दूतावास ने दिए ये खास निर्देश

अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए कुछ बेहद जरूरी और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। सबसे पहली और अहम बात यह है कि अगर कोई अमेरिकी नागरिक अचानक किसी सैन्य गतिविधि वाले इलाके में खुद को पाए तो उसे तुरंत वह जगह छोड़नी होगी। बिना देर किए और बिना किसी से उलझे वहां से निकल जाना जरूरी है।

इसके अलावा दूतावास ने पीक आवर्स यानी भीड़भाड़ के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। बड़ी भीड़ वाली जगहों से दूर रहने को कहा गया है क्योंकि भीड़ में आतंकवादी हमलों का खतरा सबसे ज्यादा होता है। नागरिकों को अपने आसपास के माहौल के प्रति हमेशा सचेत रहना होगा और कम प्रोफाइल बनाए रखनी होगी।

Pakistan Afghanistan conflict: STEP प्रोग्राम में नामांकन की सलाह

अमेरिकी दूतावास ने अपने सभी नागरिकों से स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम यानी STEP में नामांकन कराने की सलाह दी है। यह प्रोग्राम अमेरिकी विदेश विभाग की एक खास सेवा है जिसके जरिए विदेश में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षा संबंधी अपडेट सीधे उनके पास पहुंचाए जाते हैं।

STEP में नामांकन कराने से आपात स्थिति में दूतावास आपसे तुरंत संपर्क कर सकता है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति में निकासी में भी मदद मिलती है। दूतावास ने यह भी कहा है कि जो नागरिक पहले से STEP में पंजीकृत हैं वे अपनी जानकारी अपडेट रखें।

Pakistan Afghanistan conflict: इन जगहों से मांगी जा सकती है मदद

अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों की मदद के लिए कई संपर्क सूत्र जारी किए हैं। पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास इस्लामाबाद के अलावा पेशावर, कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से भी संपर्क किया जा सकता है। किसी भी आपात स्थिति में अमेरिकी विदेश विभाग के कांसुलर अफेयर्स विभाग से भी मदद ली जा सकती है।

दूतावास ने नागरिकों को अमेरिका के बाहर से फोन करने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। इसके साथ ही अमेरिकी नागरिकों को पाकिस्तान देश सुरक्षा रिपोर्ट की समीक्षा करने की भी सलाह दी गई है ताकि वे जमीनी हालात को ठीक से समझ सकें।

Pakistan Afghanistan conflict: दुनिया भर की नजर इस जंग पर

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह संघर्ष अब सिर्फ दो देशों का मसला नहीं रहा। अमेरिका की एडवाइजरी के बाद यह साफ हो गया है कि दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति भी इस जंग को बेहद गंभीरता से ले रही है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी दोनों देशों से तत्काल युद्धविराम की अपील कर चुके हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस संघर्ष पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे। ट्रंप के इस बयान ने यह संकेत दिया है कि अमेरिका इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। हालांकि अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

Pakistan Afghanistan conflict: पाकिस्तान में हालात कितने खराब

पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में इस समय सुरक्षा बलों की तैनाती बेहद बढ़ा दी गई है। इस्लामाबाद, पेशावर, कराची और लाहौर जैसा बड़े शहरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सरकारी इमारतों, दूतावासों और सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास कड़ी नाकाबंदी की गई है।

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण हैं क्योंकि यह इलाका अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है। इस प्रांत के कई इलाकों में आम नागरिकों की आवाजाही पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। पाकिस्तान सरकार ने देश में हाई अलर्ट जारी किया हुआ है।

Pakistan Afghanistan conflict: भारत की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर

भारत इस पूरे संघर्ष पर बेहद करीबी नजर रख रहा है। पड़ोसी देश में जारी यह जंग भारत की सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है। भारत सरकार ने अभी तक इस मामले पर सतर्कता भरा रुख अपनाया है और स्थिति को ध्यान से देख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में अस्थिरता का असर पूरे दक्षिण एशिया पर पड़ सकता है।

आगे क्या होगा

अमेरिकी एडवाइजरी और ट्रंप के हस्तक्षेप के बयान के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाता है। क्या अमेरिका दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कराएगा या संघर्ष और बढ़ेगा, यह सवाल अभी अनुत्तरित है। फिलहाल पाकिस्तान में रह रहे हर विदेशी नागरिक के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी सरकार की एडवाइजरी का पालन करें और सुरक्षित रहें।

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