UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश का 9.12 लाख करोड़ का बजट: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था से भी बड़ा आंकड़ा

उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक 9.12 लाख करोड़ बजट, पाकिस्तान से बड़ा, विकास पर फोकस

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UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत 9.12 लाख करोड़ रुपये का यह बजट न केवल प्रदेश के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के संपूर्ण राष्ट्रीय बजट से भी काफी बड़ा है। यह बजट पाकिस्तान के बजट से लगभग 1.5 गुना अधिक है और बांग्लादेश, नेपाल तथा श्रीलंका के संयुक्त बजट से भी बड़ा बताया जा रहा है। यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश की आर्थिक शक्ति और विकास की गति को दर्शाता है।

UP Budget 2026: पाकिस्तान के बजट से तुलना

जब उत्तर प्रदेश के 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट की तुलना पाकिस्तान के वित्तीय वर्ष 2025-26 के संघीय बजट से की जाती है, तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पाकिस्तान का कुल संघीय बजट 17.573 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 5.69 लाख करोड़ रुपये के बराबर होता है। इसका मतलब है कि भारत के केवल एक राज्य का बजट पूरे पाकिस्तान के राष्ट्रीय बजट से करीब 60 प्रतिशत अधिक है।

यह तुलना उत्तर प्रदेश की आर्थिक क्षमता को उजागर करती है। लगभग 25 करोड़ की आबादी वाला यह राज्य अगर एक स्वतंत्र देश होता, तो दुनिया का पांचवां सबसे अधिक आबादी वाला देश होता। इस विशाल जनसंख्या के साथ-साथ राज्य की आर्थिक गतिविधियां भी व्यापक हैं, जो इस विशाल बजट को न्यायोचित ठहराती हैं।

अन्य पड़ोसी देशों से तुलना

उत्तर प्रदेश का बजट केवल पाकिस्तान से ही नहीं बल्कि अन्य पड़ोसी देशों के बजट से भी बड़ा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह बजट बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के संयुक्त राष्ट्रीय बजट से भी अधिक है। बांग्लादेश का वार्षिक बजट लगभग 5.5 लाख करोड़ रुपये, नेपाल का लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये और श्रीलंका का बजट लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये है।

जब इन तीनों देशों के बजट को जोड़ा जाता है, तो यह लगभग 8.3 लाख करोड़ रुपये होता है, जो उत्तर प्रदेश के 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट से कम है। यह तुलना भारत के सबसे बड़े राज्य की आर्थिक शक्ति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

पूंजीगत व्यय पर जोर

उत्तर प्रदेश के बजट की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि कुल बजट का 19.5 प्रतिशत हिस्सा पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किया गया है। पूंजीगत व्यय का मतलब है सड़कें, पुल, स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में किया जाने वाला खर्च, जो दीर्घकालीन विकास को बढ़ावा देता है।

UP Budget 2026: शिक्षा क्षेत्र के लिए विशेष आवंटन

बजट में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसके लिए कुल परिव्यय का 12.4 प्रतिशत यानी लगभग 1.13 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह आवंटन राज्य में शैक्षणिक अवसंरचना को मजबूत करने, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने और छात्रों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट का छह प्रतिशत यानी लगभग 54,700 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। यह आवंटन राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क इलाज की सुविधा का विस्तार किया जाएगा।

कृषि और किसान कल्याण

कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए कुल बजट का नौ प्रतिशत यानी लगभग 82,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह आवंटन किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने और कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए है।

अयोध्या के विकास पर विशेष ध्यान

उत्तर प्रदेश श्री अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के लिए अयोध्या क्षेत्र में पर्यटन अवसंरचना विकास हेतु 150 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। अयोध्या को एक विश्वस्तरीय तीर्थ स्थल और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, जो न केवल धार्मिक महत्व का होगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगा।

औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षण

बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तार एवं नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश और फॉर्च्यून 500 कंपनियों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन नीति 2023 के तहत 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

रोजगार सृजन और युवा कल्याण

बजट में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा ताकि युवाओं को रोजगार योग्य बनाया जा सके। स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की जाएंगी।

राजकोषीय अनुशासन और पारदर्शिता

बजट की एक महत्वपूर्ण विशेषता राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि राजकोषीय घाटा तीन प्रतिशत की सीमा के भीतर रहेगा। सार्वजनिक व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी।

उत्तर प्रदेश का 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट न केवल एक वित्तीय दस्तावेज है बल्कि राज्य की विकास यात्रा का रोडमैप है। यह संकेत देती है कि उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनता जा रहा है।

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