ट्रंप का चौंकाने वाला दावा,- मेरे दखल के बिना परमाणु युद्ध में मर जाते 3 करोड़ लोग
भारत-पाक संघर्ष में ट्रंप ने फिर लिया श्रेय, कहा- हस्तक्षेप न होता तो परमाणु युद्ध में 3 करोड़ मौतें
Operation Sindoor: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान के बीच हुए कथित संघर्ष को अपने नाम करने का दावा किया है। अपने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में ट्रंप ने सांसदों को बताया कि उनके हस्तक्षेप के बिना भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध छिड़ जाता, जिसमें 3 करोड़ लोग मारे जाते।
Operation Sindoor: ट्रंप का दावा और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का बयान
ट्रंप ने कहा, “पाकिस्तान और भारत के बीच परमाणु युद्ध छिड़ जाता। अगर मैंने हस्तक्षेप न किया होता तो इस युद्ध में 3 करोड़ लोग मारे जाते। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री (शहबाज शरीफ) ने ऐसा मुझे कहा था।”
यह दावा उस घटनाक्रम के बाद आया है जब ट्रंप ने 31 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष को रुकवाने का श्रेय लिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अगर वे अपने मतभेद नहीं सुलझाते हैं तो ट्रेड बातचीत रोक दी जाएगी।
Operation Sindoor: 80 से ज़्यादा बार दोहराया गया दावा
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का दावा किया है। हाल के महीनों में, ट्रंप ने 80 से ज़्यादा बार दावा किया है कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने वाले वो ही थे। अलग-अलग मौकों पर उन्होंने संघर्ष के दौरान गिराए गए जेट विमानों के बारे में अलग-अलग आंकड़े भी दिए हैं। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वे अपनी बात में किस पक्ष के एयरक्राफ़्ट की बात कर रहे थे।
Operation Sindoor: भारत का पक्ष और आधिकारिक बयान
भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि भारत हमेशा अपने सैन्य निर्णयों और रक्षा नीतियों के संबंध में अपनी संप्रभुता बनाए रखता है।
Operation Sindoor: अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हस्तक्षेप के आरोप
ट्रंप के बार-बार किए जा रहे दावों से यह सवाल उठता है कि क्या कोई देश अपनी घरेलू राजनीति के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच के संवेदनशील संबंधों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अनुचित रूप से प्रभावित कर सकता है। भारत हमेशा से अपनी विदेश नीति में स्वतंत्र रहा है और किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को गंभीरता से लेता है।
भारत-पाक संबंध: एक संवेदनशील विषय
भारत और पाकिस्तान के बीच के संबंध हमेशा से जटिल रहे हैं। दोनों देशों के बीच कई विवाद, संघर्ष और युद्धविराम के उल्लंघन की घटनाएं होती रही हैं। ऐसे में कोई भी बाहरी हस्तक्षेप दोनों देशों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
Operation Sindoor: अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया
अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस तरह के दावों पर सावधानी से नजर रखता है। संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय निकाय अक्सर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे किसी एक देश के दावे को स्वीकार नहीं कर सकते।
Operation Sindoor: भारत की रणनीतिक स्वायत्तता
भारत हमेशा से अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को महत्व देता है। भारत की विदेश नीति किसी अन्य देश के हस्तक्षेप के बिना, भारत के राष्ट्रीय हितों के आधार पर तय की जाती है। भारत की साख और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा उसकी स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर निर्भर करती है।
Operation Sindoor: ऐतिहासिक संदर्भ और समानताएं
यह पहली बार नहीं है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा किया हो। पिछले दशकों में ऐसे कई उदाहरण रहे हैं, लेकिन भारत हमेशा स्पष्ट रहा है कि वह अपनी रक्षा और विदेश नीति के मामलों में किसी की सलाह नहीं लेता।
Operation Sindoor: भविष्य की संभावनाएं
यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत इस दावे पर क्या प्रतिक्रिया देता है। भारत की विदेश नीति का इतिहास रहा है कि वह स्पष्ट और संतुलित बयान देता है, जो देश के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखता है।
निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रंप के दावे भारत की संप्रभुता और विदेश नीति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाते हैं। भारत हमेशा से अपने निर्णयों को अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर लेता है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को गंभीरता से लेता है। आने वाले दिनों में इस मामले पर भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया का सभी को इंतजार रहेगा।
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