ट्रंप का बड़ा ऐलान! ईरान पर हमला तब तक जारी रहेगा जब तक यह नहीं होगा
खामेनेई की मौत के बाद ईरान पर 4 हफ्ते तक हमले जारी, ट्रंप ने कहा- सरेंडर करो या मौत तैयार रहो
Trump Iran statement: अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में बता दिया है कि ईरान पर हमले कब तक जारी रहेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया है कि ईरान का पूरा सैन्य कमान लगभग खत्म हो चुका है और बचे हुए अधिकारी सरेंडर करने की स्थिति में हैं। साथ ही ट्रंप ने ईरानी सेना को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि या तो हथियार डालो या निश्चित मौत का सामना करो। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने अपना वादा पूरा कर दिया है।
Trump Iran statement: ट्रंप बोले, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जारी है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया के सामने आते हुए कहा कि बीते 36 घंटों से अमेरिका और सहयोगी देशों ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किया हुआ है। इस अभियान में ईरान के सैकड़ों सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं जिनमें ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के अड्डे और ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। ट्रंप ने बताया कि इस अभियान में ईरान के नौ जहाज तबाह कर दिए गए हैं और उनका नेवी हेडक्वार्टर भी नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो चुकी है। ट्रंप के मुताबिक खामेनेई की मौत के बाद ईरान की जनता सड़कों पर जश्न मनाती दिखी जो यह साबित करता है कि ईरानी जनता खुद इस शासन से मुक्ति चाहती थी।
Trump Iran statement: जंग कब तक चलेगी, ट्रंप ने दिया सीधा जवाब
ट्रंप ने साफ कहा कि यह युद्ध अभियान पूरी ताकत के साथ तब तक जारी रहेगा जब तक अमेरिका के सारे मकसद पूरे नहीं हो जाते। उन्होंने डेली मेल को दिए साक्षात्कार में संकेत दिया कि यह अभियान अगले चार सप्ताह तक चल सकता है। ट्रंप ने कहा कि यह हमेशा से चार सप्ताह की प्रक्रिया रही है और ईरान एक बड़ा देश है इसलिए इसमें उतना वक्त लग सकता है। ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि अमेरिका एक बार फिर से दुनिया का सबसे अमीर और सबसे ताकतवर देश है। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की मिसाइलों और परमाणु हथियारों से लैस किसी चरमपंथी शासन को अमेरिका किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
Trump Iran statement: ईरानी सेना को खुली चेतावनी
ट्रंप का यह बयान अपने आप में बेहद कड़ा था। उन्होंने सीधे ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, ईरानी सेना और पुलिस को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने हथियार डाल दें और पूरी सुरक्षा प्राप्त करें। ट्रंप ने साफ चेताया कि जो ऐसा नहीं करेगा वह निश्चित मौत का सामना करेगा। इससे पहले भी ट्रंप ने कह चुके हैं कि इस बार ईरान पर ऐसा हमला किया जाएगा जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इस संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान के 48 शीर्ष नेताओं का एक साथ सफाया हो गया है। उन्होंने कहा कि ईरान का मिलिट्री चीफ मुसावी भी इस हमले में मारा गया है। ट्रंप के अनुसार ईरान का पूरा सैन्य कमान ढह चुका है और जो बचे हैं वे सरेंडर करने को तैयार हैं।
Trump Iran statement: ईरानी देशभक्तों से की अपील
ट्रंप ने अपने बयान में ईरान की जनता को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता के लिए तरस रहे सभी ईरानी देशभक्तों से अपील करते हैं कि वे इस ऐतिहासिक मौके का फायदा उठाएं। उन्होंने कहा कि बहादुर बनो, साहसी बनो, वीर बनो और अपना देश वापस लो क्योंकि अमेरिका तुम्हारे साथ है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरानी जनता से एक वादा किया था और आज वह वादा पूरा हो गया है। उनके इस बयान के बाद अमेरिका के लॉस एंजिल्स में हजारों ईरानी मूल के लोग सड़कों पर उतर आए। इन लोगों ने इस्लामिक क्रांति से पहले का ईरानी झंडा लहराया और ईरान की आजादी के नारे लगाए।
Trump Iran statement: करीब 50 साल से चले आ रहे तनाव का हवाला
ट्रंप ने अपने बयान में ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि करीब 50 साल से दुष्ट चरमपंथी अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाते हुए हमले करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवाद प्रायोजक देश है और ऐसी धमकियां अब और नहीं चलेंगी। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि यह कदम इसलिए जरूरी था ताकि आने वाली पीढ़ियों को किसी आतंकी शासन के परमाणु हथियारों का सामना न करना पड़े।
Trump Iran statement: ट्रंप के बयान पर दुनिया की प्रतिक्रिया
ट्रंप के इस बड़े बयान के बाद दुनिया भर में प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रंप के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि हमले जारी रहेंगे और तेहरान पर कार्रवाई और तेज होगी। वहीं चीन ने सैन्य कार्रवाई को तत्काल रोकने की मांग की और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। अमेरिका के भीतर भी विरोध के स्वर उठे हैं। डेमोक्रेट नेताओं और कुछ सांसदों ने ट्रंप की इस एकतरफा कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पाकिस्तान और तुर्की सहित कई मुस्लिम देशों ने भी ईरान पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। ईरान के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
Trump Iran statement: आगे क्या होगा
फिलहाल स्थिति यह है कि ट्रंप के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि अमेरिका निकट भविष्य में ईरान पर दबाव बनाना बंद नहीं करेगा। ट्रंप के चार सप्ताह वाले बयान से अनुमान लगाया जा रहा है कि यह संघर्ष मार्च के अंत तक किसी नतीजे पर पहुंच सकता है। लेकिन ईरान के तेवर देखकर यह कहना मुश्किल है कि वह इतनी आसानी से हार मान लेगा। जामकरन मस्जिद पर फहराया गया लाल झंडा और ईरानी सैन्य कमांडरों के बयान साफ संकेत दे रहे हैं कि यह जंग अभी लंबी चलेगी। दुनिया अब ट्रंप के उस वादे का इंतजार कर रही है जो उन्होंने पूरा होने का दावा तो किया है लेकिन उसके नतीजे अभी सामने आने बाकी हैं।
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