हरिद्वार में धार्मिक गरिमा की रक्षा: शहर के अंदर से हटाई जाएंगी सभी कच्चे मांस की दुकानें, सराय गांव में तैयार 57 नई दुकानें, नगर निगम बोर्ड का बड़ा फैसला

हरिद्वार नगर निगम ने शहर से सभी कच्चे मांस की दुकानों को हटाने का फैसला किया, सराय गांव में 57 नई दुकानें तैयार, अर्धकुंभ मेला 2027 की तैयारियों के बीच धार्मिक मर्यादा पर जोर

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Haridwar News: उत्तराखंड की धार्मिक नगरी हरिद्वार में एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। नगर निगम ने तय किया है कि शहर के शहरी इलाकों से लाइसेंस प्राप्त हो या अवैध, सभी कच्चे मांस की दुकानों को पूरी तरह बाहर कर दिया जाएगा। इन दुकानों को पास के सराय गांव में शिफ्ट किया जाएगा, जहां पहले से ही 57 नई दुकानें बनाई जा चुकी हैं। यह कदम अगले साल होने वाले अर्धकुंभ मेले की तैयारियों के बीच उठाया गया है और इसका मुख्य मकसद श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करना है। सोमवार को हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में यह प्रस्ताव बहुमत से पास हो गया।

Haridwar News: नगर निगम बोर्ड की बैठक में हुआ ऐतिहासिक फैसला

हरिद्वार नगर निगम की बोर्ड बैठक में मांस दुकानों को हटाने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में था। महापौर किरण जायसवाल ने स्पष्ट किया कि शहर में चल रही हर प्रकार की मांस दुकानें, चाहे वे लाइसेंस वाली हों या बिना लाइसेंस की, अब सराय गांव में स्थानांतरित की जाएंगी। नगर निगम ने सराय गांव में विशेष रूप से 57 दुकानें तैयार कराई हैं ताकि व्यापारियों को कोई परेशानी न हो और वे अपनी रोजी-रोटी चला सकें।

Haridwar News: 1935 के उपनियमों में अब और सख्ती

नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि 1935 के पुराने उपनियमों के मुताबिक हर की पौड़ी के पांच किलोमीटर के दायरे में मांस, शराब और अंडे की बिक्री व सेवन पर पहले से प्रतिबंध है। अब नए संशोधन के बाद यह प्रतिबंध पूरे शहरी क्षेत्र तक बढ़ा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बदलाव शहर की स्वच्छता और धार्मिक माहौल को और मजबूत बनाएगा।

Haridwar News: हरिद्वार की धार्मिक पहचान और श्रद्धालुओं की भावनाएं

हरिद्वार को गंगा नदी के किनारे बसा एक प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है। महापौर किरण जायसवाल ने कहा कि यह फैसला उन लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है जो हरिद्वार को केवल एक शहर नहीं बल्कि पवित्र धाम मानते हैं। अर्धकुंभ मेला आने वाला है और उस दौरान करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। ऐसे में शहर के बीचों-बीच कच्चे मांस की दुकानों का होना कई श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाता था।

Haridwar News: कांग्रेस का विरोध, महापौर का पलटवार

बैठक में कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने प्रस्ताव का विरोध किया। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि उनकी पार्टी मांस के साथ-साथ शराब और अंडे की बिक्री व सेवन पर मौजूदा नियमों को सख्ती से लागू करने की पक्षधर है। उन्होंने तर्क दिया कि सिर्फ दुकानों को शहर से बाहर भेजने भर से धार्मिक भावनाओं की पूरी सुरक्षा नहीं होगी। महापौर किरण जायसवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि नगर निगम का यह फैसला राजनीति से ऊपर उठकर लिया गया है और इसका मकसद केवल श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा करना है।

Haridwar News: अर्धकुंभ मेला 2027 की तैयारियों में यह अहम कदम

अगले साल हरिद्वार में अर्धकुंभ मेला होने वाला है। इस मेले में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचने वाले हैं। ऐसे में नगर निगम ने पहले से ही कई तैयारियां शुरू कर दी हैं। मांस दुकानों को हटाने का फैसला भी इन्हीं तैयारियों का हिस्सा है। मेले के दौरान गंगा किनारे साफ-सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा।

Haridwar News: व्यापारियों और स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ेगा

सराय गांव में 57 दुकानें तैयार हैं, जिनमें बेहतर सुविधाएं दी गई हैं। हालांकि कुछ व्यापारियों को दुकान शिफ्ट करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम का वादा है कि इस प्रक्रिया में किसी भी व्यापारी को नुकसान नहीं होगा। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इस फैसले का स्वागत हो रहा है। कई लोग कह रहे हैं कि हरिद्वार जैसी धार्मिक नगरी में मांस की दुकानों का होना ठीक नहीं था।

Haridwar News: स्वच्छता और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

यह फैसला न केवल धार्मिक भावनाओं की रक्षा करेगा बल्कि हरिद्वार को स्वच्छ और आधुनिक तीर्थ स्थल के रूप में भी स्थापित करेगा। गंगा की पवित्रता बनाए रखना हरिद्वार प्रशासन की प्राथमिकता रही है। मांस दुकानों को बाहर करने से गंदगी का खतरा कम होगा और पर्यावरण भी स्वस्थ रहेगा। आने वाले दिनों में और सख्त नियम लागू किए जा सकते हैं ताकि हरिद्वार की छवि हमेशा आध्यात्मिक नगरी के रूप में बनी रहे।

Haridwar News: भविष्य की दिशा और अपेक्षाएं

नगर निगम का यह फैसला एक मिसाल बन सकता है। महापौर किरण जायसवाल ने सभी से अपील की है कि इस फैसले का स्वागत करें और शहर की धार्मिक गरिमा को बनाए रखने में सहयोग दें। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने भी कहा कि प्रशासन इस बदलाव को सुचारू रूप से लागू करेगा। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने हालांकि चेतावनी दी कि सिर्फ दुकानें हटाने से काम नहीं चलेगा, पुराने नियमों को भी सख्ती से लागू करना होगा।

निष्कर्ष

हरिद्वार नगर निगम का यह फैसला धार्मिक नगरी की पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 57 नई दुकानों के साथ व्यापारियों को नई शुरुआत का मौका मिलेगा और श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के अपनी आस्था निभाने का अवसर। अर्धकुंभ मेले की तैयारी में यह बदलाव शहर को और अधिक आकर्षक और पवित्र बना देगा।

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