लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सपा देगी समर्थन, सपा प्रवक्ता रामगोपाल यादव का ने किया ऐलान
रामगोपाल यादव का ऐलान, कांग्रेस बोली अंतिम विकल्प, संसद में पक्षपात पर विपक्ष हमलावर
Ram Gopal Yadav: संसद के बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच एक नया राजनीतिक मोर्चा खुल गया है। विपक्षी दल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने साफ शब्दों में कहा कि यदि विपक्षी दलों द्वारा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है तो समाजवादी पार्टी इसका पूर्ण समर्थन करेगी।
हालांकि कांग्रेस ने इसे “अंतिम विकल्प” बताते हुए कहा है कि पार्टी की भरपूर कोशिश होगी कि ऐसी स्थिति न आए, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो विपक्ष इस कदम से पीछे नहीं हटेगा। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला का व्यवहार प्रतिपक्ष के प्रति पक्षपातपूर्ण है और वे विपक्षी सांसदों को बोलने नहीं देते।
सपा देगी पूरा समर्थन: रामगोपाल यादव
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा:
“अगर विपक्षी दलों के द्वारा लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है तो समाजवादी पार्टी सदन में इसका समर्थन करेगी। हमारी पार्टी अविश्वास प्रस्ताव का साथ देगी।”
रामगोपाल यादव का यह बयान विपक्ष की एकजुटता को दर्शाता है। समाजवादी पार्टी, जो उत्तर प्रदेश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है और लोकसभा में महत्वपूर्ण संख्या में सांसद रखती है, का यह समर्थन विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस: यह अंतिम विकल्प है
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “भारत के संविधान में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है पर वो एक अंतिम विकल्प के रूप में हो सकता है। मैं यहीं कह सकता हूं कि हमारा भरपूर प्रयास होगा कि ऐसी स्थिति कभी भी नहीं आए।”
प्रमोद तिवारी ने आगे कहा, “लेकिन, जब आएगा तो हम निश्चित रूप से सबसे पहले मीडिया के सामने आएंगे और बताएंगे। लेकिन ये हमारा अंतिम विकल्प होगा।”
यह बयान दर्शाता है कि कांग्रेस अभी भी स्थिति को सुलझाने के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहती है, लेकिन यदि स्पीकर का व्यवहार नहीं बदला तो पार्टी कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा।
Ram Gopal Yadav: ट्रंप और भारत-अमेरिका डील पर तीखा हमला
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने बीजेपी सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
“अब तो भारत के गांव और शहरों के बच्चे हंस रहे हैं कि 56 इंच के सीने वाले प्रधानमंत्री तीन महिला सांसदों के वेल में आने से डर गए, घबरा गए। डर उनको महिलाओं से नहीं था, ‘ट्रंप पापा’ से था। वो क्या बोलेंगे भारत अमेरिका डील पर… पूरी ही समर्पण कर दिया है।”
यह बयान हाल ही में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संदर्भ में दिया गया है, जिस पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।
स्पीकर के व्यवहार पर गंभीर आरोप
कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “जिस तरह से ओम बिरला व्यवहार कर रहे हैं वो आश्चर्यचकित करने वाला है, वो लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को कमजोर करने वाला है।”
विपक्ष की मुख्य शिकायतें:
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पक्षपातपूर्ण व्यवहार: राजपूत ने कहा कि लगातार स्पीकर का व्यवहार प्रतिपक्ष के प्रति सौतेला रहता है।
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बोलने नहीं देना: प्रतिपक्ष के सांसदों को बोलने नहीं दिया जाता है।
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लोकतंत्र के लिए खतरा: राजपूत ने कहा, “ये लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय है कि अगर सदन की चेयर ही अपने बच्चों से सौतेला व्यवहार करेगी तो सदन कैसे चलेगा।”
विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सत्ता पक्ष के सांसदों को तो खुलकर बोलने देते हैं लेकिन विपक्षी सांसदों को उचित समय नहीं मिलता।
Ram Gopal Yadav: राहुल गांधी को बोलने का मुद्दा
कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट ऐलान किया है कि जब तक नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने का अवसर नहीं दिया जाएगा, तब तक कांग्रेस सांसद सदन की कार्रवाई सामान्य रूप से नहीं चलने देंगे।
यह मुद्दा संसद में गतिरोध का मुख्य कारण बन गया है। विपक्ष का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी को महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन उन्हें यह अवसर नहीं दिया जा रहा है।
अविश्वास प्रस्ताव: एक दुर्लभ कदम
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना एक अत्यंत दुर्लभ और गंभीर संसदीय कदम है। भारतीय संसदीय इतिहास में ऐसे कदम बहुत कम उठाए गए हैं।
अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया:
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संविधान में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान है
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इसके लिए निर्धारित संख्या में सांसदों के हस्ताक्षर चाहिए
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प्रस्ताव पारित होने के लिए सदन में बहुमत जरूरी है
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यदि प्रस्ताव पारित हो जाता है तो स्पीकर को पद छोड़ना पड़ता है
हालांकि, वर्तमान लोकसभा में सत्ता पक्ष के पास स्पष्ट बहुमत है, इसलिए अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की संभावना कम है। लेकिन विपक्ष का उद्देश्य नैतिक दबाव बनाना और अपनी बात रखना है।
Ram Gopal Yadav: संसद में जारी गतिरोध
लोकसभा में सत्ता पक्ष और विरोधी दलों के बीच गंभीर गतिरोध बना हुआ है। बजट सत्र की शुरुआत से ही दोनों पक्षों के बीच तनातनी जारी है।
गतिरोध के मुख्य मुद्दे:
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
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असम के मुख्यमंत्री के विवादित वीडियो
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विपक्ष के सांसदों को बोलने न देना
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राहुल गांधी को समय न मिलना
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स्पीकर का कथित पक्षपातपूर्ण व्यवहार
विपक्षी दल इन मुद्दों पर सरकार को घेरना चाहते हैं लेकिन उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ रही है। यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ और विपक्ष वास्तव में अविश्वास प्रस्ताव लाता है, तो यह संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना होगी।
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