1999 की सच्ची घटनाओं पर आधारित ये क्राइम थ्रिलर सीरीज 27 फरवरी से Zee5 पर होगी स्ट्रीम, गायब होते मंगलसूत्र और बढ़ती लाशों का रहस्य करेगा रोंगटे खड़े

'थडयम' Zee5 पर 27 फरवरी से: 1999 की सच्ची हत्याओं से प्रेरित सस्पेंस क्राइम थ्रिलर, समुथिरकानी और शिवदा मुख्य भूमिका में; मंगलसूत्र चोरी का डरावना पैटर्न

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Thadam: सस्पेंस और क्राइम थ्रिलर के दीवानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। तमिल सिनेमा की नई और बेहद चर्चित वेब सीरीज ‘थडयम’ 27 फरवरी से Zee5 के तमिल प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होने के लिए पूरी तरह तैयार है। ‘थडयम’ का अर्थ होता है ‘सुराग’ और यह सीरीज 1999 में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की सीमा पर घटी वास्तविक और दिल दहला देने वाली घटनाओं से प्रेरित है। मेकर्स द्वारा जारी किए गए टीजर ने ही दर्शकों के बीच सिहरन पैदा कर दी है और सीरीज को लेकर उत्सुकता चरम पर है।

क्या है ‘Thadam’ की कहानी

नवीनकुमार पलानिवेल द्वारा लिखित और निर्देशित यह सीरीज एक ऐसी डरावनी रात की जांच के इर्द-गिर्द घूमती है जहां सच्चाई विश्वास की गहरी परतों के पीछे छिपी है। कहानी की शुरुआत तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश सीमा के छोटे समुदायों में हुई सिलसिलेवार रहस्यमयी हत्याओं से होती है। इन हत्याओं में एक बेहद अजीब और परेशान करने वाला पैटर्न है। हत्यारा हर वारदात के बाद केवल एक ही चीज अपने साथ ले जाता है और वह है शादी की पवित्र निशानी मंगलसूत्र या ताली। जैसे-जैसे लाशों की संख्या बढ़ती है स्थानीय लोगों में डर और अंधविश्वास फैलने लगता है और लोग इसे किसी पौराणिक श्राप या बुरी ताकत से जोड़ने लगते हैं। इसी बीच एक नए ट्रांसफर होकर आए पुलिस अधिकारी को इन हत्याओं के पीछे किसी रस्म से जुड़े होने का संदेह होता है जिससे जांच एक नया और डरावना मोड़ ले लेती है।

मजबूत कास्ट और दमदार किरदार

सीरीज में मंझे हुए कलाकारों की दमदार टीम है। मशहूर अभिनेता और निर्देशक समुथिरकानी ने SI अधियामन का किरदार निभाया है। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य फिल्मी पुलिस की कहानी नहीं है बल्कि यह सब्र, सूक्ष्म अवलोकन और मानवीय मनोविज्ञान को समझने की यात्रा है। अधियामन एक जमीन से जुड़ा अधिकारी है जो अनसुलझे सवालों के बीच रास्ता खोजने की कोशिश करता है। अभिनेत्री शिवदा इंस्पेक्टर लक्ष्मी के रूप में नजर आएंगी। उन्होंने बताया कि ‘थडयम’ अपने पात्रों को केवल जांच तक सीमित नहीं रखती बल्कि उन्हें डरावने माहौल के बोझ को महसूस करने का भी मौका देती है।

Thadam: निर्देशक का नजरिया

निर्देशक नवीनकुमार पलानिवेल ने स्पष्ट किया कि ‘थडयम’ केवल एक अपराध कथा नहीं है बल्कि यह ग्रामीण समाज में डर और विश्वास की गहरी खोज है। उन्होंने कहा कि इस सच्ची कहानी का वह पहलू उन्हें सबसे ज्यादा पसंद आया जहां अपराधी किसी बेहद भावनात्मक और पवित्र चीज को निशाना बनाता है। निर्देशक ने कहा कि वे इस कहानी को ऐसे यथार्थवाद के साथ बताना चाहते थे जो स्क्रीन बंद होने के बाद भी दर्शकों के दिमाग में बना रहे।

‘थडयम’ अपनी भावनात्मक गहराई और डरावने परिवेश के अनोखे संतुलन के साथ क्राइम थ्रिलर के शौकीनों के लिए इस साल की सबसे खास सीरीज साबित हो सकती है। 27 फरवरी की तारीख नोट कर लें और इसे अपनी वॉचलिस्ट में जरूर जोड़ लें।

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