तालिबान ने पाकिस्तान के उस एयरबेस को उड़ाया जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया था!

भारत के ऑपरेशन सिंदूर से तबाह एयरबेस फिर निशाना, रावलपिंडी-क्वेटा-खैबर पर ड्रोन हमले

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Taliban Pakistan airbase: मिडिल ईस्ट में जंग की आग धधक रही है और इसी बीच अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर एक के बाद एक बड़े हमले कर दिए हैं। तालिबान ने रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस, क्वेटा के सैन्य मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा को निशाना बनाया है। इस हमले ने पूरे दक्षिण एशिया की भू राजनीति को हिला दिया है।

Taliban Pakistan airbase: दक्षिण एशिया में उठा एक बड़ा सैन्य तूफान

दुनिया का ध्यान इस वक्त मिडिल ईस्ट पर टिका हुआ है जहाँ अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच भीषण युद्ध जारी है। लेकिन इसी दौरान दक्षिण एशिया में भी एक बड़ा तूफान उठ खड़ा हुआ है। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर एक साथ कई मोर्चों पर जबरदस्त हमले किए हैं और इन हमलों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। अफगानिस्तान की रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों की आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान की उन हरकतों का जवाब है जिसमें काबुल, बगराम और दूसरे इलाकों को निशाना बनाया गया था।

Taliban Pakistan airbase: नूर खान एयरबेस पर ड्रोन अटैक

अफगानिस्तान के इस पूरे हमले में सबसे चौंकाने वाला निशाना है पाकिस्तान के रावलपिंडी में स्थित नूर खान एयरबेस। तालिबान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने इस हमले की तस्वीरें भी जारी की हैं जिनमें ड्रोन से एयरबेस को निशाना बनाते हुए साफ देखा जा सकता है। तस्वीरों में एयरबेस के पास फाइटर प्लेन खड़े नजर आ रहे हैं और उनके आसपास धुएँ के गुबार उठते दिख रहे हैं। यह वही नूर खान एयरबेस है जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तबाह कर दिया था। उस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई अहम सैन्य ठिकानों को सटीक निशाने पर लिया था और नूर खान एयरबेस उनमें से एक था। अब एक बार फिर इसी एयरबेस को निशाना बनाया गया है लेकिन इस बार हमलावर पाकिस्तान का पड़ोसी देश अफगानिस्तान है।

Taliban Pakistan airbase: बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा भी बने निशाना

नूर खान एयरबेस के अलावा अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में भी बड़ा हमला किया है। वहाँ पाकिस्तानी सेना के 12वें डिवीजन के मुख्यालय को निशाना बनाया गया है। यह पाकिस्तानी सेना के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि किसी डिवीजन हेडक्वार्टर पर सीधे हमला करना बेहद गंभीर सैन्य कार्रवाई मानी जाती है। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा में भी अफगानिस्तान ने स्ट्राइक का दावा किया है। अफगानिस्तान की रक्षा मंत्रालय ने क्वेटा और खैबर पख्तूनख्वा की तस्वीरें भी जारी की हैं जिनमें हमले के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। यह तीन मोर्चों पर एक साथ किया गया हमला पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

Taliban Pakistan airbase: डूरंड लाइन पर जमकर हुई मुठभेड़

ड्रोन हमलों के साथ साथ जमीनी स्तर पर भी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच भीषण झड़पें हुई हैं। अफगानी सेना ने डूरंड लाइन यानी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बने पाकिस्तानी चेकपोस्ट को आग के हवाले कर दिया। यह घटना उस इलाके में हुई जहाँ पिछले काफी समय से तनाव बना हुआ था। अफगानिस्तान की कुनार बॉर्डर ब्रिगेड ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर तोपखाने से जमकर गोले दागे। छठी बॉर्डर बटालियन के इस हमले में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान होने का दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही अफगान फोर्सेस ने तोर्खम इलाके में पाकिस्तान समर्थित मिलिशिया की गाड़ियों और चेकपोस्ट को भी जला दिया। अफगानी सेना के आगे बढ़ने की खबरें भी सामने आ रही हैं।

Taliban Pakistan airbase: पाकिस्तान की हरकतों का मिला कड़ा जवाब

अफगानिस्तान ने साफ किया है कि यह हमले पाकिस्तान की उन कार्रवाइयों का जवाब हैं जिसमें पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल, बगराम और अन्य इलाकों को निशाना बनाया था। अफगानिस्तान काफी लंबे समय से पाकिस्तान पर यह आरोप लगाता रहा है कि वह अफगानी जमीन पर हमले करता है और आतंकवादियों को शरण देता है। इस बार तालिबान सरकार ने सीधे जवाबी कार्रवाई का रास्ता अपनाया है। यह पाकिस्तान के लिए बड़ा कूटनीतिक और सैन्य संकट है क्योंकि एक ओर वह ईरान और इजरायल युद्ध के कारण खाड़ी देशों में मची उथल पुथल से परेशान है और दूसरी ओर उसे अपने पश्चिमी मोर्चे पर अफगानिस्तान से भी लड़ना पड़ रहा है।

Taliban Pakistan airbase: पाकिस्तान के लिए पैदा हुई दोहरी मुसीबत

इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान को एक बेहद नाजुक स्थिति में डाल दिया है। एक तरफ मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ रही हैं जिसका सीधा असर पाकिस्तान की पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। दूसरी तरफ अफगानिस्तान से लगती सरहद पर जंग जैसे हालात बन गए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर दुख जताया था और कहा था कि पाकिस्तान इस मुश्किल घड़ी में ईरान के साथ है। लेकिन अब अफगानिस्तान के इन हमलों के बाद पाकिस्तानी नेतृत्व के सामने कई मोर्चों पर एक साथ चुनौती खड़ी हो गई है।

Taliban Pakistan airbase: भारत की नजर बदलते घटनाक्रम पर

नूर खान एयरबेस पर इस हमले की खबर भारत में भी चर्चा का विषय बन गई है। यह वही एयरबेस है जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तबाह किया था और एक बार फिर इसी ठिकाने को निशाना बनाया गया है। भारतीय रणनीतिक विशेषज्ञ पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। दक्षिण एशिया में इस तरह के घटनाक्रम का सीधा असर क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ता है और भारत इस पर सतर्क नजर बनाए हुए है।

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