T20 World Cup 2026: डबल सुपर ओवर के रोमांच में अफगानिस्तान को हारकर दक्षिण अफ्रीका ने रचा इतिहास

24वीं बॉल पर हुआ फैसला, अफगानिस्तान दूसरा डबल सुपर ओवर हारने वाली पहली टीम, प्रोटियाज कभी नहीं हारे सुपर ओवर

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T20 World Cup 2026 में बुधवार को अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच एक ऐसा मुकाबला हुआ जो क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। यह मैच रोमांच, तनाव और नाटकीयता की सभी सीमाओं को पार कर गया। जब मुकाबले की शुरुआत हुई थी तो शायद ही किसी को अंदाजा रहा होगा कि इसका अंजाम इतना रोमांचक होगा। नियमित 20 ओवर का मैच टाई रहा, फिर पहला सुपर ओवर भी टाई हो गया और अंततः दूसरे सुपर ओवर की आखिरी बॉल पर जाकर फैसला हुआ। यानी कुल 44 ओवर (20+20+2+2) और 24 अतिरिक्त गेंदों के बाद विजेता का निर्णय हुआ।

अफगानिस्तान ने भरपूर मेहनत की, दो बार सुपर ओवर तक पहुंचे लेकिन अंततः साउथ अफ्रीका के हाथों हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, हार के बावजूद अफगानिस्तान ने एक अनचाहा इतिहास रच दिया – वे अब दो डबल सुपर ओवर मैच हारने वाली पहली टीम बन गई हैं। दूसरी ओर, साउथ अफ्रीका ने अपना सुपर ओवर में अपराजित रहने का शानदार रिकॉर्ड बरकरार रखा। आइए इस रोमांचक मुकाबले के सभी पहलुओं पर विस्तार से नजर डालते हैं।

डबल सुपर ओवर का अभूतपूर्व रोमांच

T20 क्रिकेट में सुपर ओवर होना ही दुर्लभ है, लेकिन डबल सुपर ओवर तो और भी विरल घटना है। बुधवार को अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच यही हुआ। पहले 20-20 ओवर का पूरा मैच खेला गया जो टाई रहा।

जब पहला मैच टाई हुआ तो नियमानुसार सुपर ओवर का आयोजन किया गया। सुपर ओवर में प्रत्येक टीम को एक ओवर (6 गेंद) में अधिकतम रन बनाने का मौका मिलता है। लेकिन पहला सुपर ओवर भी टाई हो गया। इसके बाद दूसरा सुपर ओवर खेला गया। यह दूसरा सुपर ओवर भी अंतिम गेंद तक संदेह में रहा। दर्शकों की सांसें 24वीं गेंद तक अटकी रहीं।

अंततः दूसरे सुपर ओवर की अंतिम गेंद पर साउथ अफ्रीका ने मैच जीत लिया। यह रोमांच का वह स्तर था जो शायद ही कभी देखने को मिलता है।क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच एक दावत था। हर गेंद पर कुछ न कुछ होता रहा और अंत तक किसी को पता नहीं था कि विजेता कौन होगा।

T20 World Cup 2026: अफगानिस्तान का अनचाहा रिकॉर्ड

अफगानिस्तान की टीम ने हारने के बावजूद इतिहास रच दिया, लेकिन यह ऐसा इतिहास है जिसे कोई भी टीम अपने नाम करना चाहेगी। वे अब दो डबल सुपर ओवर मैच हारने वाली पहली और एकमात्र टीम बन गई हैं।

पहली बार अफगानिस्तान ने जनवरी 2024 में भारत के खिलाफ बेंगलुरु में डबल सुपर ओवर खेला था। उस मैच में भी अफगानिस्तान को हार का सामना करना पड़ा था। वह मुकाबला भी अत्यंत रोमांचक था।

अब फरवरी 2026 में T20 विश्व कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ फिर से यही स्थिति आई। दो साल के अंतराल में दूसरी बार अफगानिस्तान ने डबल सुपर ओवर में हार का अनुभव किया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अफगानिस्तान की टीम बेहद प्रतिस्पर्धी मुकाबले खेलती है। वे विरोधी टीमों को अंतिम गेंद तक दबाव में रखते हैं। लेकिन दुर्भाग्य से, सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में उन्हें सफलता नहीं मिल पाई।

इससे पहले अफगानिस्तान ने 2020 में नोएडा में आयरलैंड के खिलाफ अपना पहला सुपर ओवर मैच खेला था। उस मैच में केवल एक सुपर ओवर हुआ था।

साउथ अफ्रीका का अपराजित सुपर ओवर रिकॉर्ड

जबकि अफगानिस्तान ने एक अनचाहा रिकॉर्ड बनाया, साउथ अफ्रीका ने अपनी शानदार उपलब्धि को जारी रखा। प्रोटियाज ने अब तक जितने भी सुपर ओवर मैच खेले हैं, सभी जीते हैं। साउथ अफ्रीका का पहला सुपर ओवर अनुभव 2019 में श्रीलंका के खिलाफ था। उस मैच में उन्होंने सफलतापूर्वक जीत हासिल की थी।

उसके बाद लंबे समय तक प्रोटियाज को सुपर ओवर खेलने का मौका नहीं मिला। 2026 में T20 विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ उनका दूसरा सुपर ओवर अनुभव था। इस बार उन्हें डबल सुपर ओवर का सामना करना पड़ा, जो किसी भी टीम के लिए अत्यधिक दबाव भरा होता है। लेकिन अनुभवी साउथ अफ्रीकी खिलाड़ियों ने अपनी नसों पर नियंत्रण रखा।

दूसरे सुपर ओवर में भी जब मामला तनावपूर्ण था, प्रोटियाज ने ठंडे दिमाग से खेला और अंततः जीत हासिल की। यह रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के मानसिक मजबूती और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाता है। आमतौर पर प्रोटियाज को बड़े टूर्नामेंटों में चोकर्स कहा जाता है, लेकिन सुपर ओवर में उनका रिकॉर्ड बेदाग है।

T20 World Cup 2026: 24वीं गेंद पर हुआ निर्णय

इस मैच की सबसे रोमांचक बात यह थी कि 24वीं अतिरिक्त गेंद यानी दूसरे सुपर ओवर की आखिरी गेंद तक किसी को नहीं पता था कि विजेता कौन होगा। यह क्रिकेट में संभव सबसे करीबी मुकाबला था।

पहले 20-20 ओवर का पूरा मैच हुआ जो रोमांचक रहा होगा। फिर पहला सुपर ओवर के 6+6 = 12 गेंदें हुईं जो फिर से टाई रहीं। दूसरा सुपर ओवर शुरू हुआ। पहली 5 गेंदें हुईं, स्थिति अभी भी अनिश्चित थी। 23वीं अतिरिक्त गेंद के बाद भी कोई स्पष्ट विजेता नहीं था। अंततः 24वीं गेंद यानी दूसरे सुपर ओवर की अंतिम गेंद पर साउथ अफ्रीका ने मैच अपने नाम किया। यह गेंद निर्णायक साबित हुई।

कुल मिलाकर, यदि हम गिनें तो 40 ओवर (नियमित मैच) + 4 ओवर (दो सुपर ओवर) = 44 ओवर का क्रिकेट खेला गया। यह किसी भी T20 मैच के लिए असाधारण है। दर्शकों, खिलाड़ियों और कमेंटेटर्स – सभी के लिए यह एक अविस्मरणीय अनुभव रहा होगा।

अफगानिस्तान की बढ़ती मुश्किलें

इस रोमांचक लेकिन दुखद हार के बाद अफगानिस्तान की T20 विश्व कप 2026 में सुपर 8 में पहुंचने की संभावनाएं काफी कम हो गई हैं। उन्हें अब लगातार दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। ग्रुप स्टेज में अफगानिस्तान ने अपना पहला मैच भी हार दिया था। अब दूसरे मैच में भी हार के बाद उनकी स्थिति कमजोर हो गई है।

अफगानिस्तान को अब अपने बचे हुए ग्रुप मैचों में यूएई और कनाडा का सामना करना है। ये दोनों मैच उन्हें जीतने ही होंगे। लेकिन सिर्फ जीतना काफी नहीं होगा। अफगानिस्तान को बड़े अंतर से जीतना होगा ताकि उनका नेट रन रेट सुधर सके। नेट रन रेट अक्सर टाई ब्रेकर के रूप में काम करता है।

यदि ग्रुप में कई टीमें समान अंकों पर होती हैं, तो नेट रन रेट के आधार पर सुपर 8 में जाने वाली टीमों का चयन होता है। अफगानिस्तान के पास अभी भी गणितीय संभावना है, लेकिन उन्हें असाधारण प्रदर्शन करना होगा। उन्हें न केवल जीतना है बल्कि प्रभावशाली तरीके से जीतना है।

T20 World Cup 2026: साउथ अफ्रीका की मजबूत स्थिति

दूसरी ओर, साउथ अफ्रीका ने अपने दोनों शुरुआती ग्रुप मैच जीतकर सुपर 8 में जगह लगभग पक्की कर ली है। वे अब अपने ग्रुप में शीर्ष पर हैं।पहला मैच साउथ अफ्रीका ने आसानी से जीता था। दूसरे मैच में अफगानिस्तान ने कड़ी चुनौती दी लेकिन प्रोटियाज ने नसों पर नियंत्रण रखा।

दो जीत के साथ साउथ अफ्रीका की स्थिति बेहद मजबूत है। भले ही वे अपना अगला मैच हार भी जाएं, तो भी उनके सुपर 8 में पहुंचने की संभावना बहुत अधिक है। साउथ अफ्रीका का नेट रन रेट भी अच्छा होगा, जो किसी भी टाई स्थिति में उनके पक्ष में काम करेगा।

प्रोटियाज के खिलाड़ी अच्छे फॉर्म में दिख रहे हैं। उनके बल्लेबाज रन बना रहे हैं और गेंदबाज विकेट ले रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण, टीम ने दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता दिखाई है। डबल सुपर ओवर जैसी स्थिति में जीतना उनके मानसिक मजबूती को दर्शाता है।

T20 क्रिकेट में सुपर ओवर का महत्व

सुपर ओवर T20 क्रिकेट की सबसे रोमांचक विशेषताओं में से एक है। जब एक पूरा मैच टाई होता है, तो सुपर ओवर निर्णायक होता है। सुपर ओवर में प्रत्येक टीम को एक ओवर (6 गेंद) बल्लेबाजी का मौका मिलता है। जो टीम अधिक रन बनाती है, वह जीत जाती है।

यदि पहला सुपर ओवर भी टाई हो जाए (जो बहुत दुर्लभ है), तो दूसरा सुपर ओवर खेला जाता है। सुपर ओवर में खेलना अत्यधिक दबावपूर्ण होता है। सिर्फ 6 गेंदों में अधिकतम रन बनाने होते हैं। गेंदबाजों को सिर्फ 6 गेंदों में विरोधी टीम को रोकना होता है।

इतिहास में कुछ सबसे यादगार क्रिकेट क्षण सुपर ओवर में आए हैं। 2019 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड का सुपर ओवर सबसे प्रसिद्ध उदाहरणों में से एक है।

T20 World Cup 2026: निष्कर्ष

अफगानिस्तान बनाम साउथ अफ्रीका का यह मैच T20 विश्व कप 2026 का अब तक का सबसे रोमांचक मुकाबला रहा। डबल सुपर ओवर, 24वीं गेंद पर फैसला और दोनों टीमों का असाधारण प्रदर्शन – यह सब मिलकर एक अविस्मरणीय क्रिकेट अनुभव बना। अफगानिस्तान ने हारकर भी दिल जीत लिए और एक अनचाहा रिकॉर्ड बनाया, जबकि साउथ अफ्रीका ने अपना सुपर ओवर में अपराजित रिकॉर्ड बरकरार रखा। आने वाले वर्षों तक यह मैच याद किया जाएगा।

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