नासिक के ज्योतिषी अशोक खरात मामले में चौंकाने वाले खुलासे, 58 वीडियो क्लिप और 150 करोड़ की संपत्ति बरामद, रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोपों के बीच SIT जांच में सामने आ सकते हैं बड़े नाम
58 वीडियो क्लिप बरामद, SIT जांच में ब्लैकमेलिंग नेटवर्क के खुलासे संभव
Astrologer scandal: जिस शख्स पर नेताओं, कारोबारियों और जानी-मानी हस्तियों को ग्रहों और नक्षत्रों का डर दिखाकर अपने जाल में फंसाने का आरोप है, उसकी असलियत अब एक के बाद एक परतों में खुल रही है।
Astrologer scandal: अशोक खरात कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया
अशोक खरात नासिक के एक जाने-माने ज्योतिषाचार्य हैं जो खुद को ‘कैप्टन खरात’ के नाम से पहचान देते थे। उनका दावा था कि वे राजनेताओं, उद्योगपतियों और सेलिब्रिटीज का भविष्य बता सकते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।
रेप के एक गंभीर मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई जिसके बाद पुलिस जांच में एक के बाद एक चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जैसे-जैसे पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया, मामला केवल एक आरोप तक सीमित नहीं रहा बल्कि ब्लैकमेलिंग और अकूत संपत्ति का पूरा जाल सामने आ गया।
Astrologer scandal: 58 वीडियो क्लिप का मिलना क्यों है इस केस का सबसे बड़ा मोड़
पुलिस को तलाशी के दौरान 58 वीडियो क्लिप मिली हैं जो इस मामले को एक नया और गंभीर आयाम देती हैं। इन वीडियो का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि ये वीडियो क्लिप ब्लैकमेलिंग के उद्देश्य से बनाई या रखी गई थीं तो यह मामला आईटी एक्ट और ब्लैकमेल से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत और भी संगीन हो जाता है। SIT अब इन क्लिप की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि इनकी प्रामाणिकता और इस्तेमाल की पूरी जानकारी मिल सके।
Astrologer scandal: खरात के पास 150 करोड़ की संपत्ति कहां से आई
एक ज्योतिषाचार्य के पास 150 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 150 से 200 करोड़ रुपये के बीच आंकी जा रही है।
यह संपत्ति जमीन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अन्य निवेशों के रूप में मिली है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ज्योतिष परामर्श की आड़ में इतनी बड़ी संपत्ति किस प्रकार अर्जित की गई और क्या इसमें किसी प्रकार की अवैध गतिविधि शामिल है।
Astrologer scandal: शिरडी में भी ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया
नासिक के मामले के साथ-साथ शिरडी में भी ब्लैकमेलिंग का एक अलग मामला खरात के खिलाफ उजागर हुआ है। यह इस बात का संकेत है कि उनकी आपराधिक गतिविधियों का दायरा केवल एक स्थान तक सीमित नहीं था।
शिरडी जैसे धार्मिक नगर में इस तरह के मामले का सामने आना और भी गंभीर है क्योंकि इससे धर्म और आस्था की आड़ में फैले ठगी के नेटवर्क की ओर ध्यान जाता है। पुलिस दोनों स्थानों से जुड़े सुराग जोड़कर पूरी तस्वीर को समझने का प्रयास कर रही है।
Astrologer scandal: SIT जांच का नेतृत्व कौन कर रही हैं और जांच कहां तक पहुंची
इस पूरे मामले की जांच IPS अधिकारी तेजस्विनी सातपुते की अगुवाई में गठित SIT कर रही है। तेजस्विनी सातपुते महाराष्ट्र पुलिस की एक अनुभवी और कुशल अधिकारी हैं जो इस तरह के संवेदनशील मामलों की जांच में दक्ष मानी जाती हैं।
SIT अब तक 58 वीडियो क्लिप की जांच, संपत्ति के स्रोत का पता लगाने और पीड़ितों के बयान दर्ज करने का काम कर रही है। जांच में कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है जिन्होंने खरात के साथ किसी न किसी रूप में संपर्क रखा था।
Astrologer scandal: ज्योतिष की आड़ में ठगी और अपराध के नेटवर्क कैसे काम करते हैं
यह मामला उस बड़े सामाजिक सच को उजागर करता है जिसमें अंधविश्वास और डर का फायदा उठाकर लोगों को ठगा जाता है। ज्योतिष और धार्मिक अनुष्ठानों की आड़ में काम करने वाले ऐसे लोग पहले विश्वास जीतते हैं और फिर कमजोरियों का फायदा उठाते हैं।
समाजशास्त्रियों के अनुसार जो लोग जीवन में अनिश्चितता और दबाव महसूस करते हैं वे इस तरह के ठगों के सबसे आसान शिकार बनते हैं। शिक्षित और प्रभावशाली लोग भी इस जाल में फंस जाते हैं क्योंकि इन ठगों की पहुंच और प्रभाव समाज के हर वर्ग तक होती है।
Astrologer scandal: इस तरह के मामलों से खुद को कैसे बचाएं
कानूनी और सामाजिक विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी ज्योतिषी या तांत्रिक के साथ एकांत में मिलने से बचें। किसी भी व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी, वीडियो या दस्तावेज देने से पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच जरूर करें।
यदि कोई व्यक्ति धमकी देकर पैसे या अन्य सुविधाएं मांगे तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें और मामले की शिकायत दर्ज करवाएं। चुप रहना और डरना ही ऐसे अपराधियों की सबसे बड़ी ताकत है।
निष्कर्ष
नासिक का यह मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की कहानी नहीं है। यह उस पूरे तंत्र की कहानी है जो आस्था, भय और अंधविश्वास का फायदा उठाकर समाज में अपनी जड़ें जमाता है। 58 वीडियो क्लिप और 150 करोड़ की संपत्ति यह बताती है कि इस तरह के अपराध कितने सुनियोजित और व्यापक हो सकते हैं। SIT की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, और भी बड़े नाम और तथ्य सामने आ सकते हैं। जरूरत है कि समाज ऐसे मामलों से सबक ले और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता को और मजबूत करे।
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