Shock to Saif Ali Khan: भोपाल रियासत की संपत्ति विवाद में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
भोपाल की रॉयल फैमिली से जुड़ी संपत्ति विवाद में अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2000 में ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को खारिज करते हुए केस को दोबारा सुनवाई के लिए ट्रायल कोर्ट को भेज दिया है। इस विवाद में सैफ अली खान, उनकी बहनें सोहा और सबा अली खान तथा मां शर्मिला टैगोर को नवाब हमीदुल्लाह खान की संपत्ति का उत्तराधिकारी घोषित किया गया था, लेकिन अब इस पर फिर से विचार होगा।
Shock to Saif Ali Khan: क्या है पूरा मामला?
यह मामला भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह खान की निजी संपत्तियों को लेकर है, जिनकी मृत्यु 1960 में हुई थी। 2000 में ट्रायल कोर्ट ने नवाब की बेटी साजिदा सुल्तान (जो सैफ अली खान की दादी थीं) के उत्तराधिकारियों को संपत्ति का हकदार माना था। लेकिन नवाब के अन्य उत्तराधिकारी — उनके बड़े भाई और बेटियों के वंशज — इस फैसले से असंतुष्ट थे और उन्होंने 1999 में कोर्ट का रुख किया था।
उनका तर्क था कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एक्ट 1937 के अनुसार संपत्ति का बंटवारा होना चाहिए न कि सिर्फ उत्तराधिकारी के आधार पर। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट ने गलती से मान लिया कि नवाब की निजी संपत्तियां गद्दी से जुड़ी थीं और वे अपने आप उत्तराधिकारी को मिल जाएंगी।
हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट ने अब ट्रायल कोर्ट के 2000 के फैसले को खारिज करते हुए नए सिरे से एक साल के भीतर सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया है। यदि नया फैसला पहले से अलग आता है, तो भोपाल रियासत की संपत्ति की पूरी संरचना बदल सकती है।
Shock to Saif Ali Khan: दुबारा झटका: “दुश्मन संपत्ति” घोषित
यह पहली बार नहीं है जब सैफ अली खान और उनके परिवार को इस तरह का झटका लगा हो। इसी साल जनवरी में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सैफ अली खान को यह निर्देश दिया था कि वह उस सरकारी आदेश के खिलाफ अपील करें जिसमें पटौदी परिवार की ऐतिहासिक संपत्तियों को “दुश्मन संपत्ति” घोषित कर दिया गया था। इन संपत्तियों का अनुमानित मूल्य ₹15,000 करोड़ है।
निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ संपत्ति का नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और कानूनी परिप्रेक्ष्य का भी है जो यह तय करेगा कि नवाबी दौर की संपत्तियों का उत्तराधिकार कैसे तय किया जाएगा। आने वाला फैसला न केवल सैफ अली खान के लिए बल्कि पूरे रॉयल खानदान के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।