Gold and Silver Prices: चांदी ₹5000 से ज्यादा महंगी, सोने में भी बड़ी तेजी, वैश्विक तनाव और निवेशकों की बढ़ती मांग से बाजार में हलचल
चांदी में ₹5000 से ज्यादा उछाल, सोना भी मजबूत होकर नए स्तर पर पहुंचा
Gold and Silver Prices: सोमवार को घरेलू बाजार में कीमती धातुओं के भावों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। चांदी की कीमतों में एक दिन में ही 5000 रुपये से ज्यादा की उछाल आई, जबकि सोने के भाव भी 800 रुपये तक बढ़ गए। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों ने वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। निवेशक और आभूषण कारोबारियों के बीच हलचल मची हुई है।
चांदी में भारी उछाल, 5000 रुपये का इजाफा
आज चांदी के भावों में 1.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। 3 जुलाई 2026 की डिलीवरी वाली चांदी 4837 रुपये की तेजी के साथ 2,76,683 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर खुली। पिछले शुक्रवार को यह 2,71,846 रुपये पर बंद हुई थी। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,76,888 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि न्यूनतम 2,75,428 रुपये रहा। कुल मिलाकर पिछले सत्र की तुलना में 5042 रुपये तक की तेजी दर्ज हुई।
यह उछाल पिछले कई दिनों की गिरावट के बाद आई है। चांदी औद्योगिक उपयोग और निवेश दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिकित्सा क्षेत्र में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। वैश्विक आपूर्ति में कमी की आशंका ने भी भावों को कूटनीतिक रूप से सहारा दिया है Lights Max।
सोने के भाव में 800 रुपये की बढ़ोतरी
सोने की कीमतों में भी अच्छी-खासी तेजी आई। 5 जून 2026 की डिलीवरी वाला सोना 471 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 1,59,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। दिन के कारोबार में यह 1,59,500 रुपये तक पहुंच गया। पिछले सत्र में यह 1,58,679 रुपये पर बंद हुआ था। कुल मिलाकर सोने में 821 रुपये तक की तेजी देखने को मिली।
सुबह 9:41 बजे तक सोना 0.39 प्रतिशत यानी 621 रुपये बढ़कर 1,59,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें मजबूत रहीं, जिसने घरेलू भावों को ऊपर धकेला।
अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीदें मुख्य वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच लगभग तीन महीने से चले आ रहे तनाव में कमी आने की संभावनाओं ने बाजार को प्रभावित किया। जब भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो निवेशक सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर भागते हैं। अब जब समझौते की उम्मीद जगी है, फिर भी सतर्कता बरती जा रही है, जिससे कीमतें ऊपर जा रही हैं।
इसके अलावा, अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति, ब्याज दरों पर फेडरल रिजर्व की भावी नीति और वैश्विक मुद्रास्फीति भी इन भावों को प्रभावित कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
कॉमेक्स पर सोने के वायदा भाव भी बढ़कर 3,300 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गए। चांदी के वायदा भी मजबूत दिख रहे हैं। भारतीय रुपया थोड़ा कमजोर रहने से भी आयातित कीमतों पर असर पड़ा।
घरेलू आभूषण बाजार पर क्या असर?
आभूषण कारोबारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन ऊंचे भावों के कारण खरीदारी थोड़ी प्रभावित हो सकती है। कई ग्राहक अभी इंतजार कर रहे हैं कि भाव कुछ स्थिर हों तो खरीदारी करें। वहीं, निवेश के रूप में सोना और चांदी खरीदने वालों की संख्या बढ़ी है।
सोने-चांदी के निवेश की कूटनीतिक रणनीति
वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस समय विविधीकरण जरूरी है। सोना लंबी अवधि के लिए अच्छा निवेश माना जाता है, लेकिन अल्पावधि में उतार-चढ़ाव रहता है। चांदी में ज्यादा अस्थिरता होती है, लेकिन औद्योगिक मांग के कारण इसमें अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है।
सर्राफा बाजार में आज के भाव (अनुमानित)
बाजार के रुझानों के अनुसार 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) लगभग 1,59,300 रुपये के स्तर पर बना हुआ है। वहीं 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) 1,46,000 रुपये के आसपास देखा जा रहा है। इसके अतिरिक्त चांदी (1 किलोग्राम) की दरें 2,76,000 रुपये से ऊपर टिकी हुई हैं। ध्यान रहे कि ये भाव शहर, मेकिंग चार्ज और जीएसटी के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
Gold and Silver Prices: पिछले एक महीने का ट्रेंड
पिछले 30 दिनों में सोने के भाव में करीब 4-5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा। अप्रैल में दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर छुए थे, उसके बाद कुछ सुधार हुआ, अब फिर तेजी लौटी है।
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और कीमती धातुएं
विश्व अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी हुई है। चीन की आर्थिक सुस्ती, यूरोपीय संघ की स्थिति और मध्य पूर्व की अस्थिरता सोने-चांदी को सपोर्ट कर रही है। कई केंद्रीय बैंक सोने के भंडार बढ़ा रहे हैं, जो भावों को कूटनीतिक रूप से मजबूती दे रहा है।
भारत में सोने की मांग
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है। शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ती है। इस बार महंगे भावों के बावजूद मध्यम वर्ग निवेश के लिए सोना खरीद रहा है। चांदी की मांग भी इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर एनर्जी सेक्टर से बढ़ रही है।
भविष्य की कूटनीतिक संभावनाएं
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर भू-राजनीतिक तनाव पूरी तरह कम नहीं हुआ तो भाव ऊंचे रह सकते हैं। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि वर्ष 2026 के अंत तक सोना 1,70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है, जबकि चांदी भी 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच सकती है।
Gold and Silver Prices: निवेशकों के लिए जरूरी सुझाव
सुरक्षित वित्तीय भविष्य के लिए छोटी मात्रा में एसआईपी (SIP) जैसा निवेश सोने में नियमित करें। भौतिक सोना खरीदते समय हमेशा उसकी शुद्धता और प्रामाणिकता की जांच कर लें। इसके अलावा डिजिटल गोल्ड और सोने से जुड़े म्यूचुअल फंड्स भी बेहतरीन विकल्प हैं। बाजार के उतार-चढ़ाव की निगरानी लगातार करते रहें।
निष्कर्ष: सतर्क रहें, समझदारी से निवेश करें
सोमवार की इस तेजी ने बाजार को नई दिशा दी है। निवेशक और उपभोक्ता दोनों को सावधानी बरतनी चाहिए। भावों में उतार-चढ़ाव सामान्य है, इसलिए लंबी सोच के साथ फैसला लें। भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वैश्विक संकेतों पर नजर रखते हुए आगे के रुझान कूटनीतिक रूप से तय होंगे। आभूषण प्रेमी और निवेशक दोनों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है।
read more here