Share Market Today: ईरान-अमेरिका सीजफायर से शेयर बाजार में दिवाली जैसा माहौल, सेंसेक्स 2600 अंक उछला और निफ्टी में रिकॉर्ड बढ़त
दलाल स्ट्रीट पर 'बुल' का कब्जा, जंग रुकते ही निवेशकों की लौटी चांदी, सेंसेक्स और निफ्टी ने लगाई लंबी छलांग
Share Market Today: ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा ने भारतीय शेयर बाजार में नई जान फूंक दी है। सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स में करीब 2600 अंकों की भारी बढ़त दर्ज की गई जबकि निफ्टी 700 से ज्यादा पॉइंट उछल गया। वैश्विक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट ने निवेशकों का भरोसा लौटा दिया है।ट्रंप के सीजफायर ऐलान के बाद तेल कीमतें 20 प्रतिशत तक गिर गईं जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों को राहत मिली है। इससे कंपनियों की लागत घटने और महंगाई नियंत्रित रहने की उम्मीद जगी है। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई और ज्यादातर सेक्टर हरे निशान में बंद हुए।
बाजार खुलते ही बरसे पैसे, 2500 से ज्यादा शेयरों में तेजी
आज सुबह 9 बजते ही भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उत्साह दिखा। बीएसई सेंसेक्स 2696 अंकों की मजबूत बढ़त के साथ 77312 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी ने 767 अंकों की छलांग लगाई और 23890 के पार निकल गया। बाजार खुलते ही 2534 शेयरों में तेजी दर्ज की गई जबकि सिर्फ 166 शेयर लाल निशान में थे। यह पिछले कई हफ्तों की सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त में से एक है।
सीजफायर की खबर के साथ ही निवेशकों ने बड़े पैमाने पर खरीदारी शुरू कर दी। बैंकिंग, आईटी, ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई।
40 दिनों के तनाव के बाद मिली बड़ी राहत
पिछले 40 दिनों से ईरान-अमेरिका तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता छाई हुई थी। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें 117 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। इससे भारतीय शेयर बाजार भी दबाव में चल रहा था। कई निवेशक सतर्क होकर पैसे निकाल रहे थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा करते हुए कहा कि ईरान ने होर्मुज खोलने की शर्त मान ली है। इस खबर के बाद तेल की कीमतें 91 डॉलर प्रति बैरल तक गिर गईं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है इसलिए सस्ता तेल अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है। इसी राहत ने शेयर बाजार को नई रफ्तार दी।
किन शेयरों में आई सबसे ज्यादा तेजी और किन्हें हुआ नुकसान?
तेल की कीमतों में गिरावट से कई सेक्टरों को सीधा फायदा हुआ। एविएशन कंपनियों जैसे इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयरों में तेज उछाल आया क्योंकि ईंधन लागत कम होने की उम्मीद है। लार्सन एंड टुब्रो, श्रीराम फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स और अदाणी एंटरप्राइजेज जैसे शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स रहे।
दूसरी ओर तेल उत्पादक कंपनियों जैसे ओएनजीसी और कोल इंडिया पर दबाव दिखा। इनके शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। कुल मिलाकर बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा और निवेशकों की संपत्ति में अरबों रुपये की बढ़ोतरी हुई।
यह बढ़त भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छा संकेत है। सस्ता तेल महंगाई को काबू में रख सकता है और कंपनियों की मुनाफा कमाने की क्षमता बढ़ा सकता है।
विशेषज्ञों की नजर में बाजार की ये ‘रॉकेट’ रफ्तार
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने से निवेशकों का विश्वास लौटा है। एक प्रमुख बाजार विश्लेषक ने कहा कि अगर सीजफायर की स्थिति बनी रही तो भारतीय शेयर बाजार जल्द ही अपने पिछले रिकॉर्ड स्तरों को पार कर सकता है।
“तेल की कीमतों में आई यह गिरावट भारतीय कंपनियों के लिए लागत बचत का बड़ा मौका है। इससे कॉर्पोरेट मुनाफे में सुधार होगा और बाजार को और मजबूती मिलेगी।”
यह टिप्पणी उन विशेषज्ञों की है जो पिछले कई वर्षों से मध्य पूर्व के तनाव और उसके बाजार पर असर का अध्ययन कर रहे हैं।
बैंकिंग सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी हुई क्योंकि कम महंगाई से रिजर्व बैंक की नीतियां अनुकूल रहने की उम्मीद है। आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयर भी मजबूत रहे।
निवेशकों के लिए क्या है आगे का प्लान?
अब सबकी नजरें 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत पर हैं। अगर दोनों पक्ष स्थायी समझौते की ओर बढ़े तो बाजार में और तेजी आ सकती है। लेकिन अगर कोई नया विवाद उभरा तो यह बढ़त कमजोर पड़ सकती है।
निवेशकों के लिए सलाह है कि वे लंबी अवधि की सोच रखें। अचानक तेजी में भावुक होकर खरीदारी न करें बल्कि मजबूत बुनियाद वाली कंपनियों पर फोकस करें। छोटे निवेशक सिप (SIP) के जरिए बाजार में बने रहें तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
Share Market Today: निष्कर्ष
ईरान-अमेरिका सीजफायर ने शेयर बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। सेंसेक्स और निफ्टी में आई तूफानी तेजी ने निवेशकों का भरोसा बहाल किया है। सस्ते तेल से भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलने वाला फायदा आगे भी बाजार को सपोर्ट कर सकता है। हालांकि बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। लंबे समय में मजबूत कंपनियों में निवेश जारी रखने से अच्छे रिटर्न की संभावना बनी रहेगी। पाठकों को नियमित रूप से बाजार अपडेट फॉलो करने की सलाह दी जाती है।
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