Share Market in This Week:पिछले हफ्ते सेंसेक्स 4,355 अंक टूटा, इस हफ्ते क्या होगा बाजार की चाल, जानें विशेषज्ञों की राय और निवेशकों के लिए रणनीति

सेंसेक्स 74,563 और निफ्टी 23,151 पर बंद, पिछले हफ्ते बड़ी गिरावट के बाद इस हफ्ते बाजार की दिशा पर नजर।

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Share Market in This Week: शेयर बाजार में पिछला हफ्ता निवेशकों के लिए बेहद दर्दनाक रहा। सेंसेक्स करीब 4,355 अंक गिरकर 74,563.92 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 50 भी 1,299.35 अंक लुढ़ककर 23,151.10 पर आ गया। यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावटों में से एक मानी जा रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने के संकेत, कच्चे तेल की उछलती कीमतें और FII की बिकवाली ने बाजार को झकझोर दिया। अब सवाल यह है कि इस हफ्ते 16 से 20 मार्च 2026 के दौरान बाजार राहत लेगा या गिरावट जारी रहेगी।

Share Market in This Week – पिछले हफ्ते की तबाही का पूरा हिसाब

पिछले हफ्ते शेयर बाजार में जो हुआ वह बेहद चिंताजनक था। यह गिरावट समझना इस हफ्ते की दिशा जानने के लिए जरूरी है।

इंडेक्स पिछले हफ्ते क्लोज गिरावट (अंक) गिरावट (%)
BSE सेंसेक्स 74,563.92 4,354.98 लगभग 5.5%
NSE निफ्टी 50 23,151.10 1,299.35 लगभग 5.3%
Bank Nifty 53,757.85 3,000+ 4-5%
India VIX 21+ तेज उछाल अनिश्चितता

यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावटों में से एक मानी जा रही है। इस गिरावट ने निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा कर दिए।

पिछले हफ्ते गिरावट के मुख्य कारण

शेयर बाजार में पिछले हफ्ते आई गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण थे।

पहला और सबसे बड़ा कारण था पश्चिम एशिया का बढ़ता तनाव। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने के संकेतों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी। यह जलमार्ग दुनिया की तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम है। इससे कच्चे तेल और LNG की आपूर्ति प्रभावित हुई जिससे वैश्विक महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी।

दूसरा कारण था FII की भारी बिकवाली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बाजार से लगातार पैसा निकाला। डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने विदेशी निवेशकों को सतर्क बना दिया।

तीसरा कारण था रुपये की कमजोरी। भारतीय रुपया दबाव में रहा जिससे आयात महंगा हुआ और महंगाई की चिंता बढ़ी।

Share Market in This Week – विशेषज्ञों की राय

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस हफ्ते 16 से 20 मार्च 2026 के दौरान बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाओं पर निर्भर करेगी।

खासतौर पर पश्चिम एशिया की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतें बाजार के मूड को तय कर सकती हैं। यदि तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो इससे कंपनियों की लागत और महंगाई दोनों पर असर पड़ सकता है।

फैक्टर बाजार पर संभावित असर
होर्मुज स्ट्रेट का खुलना तेज रैली, बुलिश
तेल की कीमतें $100 से नीचे राहत, बाउंस
FII खरीदारी में वापसी मजबूत रिकवरी
होर्मुज बंद रहना और गिरावट
FII बिकवाली जारी 22,700-23,000 का स्तर
कच्चा तेल $110 पार बड़ी गिरावट का खतरा

इस हफ्ते निफ्टी के अहम स्तर

स्तर मान महत्व
मजबूत सपोर्ट 23,000 पहली रक्षा पंक्ति
गहरा सपोर्ट 22,700-22,500 बड़ी मांग जोन
तत्काल रेजिस्टेंस 23,400-23,500 पहली रुकावट
मजबूत रेजिस्टेंस 23,750-24,000 बड़ी सप्लाई वॉल
बड़ी बाधा 24,250+ रिकवरी की बड़ी परीक्षा

इस हफ्ते किन घटनाओं पर रहेगी नजर?

इस हफ्ते 16 से 20 मार्च 2026 के दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाएं शेयर बाजार को प्रभावित कर सकती हैं।

  • पहली घटना है मध्य पूर्व का अपडेट। होर्मुज स्ट्रेट के खुलने या बंद रहने की कोई भी खबर बाजार में तुरंत हलचल मचाएगी। अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की कोई भी सकारात्मक खबर बाजार में जोरदार रैली ला सकती है।
  • दूसरी घटना है कच्चे तेल की कीमतें। Brent Crude का $100 के नीचे आना बाजार के लिए बड़ी राहत होगी।
  • तीसरी घटना है FII का रुख। अगर विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती है तो DII की खरीदारी के साथ मिलकर बाजार को संभाल सकती है।
  • चौथी घटना है RBI की कोई भी घोषणा। रुपये को सहारा देने के लिए RBI का हस्तक्षेप बाजार को स्थिरता दे सकता है।
  • पांचवीं घटना है चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होगी। यह घरेलू मांग और सेंटिमेंट के लिए सकारात्मक संकेत है।

Share Market in This Week – तीन संभावित परिदृश्य

पहला परिदृश्य है बुलिश यानी तेजी का। अगर मध्य पूर्व में शांति के संकेत मिलते हैं और FII बिकवाली थमती है तो निफ्टी 23,400 से 23,750 तक रिकवरी कर सकता है। सेंसेक्स 76,000 से 77,000 के स्तर पर जा सकता है।

दूसरा परिदृश्य है न्यूट्रल यानी सपाट का। अगर बाजार 23,000 से 23,500 के बीच कंसोलिडेट करे तो यह एक स्वस्थ संकेत होगा।

तीसरा परिदृश्य है बेयरिश यानी मंदी का। अगर होर्मुज बंद रहने की खबरें और आती हैं और FII बिकवाली जारी रहती है तो निफ्टी 22,700 से 22,500 तक फिसल सकता है।

इस हफ्ते किन सेक्टरों पर रहेगी नजर

सेक्टर आउटलुक कारण
PSU Power/Energy सकारात्मक डिफेंसिव, घरेलू थीम
FMCG अपेक्षाकृत मजबूत सुरक्षित निवेश
Pharma अपेक्षाकृत मजबूत डिफेंसिव सेक्टर
IT मिलाजुला वैश्विक अनिश्चितता
Auto दबाव में तेल की कीमतों का असर
Realty दबाव में FII बिकवाली
Private Banks दबाव में HDFC, ICICI पर असर
Oil & Gas तेल पर निर्भर होर्मुज स्थिति पर

निवेशकों के लिए इस हफ्ते की रणनीति

इस हफ्ते के शेयर बाजार के लिए निवेशकों को एक सुविचारित रणनीति अपनानी चाहिए।

  • पहली बात यह है कि घबराकर बेचें नहीं। बाजार ओवरसोल्ड जोन में है। DII की मजबूत खरीदारी बता रही है कि घरेलू पैसा भारतीय बाजार पर भरोसा करता है।
  • दूसरी बात यह है कि SIP जारी रखें। हर गिरावट पर SIP का फायदा मिलता है। कम NAV पर ज्यादा यूनिट मिलती हैं जो लंबी अवधि में फायदेमंद होती हैं।
  • तीसरी बात यह है कि नई खरीदारी किश्तों में करें। एक साथ बड़ी पूंजी न लगाएं। 23,000 के स्तर पर थोड़ा और 22,700 पर थोड़ा और खरीदने की रणनीति बनाएं।
  • चौथी बात यह है कि स्टॉप लॉस जरूर लगाएं। निफ्टी के लिए 22,800 और सेंसेक्स के लिए 73,500 से नीचे क्लोज होने पर सतर्क हो जाएं।
  • पांचवीं बात यह है कि मध्य पूर्व की खबरों पर नजर रखें। बाजार की चाल काफी हद तक इन्हीं खबरों से तय होगी।

Share Market in This Week: निष्कर्ष

शेयर बाजार में पिछले हफ्ते की 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद इस हफ्ते 16 से 20 मार्च 2026 बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। 23,000 का स्तर निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट है। मध्य पूर्व की खबरें, FII का रुख और कच्चे तेल की कीमतें इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करेंगी। निवेशक घबराएं नहीं, SIP जारी रखें और बाजार को ध्यान से देखते रहें। याद रखें कि भू-राजनीतिक संकट का बाजार पर असर लंबे समय तक नहीं रहता।

अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने SEBI पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

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