Share Market Outlook: शेयर बाजार में लगातार गिरावट के 7 बड़े कारण, निवेशकों के लाखों करोड़ स्वाहा, ईरान युद्ध से दलाल स्ट्रीट तबाह, जानें कब होगी रिकवरी
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट, जानें बाजार टूटने के कारण और आगे का अनुमान
Share Market Outlook: शेयर बाजार में लगातार गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। 12 मार्च 2026 को BSE सेंसेक्स 829 अंक गिरकर 76,034 पर बंद हुआ जबकि NSE निफ्टी 50 ने 23,639 का स्तर छुआ जो अप्रैल 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। शेयर बाजार में लगातार गिरावट की यह लहर ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध, होर्मुज स्ट्रेट संकट, कच्चे तेल की उछलती कीमतें और FII की बिकवाली से आई है। पिछले एक हफ्ते में सेंसेक्स 2,300 से अधिक अंक टूट चुका है और निवेशकों के करीब 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक स्वाहा हो चुके हैं।
Share Market Outlook: शेयर बाजार में लगातार गिरावट – 13 मार्च का ताजा हाल

शेयर बाजार में लगातार गिरावट का यह दौर मार्च 2026 के पहले हफ्ते से शुरू हुआ और अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। 12 मार्च को बाजार बंद होने के बाद के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं।
| इंडेक्स | बंद स्तर | गिरावट (अंक) | गिरावट (%) |
|---|---|---|---|
| BSE सेंसेक्स | 76,034.42 | 829.29 | 1.08% |
| NSE निफ्टी 50 | 23,639.15 | 227.70 | 0.95% |
| निफ्टी मिडकैप 100 | गिरावट | 1.5% से अधिक | कमजोर |
| निफ्टी स्मॉलकैप 100 | गिरावट | 1.5% से अधिक | कमजोर |
| India VIX (डर का सूचकांक) | 21 के पार | 4% उछाल | खतरे का संकेत |
12 मार्च 2026 का यह निफ्टी का सबसे निचला बंद स्तर है जो अप्रैल 2025 के बाद पहली बार देखा गया है। इस गिरावट ने करीब एक साल की बढ़त को मिटा दिया है।
शेयर बाजार में लगातार गिरावट – पिछले एक हफ्ते का पूरा रिकॉर्ड
शेयर बाजार में लगातार गिरावट को समझने के लिए पिछले एक हफ्ते का डेटा देखना जरूरी है।
| तारीख | सेंसेक्स बंद | निफ्टी बंद | एकदिनी गिरावट |
|---|---|---|---|
| 9 मार्च 2026 | 76,619 | 23,736 | सेंसेक्स 2,299 अंक |
| 10 मार्च 2026 | 78,918 | 24,450 | मामूली रिकवरी |
| 11 मार्च 2026 | 76,863 | 23,866 | सेंसेक्स 1,342 अंक |
| 12 मार्च 2026 | 76,034 | 23,639 | सेंसेक्स 829 अंक |
| कुल गिरावट | 2,884 अंक | 811 अंक | एक हफ्ते में |
इस लगातार गिरावट में सेंसेक्स 2,300 से अधिक अंक और निफ्टी 700 से अधिक अंक टूट चुका है।
शेयर बाजार में लगातार गिरावट के 7 बड़े कारण
शेयर बाजार में लगातार गिरावट के पीछे सिर्फ एक नहीं बल्कि कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। इन्हें समझना हर निवेशक के लिए जरूरी है।
- पहला और सबसे बड़ा कारण है ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध जल्द खत्म होने के संकेत के बावजूद ईरान पर हवाई हमले जारी हैं और मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है जिससे निवेशकों में डर का माहौल है।
- दूसरा कारण है होर्मुज स्ट्रेट संकट। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट में तेल जहाजों पर हमले हो रहे हैं जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं।
- तीसरा कारण है FII की बड़े पैमाने पर बिकवाली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च के पहले हफ्ते में ही 21,800 करोड़ रुपये से अधिक के भारतीय शेयर बेच दिए जो बाजार पर भारी दबाव बना रहे हैं।
- चौथा कारण है रुपये की कमजोरी। कच्चे तेल की महंगाई और FII बिकवाली के कारण रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा और टूट रहा है।
- पांचवां कारण है ऑटो और रियल्टी सेक्टर में भारी बिकवाली। निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई जिसने बाजार को और नीचे खींचा।
- छठा कारण है LPG और ऊर्जा संकट। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से LPG आपूर्ति में गड़बड़ी आई है जिसका असर भारत के खाद्य और वितरण उद्योग पर भी पड़ सकता है।
- सातवां कारण है India VIX का उछाल। डर का सूचकांक India VIX 4 प्रतिशत उछलकर 21 के पार चला गया जो बाजार में गहरी अनिश्चितता का संकेत है।
शेयर बाजार में लगातार गिरावट – कौन से शेयर सबसे ज्यादा टूटे?
शेयर बाजार में लगातार गिरावट में सभी सेक्टर लाल निशान में रहे लेकिन कुछ शेयरों पर मार ज्यादा पड़ी।
| शेयर/सेक्टर | स्थिति |
|---|---|
| महिंद्रा एंड महिंद्रा | निफ्टी का टॉप लूजर |
| आयशर मोटर्स | भारी गिरावट |
| मारुति सुजुकी | बड़ा नुकसान |
| एक्सिस बैंक | बुरी तरह प्रभावित |
| बजाज फाइनेंस | बड़ी गिरावट |
| निफ्टी ऑटो | 2% से अधिक गिरा |
| निफ्टी बैंक | 1.5 से 1.7% नीचे |
| NTPC | हरे निशान में (गेनर) |
| पावर ग्रिड | हरे निशान में (गेनर) |
| Tech Mahindra | हरे निशान में (गेनर) |
NTPC, Tech Mahindra, HCL Tech और Power Grid ही सेंसेक्स पर हरे निशान में बंद हुए जबकि बाकी सभी बड़े शेयर लाल रहे।
शेयर बाजार में लगातार गिरावट – विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
शेयर बाजार में लगातार गिरावट पर देश के जाने-माने बाजार विशेषज्ञों की राय बेहद महत्वपूर्ण है।
Geojit Investments के मुख्य निवेश रणनीतिकार VK विजयकुमार का कहना है कि भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर मध्य पूर्व संघर्ष जारी रहने और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से सबसे ज्यादा मार पड़ेगी। इससे महंगाई बढ़ेगी चाहे कीमतें उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाएं या न पहुंचाई जाएं।
LKP Securities के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे के अनुसार 23,800 का स्तर अहम सपोर्ट है। अगर निफ्टी इसके नीचे टूटा तो और बिकवाली आ सकती है। फिलहाल “Sell on Rise” का परिदृश्य बना हुआ है।
Enrich Money के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि निफ्टी 50 ने 23,750 से 23,850 के प्रतिरोध क्षेत्र के पास बिकवाली का दबाव झेला और लगातार निचले हाई बनाने से बाजार में अल्पकालिक मंदी का ढांचा बना हुआ है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार 23,500 का स्तर निफ्टी के लिए अगला बड़ा “Make or Break” सपोर्ट है। BSE पावर इंडेक्स में 2.4% की मजबूती रही लेकिन व्यापक बाजार जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता तब तक “Sell on Rise” की स्थिति में रहेगा।
विजयकुमार ने यह भी कहा कि इतिहास यह बताता है कि युद्ध जैसी भू-राजनीतिक घटनाओं का बाजार पर असर लंबे समय तक नहीं रहता।
शेयर बाजार में लगातार गिरावट – वैश्विक बाजारों का हाल
शेयर बाजार में लगातार गिरावट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। पूरी दुनिया के बाजारों पर ईरान युद्ध का असर है।
| वैश्विक बाजार | स्थिति |
|---|---|
| हांग कांग Hang Seng | 2% गिरावट |
| Shanghai Stock Exchange | 1% गिरावट |
| Australia ASX200 | 0.65% गिरावट |
| Japan Nikkei 225 | कमजोर |
| US Markets | तनाव में |
| Brent Crude Oil | 100 डॉलर के करीब |
शेयर बाजार में लगातार गिरावट में क्या करें – निवेशकों के लिए 6 जरूरी सुझाव
शेयर बाजार में लगातार गिरावट के इस दौर में निवेशकों को क्या करना चाहिए यह सबसे बड़ा सवाल है।
- पहली बात यह है कि घबराकर बेचें नहीं। शेयर बाजार में लगातार गिरावट अस्थायी होती है। जो निवेशक घबराहट में शेयर बेचते हैं वे अक्सर सबसे बड़ा नुकसान उठाते हैं।
- दूसरी बात यह है कि होर्मुज स्ट्रेट पर नजर रखें। अगर वहां स्थिति और बिगड़ी तो तेल की कीमतें और ऊपर जाएंगी जो बाजार को और नीचे खींचेगी।
- तीसरी बात यह है कि क्वालिटी लार्ज-कैप शेयरों पर ध्यान दें जिनमें कर्ज कम और नकदी भंडार ज्यादा हो। ऐसे शेयर गिरावट में कम टूटते हैं और रिकवरी में सबसे पहले उठते हैं।
- चौथी बात यह है कि SIP बंद न करें। अगर आप म्यूचुअल फंड में SIP कर रहे हैं तो इस गिरावट में रुकें नहीं। कम NAV पर ज्यादा यूनिट मिलती हैं जो लंबी अवधि में फायदेमंद साबित होती हैं।
- पांचवीं बात यह है कि पावर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर नजर रखें। इस गिरावट में नवीकरणीय ऊर्जा और यूटिलिटी शेयरों में चुनिंदा खरीदारी देखी जा रही है।
- छठी बात यह है कि RBI के कदमों पर नजर रखें। रुपये को सहारा देने के लिए RBI का हस्तक्षेप बाजार को स्थिरता दे सकता है।
शेयर बाजार में लगातार गिरावट – रिकवरी कब होगी?
शेयर बाजार में लगातार गिरावट से परेशान निवेशक सबसे ज्यादा यही जानना चाहते हैं कि बाजार कब पलटेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार रिकवरी के लिए तीन शर्तें पूरी होनी जरूरी हैं। पहली शर्त यह है कि मध्य पूर्व युद्ध में शांति की दिशा में ठोस कदम उठने चाहिए। दूसरी शर्त यह है कि होर्मुज स्ट्रेट खुलने से कच्चे तेल की कीमतें नीचे आनी चाहिए। तीसरी शर्त यह है कि FII बिकवाली थमनी चाहिए और विदेशी निवेशक फिर से भारत में खरीदारी शुरू करें।
VK विजयकुमार के अनुसार इतिहास बताता है कि भू-राजनीतिक संकट का बाजार पर असर लंबे समय तक नहीं रहता। जैसे ही स्थिति स्थिर होगी बाजार तेजी से रिकवर होगा।
Share Market Outlook: निष्कर्ष
शेयर बाजार में लगातार गिरावट का यह दौर चुनौतीपूर्ण जरूर है लेकिन यह स्थायी नहीं है। ईरान युद्ध, होर्मुज संकट और FII बिकवाली ने मिलकर बाजार को हिला दिया है। सेंसेक्स 76,034 और निफ्टी 23,639 पर आ गया है लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि जैसे ही वैश्विक तनाव कम होगा बाजार तेजी से रिकवर होगा। शेयर बाजार में लगातार गिरावट के इस माहौल में घबराएं नहीं, समझदारी से फैसला करें और अपने दीर्घकालिक निवेश लक्ष्यों पर टिके रहें।