SEBI का बड़ा फैसला: बिना नॉमिनी नहीं खुलेगा डीमैट और म्यूचुअल फंड खाता, 7 अप्रैल तक मांगे सुझाव, अब 4 नॉमिनी जोड़ने की सुविधा, हिस्सेदारी न बताने पर बराबर बंटेगी रकम, जानें नए नियम की पूरी जानकारी
डीमैट और म्यूचुअल फंड में नॉमिनी अनिवार्य, अब 4 तक जोड़ने की सुविधा प्रस्तावित
SEBI New Rule: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने निवेशकों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सेबी ने डीमैट और म्यूचुअल फंड खातों में नॉमिनी से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव रखा है। अगर यह नियम लागू होता है तो बिना नॉमिनी जोड़े कोई भी नया डीमैट या म्यूचुअल फंड खाता खोलना संभव नहीं होगा। नॉमिनी जोड़ना डिफॉल्ट यानी अनिवार्य विकल्प बन जाएगा। 7 अप्रैल 2026 तक आम जनता से सुझाव मांगे गए हैं।
सेबी के नए नॉमिनी नियम – मुख्य बिंदु
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नियम बनाने वाली संस्था | सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) |
| प्रभावित खाते | डीमैट खाता और म्यूचुअल फंड खाता |
| मुख्य बदलाव | नॉमिनी जोड़ना डिफॉल्ट विकल्प |
| अधिकतम नॉमिनी | 4 (पहले कम थे) |
| सुझाव की अंतिम तारीख | 7 अप्रैल 2026 |
| नॉमिनी न रखने पर | लिखित घोषणा अनिवार्य |
| हिस्सेदारी न बताने पर | सभी नॉमिनी में बराबर बंटेगी रकम |
SEBI New Rule: सेबी ने यह कदम क्यों उठाया?
सेबी के अनुसार अभी कई निवेशक अपने खातों में नॉमिनी नहीं जोड़ते या अधूरी जानकारी देते हैं। इससे किसी निवेशक की मृत्यु या आपात स्थिति में पैसे का दावा करना काफी मुश्किल हो जाता है।
कई मामलों में परिवार के लोगों को अपने प्रियजन की मृत्यु के बाद निवेश की गई रकम पाने के लिए लंबी और थकाऊ कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इन समस्याओं को खत्म करने और दावा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।
| समस्या | असर |
|---|---|
| नॉमिनी न होना | परिवार को रकम मिलने में देरी |
| अधूरी जानकारी | दावा प्रक्रिया जटिल |
| लंबी प्रक्रिया | परिवार को आर्थिक नुकसान |
| कानूनी पेचीदगियां | न्यायालय का सहारा लेना पड़ता है |
सेबी का नया प्रस्ताव – विस्तृत जानकारी
सेबी ने अपने परामर्श पत्र में निम्नलिखित अहम बदलाव सुझाए हैं।
- पहला बदलाव यह है कि खाता खोलते समय नॉमिनी जोड़ना डिफॉल्ट विकल्प होगा। यानी जब तक कोई निवेशक खुद लिखित घोषणा देकर नॉमिनी न रखने की इच्छा न जताए तब तक नॉमिनी जोड़ना अनिवार्य होगा।
- दूसरा बदलाव यह है कि नॉमिनी की अधिक जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। अब केवल नाम और संबंध बताना पर्याप्त होगा।
- तीसरा बदलाव यह है कि पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी देना वैकल्पिक होगा। इससे प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी।
- चौथा बदलाव यह है कि अब अधिकतम 4 नॉमिनी जोड़े जा सकेंगे।
- पांचवां बदलाव यह है कि अगर हिस्सेदारी तय नहीं की गई तो रकम सभी नॉमिनी में बराबर बांटी जाएगी।
- छठा बदलाव यह है कि अगर कोई निवेशक नॉमिनी नहीं रखना चाहता तो उसे लिखित घोषणा पत्र देना होगा।
SEBI New Rule: पुराने और नए नियम में फर्क
| पहलू | पुराना नियम | नया प्रस्तावित नियम |
|---|---|---|
| नॉमिनी जोड़ना | वैकल्पिक | डिफॉल्ट अनिवार्य |
| अधिकतम नॉमिनी | सीमित | 4 नॉमिनी |
| जानकारी | पूरी जानकारी | केवल नाम और संबंध |
| पता-मोबाइल | अनिवार्य | वैकल्पिक |
| नॉमिनी न रखना | बिना घोषणा संभव | लिखित घोषणा जरूरी |
| बराबर बंटवारा | स्पष्ट नहीं | हिस्सेदारी न बताने पर बराबर |
जनवरी 2025 के नियमों का क्या हुआ?
इससे पहले जनवरी 2025 में भी नॉमिनी से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए थे। लेकिन उन नियमों में कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आईं जिसके बाद अब उन्हें और सरल बनाने की तैयारी की जा रही है। नए प्रस्ताव में जानकारी देने की प्रक्रिया को काफी सरल किया गया है।
SEBI New Rule: निवेशकों को क्या करना चाहिए अभी?
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को नए नियम लागू होने का इंतजार किए बिना अभी से अपने खातों में नॉमिनी जोड़ देना चाहिए। यह उनके परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
| करने योग्य काम | विवरण |
|---|---|
| पुराने डीमैट खाते | नॉमिनी जोड़ें या अपडेट करें |
| म्यूचुअल फंड खाता | नॉमिनी की जानकारी अपडेट करें |
| हिस्सेदारी तय करें | कितना किसको मिलेगा यह तय करें |
| नॉमिनी की जानकारी | समय-समय पर अपडेट करते रहें |
| परिवार को बताएं | निवेश की जानकारी परिवार को दें |
सेबी में सुझाव कैसे दें?
सेबी ने 7 अप्रैल 2026 तक आम लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। निवेशक और अन्य संबंधित पक्ष सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने सुझाव दे सकते हैं। मिले फीडबैक के आधार पर अंतिम नियम तय किए जाएंगे।
निवेश और वित्तीय योजना विशेषज्ञ का कहना है कि सेबी का यह प्रस्ताव निवेशकों और उनके परिवारों के लिए बेहद फायदेमंद है। नॉमिनी जोड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाने से ज्यादा से ज्यादा निवेशक इसका लाभ उठा सकेंगे। किसी निवेशक की अचानक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को रकम मिलने में जो बाधाएं आती थीं वे काफी हद तक दूर हो जाएंगी।
SEBI New Rule: निष्कर्ष
सेबी का यह प्रस्तावित बदलाव करोड़ों भारतीय निवेशकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। नॉमिनी जोड़ने की प्रक्रिया को सरल और अनिवार्य बनाने से यह सुनिश्चित होगा कि किसी निवेशक की मृत्यु या आपात स्थिति में उनकी मेहनत की कमाई उनके परिवार तक आसानी से पहुंच सके। निवेशकों को सलाह है कि वे 7 अप्रैल से पहले सेबी को अपने सुझाव जरूर भेजें और अभी से अपने सभी खातों में नॉमिनी जोड़ने की प्रक्रिया पूरी कर लें।
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