रूस में चार बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध: फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम हुए बैन, डिजिटल संप्रभुता के नाम पर सख्त कदम, लाखों उपयोगकर्ताओं पर पड़ेगा असर
रूस ने डिजिटल संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर प्रतिबंध लगा दिया। रोसकोमनाडज़ोर ने इन प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया। सरकार का दावा है कि ये मंच गलत सूचना, नफरत फैलाने वाली सामग्री और रूसी सेना के खिलाफ प्रचार कर रहे थे। व्हाट्सएप की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और यूट्यूब का विपक्षी कंटेंट न हटाना मुख्य कारण। लाखों यूजर्स प्रभावित, VPN डाउनलोड में 1000% वृद्धि। सरकार ने VKontakte, Telegram और RuTube जैसे देशी विकल्पों को बढ़ावा दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा, इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया जा रहा है।
Social Media Ban in Russia: रूस ने डिजिटल दुनिया में एक बड़ा और विवादास्पद फैसला लेते हुए चार प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया है। फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय मंचों को रूसी क्षेत्र में बंद कर दिया गया है। यह निर्णय देश की डिजिटल संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर लिया गया बताया जा रहा है, लेकिन इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले के रूप में भी देखा जा रहा है।
रूसी संचार नियामक रोसकोमनाडज़ोर ने आधिकारिक तौर पर इन प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि ये प्लेटफॉर्म रूसी कानूनों का उल्लंघन कर रहे थे और देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे।
Social Media Ban in Russia: प्रतिबंध के पीछे सरकारी तर्क
रूसी अधिकारियों ने इन प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने के कई कारण बताए हैं:
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फेसबुक और इंस्टाग्राम: सरकार का दावा है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर कथित तौर पर गलत सूचना, नफरत फैलाने वाली सामग्री और रूसी सेना के खिलाफ प्रचार किया जा रहा था।
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व्हाट्सएप: सरकार का कहना है कि इसकी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन तकनीक सुरक्षा एजेंसियों के लिए निगरानी में बाधा बन रही थी। रूसी कानून के अनुसार, सभी संचार सेवाओं को सरकारी एजेंसियों को डेटा उपलब्ध कराना होता है।
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यूट्यूब: आरोप है कि इस वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म ने रूसी सरकार द्वारा प्रतिबंधित सामग्री और विपक्षी नेताओं के चैनलों को हटाने से इनकार किया।
Social Media Ban in Russia: लाखों उपयोगकर्ताओं पर असर
रूस में इन चारों प्लेटफॉर्म के लाखों सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, जिन पर इस फैसले का व्यापक प्रभाव होगा:
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सोशल नेटवर्किंग: फेसबुक और इंस्टाग्राम का उपयोग युवाओं द्वारा मनोरंजन के लिए व्यापक रूप से किया जाता था।
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संचार: व्हाट्सएप देश में सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप था, जिसका उपयोग व्यक्तिगत और व्यावसायिक संचार दोनों के लिए होता था।
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शिक्षा और व्यापार: कई छोटे व्यवसाय, कंटेंट क्रिएटर और छात्र जो ऑनलाइन शिक्षण के लिए यूट्यूब पर निर्भर थे, उन्हें अब वैकल्पिक साधन खोजने होंगे।
Social Media Ban in Russia: वीपीएन (VPN) की बढ़ती मांग
प्रतिबंध लागू होने के बाद रूस में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क यानी वीपीएन सेवाओं की मांग में भारी वृद्धि हुई है:
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डाउनलोड में उछाल: वीपीएन डाउनलोड में 1000 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
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सरकारी कार्रवाई: रूसी सरकार ने कई प्रमुख वीपीएन प्रदाताओं की वेबसाइटों को भी ब्लॉक करना शुरू कर दिया है और उन्हें रूसी प्रतिबंधों का पालन करने का निर्देश दिया है।
Social Media Ban in Russia: अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और रूसी विकल्प
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आलोचना: अमेरिका, यूरोपीय संघ और मानवाधिकार संगठनों ने इस प्रतिबंध की कड़ी निंदा की है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे सूचना के अधिकार का उल्लंघन बताया है।
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देशी विकल्प: रूसी सरकार अब देशी विकल्पों को बढ़ावा दे रही है। फेसबुक के स्थान पर वीके (VKontakte), व्हाट्सएप के स्थान पर टेलीग्राम और यूट्यूब के स्थान पर रूट्यूब (RuTube) को प्रचारित किया जा रहा है।
निष्कर्ष: डिजिटल लौह परदा
विशेषज्ञों ने इस प्रतिबंध को “डिजिटल लौह परदा” की संज्ञा दी है। यह प्रवृत्ति वैश्विक इंटरनेट विखंडन की ओर इशारा करती है, जहाँ एक एकीकृत वैश्विक डिजिटल स्थान की जगह, अलग-अलग राष्ट्रीय इंटरनेट उभर रहे हैं। यह विखंडन सूचना के मुक्त प्रवाह और वैश्विक संवाद के लिए एक बड़ी चुनौती है।
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