Republic Day 2026: संजय लीला भंसाली ने कर्तव्य पथ पर उतारा सिनेमा, गणतंत्र दिवस परेड में दिखाई ‘भारत गाथा’ झांकी
भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक पल, पहली बार परेड में शामिल हुई फिल्म इंडस्ट्री
Republic Day 2026: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस की परेड में एक ऐतिहासिक घटना देखने को मिली। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ मिलकर कर्तव्य पथ पर ‘भारत गाथा’ थीम के तहत एक खास झांकी पेश की। इस झांकी के जरिए भारतीय सिनेमा को देश की सांस्कृतिक विरासत के हिस्से के रूप में प्रदर्शित किया गया।
यह पहली बार है जब किसी भारतीय फिल्म निर्देशक ने गणतंत्र दिवस की परेड में भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ संजय लीला भंसाली ने देश के सबसे प्रतिष्ठित समारोह में सिनेमा जगत की भागीदारी सुनिश्चित की है।
Republic Day 2026: ‘भारत गाथा’ थीम से जुड़ा सिनेमा
इस साल की गणतंत्र दिवस परेड (Republic Day 2026) की थीम ‘भारत गाथा’ थी। इस थीम के तहत तैयार की गई झांकी में सिनेमा को भारत की कहानी कहने की परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। यह झांकी सिनेमा को सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सदियों पुरानी कहानी सुनाने की परंपरा के आधुनिक रूप के तौर पर प्रस्तुत करती है।
झांकी में यह दिखाया गया कि कैसे भारत में कहानी कहने की कला लोककथाओं और महाकाव्यों से शुरू होकर थिएटर और संगीत से होते हुए सिनेमा तक पहुंची है। आज सिनेमा वह वैश्विक भाषा बन चुका है जो भारत की कहानियों को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाता है।
संजय लीला भंसाली ने जताई खुशी

इस मौके पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए संजय लीला भंसाली ने कहा, “भारत गाथा थीम के तहत गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) परेड में भारतीय सिनेमा और क्रिएटर्स कम्युनिटी का प्रतिनिधित्व करके मुझे बहुत सम्मान महसूस हुआ। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ मिलकर इस झांकी को बनाना भारत की अमर कहानियों और उन्हें फिर से बताने की सिनेमा की ताकत को एक श्रद्धांजलि थी।”
भंसाली ने आगे कहा, “यह माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के भारतीय कहानी कहने की कला को दुनिया तक ले जाने और सिनेमा को भारत की सबसे मजबूत सांस्कृतिक आवाजों में से एक के रूप में मनाने के विजन को दिखाता है।”
Republic Day 2026: श्रेया घोषाल ने दी आवाज
इस झांकी (Republic Day 2026) को और भी खास बनाने के लिए विशेष रूप से एक गीत तैयार किया गया था। इस गीत को प्रसिद्ध गायिका श्रेया घोषाल ने अपनी मधुर आवाज दी है। श्रेया की आवाज ने झांकी में जान डाल दी और इसे एक यादगार प्रस्तुति बना दिया।
सोशल मीडिया पर इस झांकी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग संजय लीला भंसाली और श्रेया घोषाल की इस खूबसूरत प्रस्तुति की तारीफ कर रहे हैं।
भंसाली का चुनाव क्यों था सही
संजय लीला भंसाली को इस झांकी के लिए चुना जाना एक सही फैसला माना जा रहा है। भंसाली इस दौर के ऐसे दुर्लभ फिल्म निर्माता हैं जो भारतीय सिनेमा की महान परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। वह राज कपूर, वी. शांताराम और महबूब खान जैसे दिग्गज फिल्मकारों की विरासत को संभाले हुए हैं।
भंसाली की फिल्में अपनी भव्यता, भारतीय संस्कृति की गहरी समझ और कहानी कहने के अनोखे अंदाज के लिए जानी जाती हैं। देवदास, बाजीराव मस्तानी, पद्मावत और गंगूबाई काठियावाड़ी जैसी फिल्मों से उन्होंने यह साबित किया है कि वह भारतीय सिनेमा के सच्चे प्रतिनिधि हैं।
भारतीय सिनेमा की सांस्कृतिक ताकत
भारत गाथा थीम के जरिए गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) परेड ने यह संदेश दिया कि सिनेमा भारत की सभ्यतागत कहानी कहने की परंपरा का अहम हिस्सा है। यह एक आधुनिक माध्यम है जो भारत की प्राचीन कहानियों को नए रूप में दुनिया के सामने लाता है।
भारतीय सिनेमा आज दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्री में से एक है। हर साल हजारों फिल्में बनती हैं और करोड़ों लोग इन्हें देखते हैं। भारतीय फिल्में अब केवल देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बड़े पैमाने पर देखी जाती हैं।
Republic Day 2026: प्रधानमंत्री के विजन को मिला समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार भारतीय सिनेमा की ताकत और उसकी वैश्विक पहुंच पर जोर दिया है। उनका मानना है कि सिनेमा भारत की सॉफ्ट पावर है जो देश की संस्कृति और मूल्यों को दुनिया तक पहुंचा सकता है।
इस झांकी (Republic Day 2026) के जरिए प्रधानमंत्री के इस विजन को एक मजबूत आधार मिला है। यह दिखाता है कि सरकार भारतीय सिनेमा को सांस्कृतिक विरासत के रूप में देखती है और इसे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सोशल मीडिया पर मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया
गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) परेड में इस झांकी को देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर तारीफ की है। ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, “संजय लीला भंसाली द्वारा डिजाइन की गई यह झांकी भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का पल है। श्रेया घोषाल के गीत ने इसे और भी खूबसूरत बना दिया।”
कई फिल्म हस्तियों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका मानना है कि यह भारतीय सिनेमा के सम्मान में एक बड़ा कदम है।
भारतीय सिनेमा का गौरवशाली इतिहास
भारतीय सिनेमा का इतिहास 100 साल से भी ज्यादा पुराना है। दादा साहब फाल्के ने 1913 में पहली भारतीय फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ बनाई थी। तब से लेकर आज तक भारतीय सिनेमा ने एक लंबा सफर तय किया है।
भारतीय सिनेमा ने दुनिया को कई महान फिल्मकार, अभिनेता और तकनीशियन दिए हैं। सत्यजीत रे, गुरु दत्त, राज कपूर, बिमल रॉय जैसे दिग्गजों ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई है।
Republic Day 2026: आधुनिक भारतीय सिनेमा की उपलब्धियां
हाल के वर्षों में भारतीय सिनेमा ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। आरआरआर, बाहुबली, पठान, जवान जैसी फिल्मों ने विदेशों में भी जबरदस्त कमाई की है। भारतीय फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में सम्मानित किया जा रहा है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म के आने से भारतीय सिनेमा की पहुंच और भी बढ़ गई है। अब भारतीय फिल्में और वेब सीरीज दुनिया के हर कोने में देखी जा रही हैं।
संजय लीला भंसाली की आगामी फिल्म
फिलहाल संजय लीला भंसाली अपनी नई फिल्म ‘लव एंड वॉर’ की तैयारी में जुटे हुए हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है और यह 2026 में ही रिलीज होने की उम्मीद है।
भंसाली की हर फिल्म एक सिनेमाई उत्सव होती है और प्रशंसकों को उम्मीद है कि ‘लव एंड वॉर’ भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाएगी।
निष्कर्ष: 77वें गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) की परेड में संजय लीला भंसाली द्वारा प्रस्तुत ‘भारत गाथा’ झांकी भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक पल था। इसने यह साबित किया कि सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यह झांकी भारतीय सिनेमा को मिला एक सम्मान है और इससे फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले सभी लोगों का मनोबल बढ़ेगा। यह उम्मीद की जाती है कि आने वाले समय में भारतीय सिनेमा और भी ऊंचाइयों को छुएगा और देश का नाम दुनिया भर में रोशन करेगा।
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