चैत्र नवरात्र 2026 से पहले घर से हटाएं ये 5 अशुभ चीजें! वास्तु शास्त्र के अनुसार टूटी मूर्तियाँ, बेकार सामान और नकारात्मक चित्र रोकते हैं सकारात्मक ऊर्जा, जानें मां दुर्गा की कृपा पाने का सही तरीका
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर से नकारात्मक वस्तुएं हटाकर पाएं मां दुर्गा की कृपा
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहे हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार मां दुर्गा के घर में आगमन से पहले कुछ विशेष वस्तुओं को घर से बाहर करना अनिवार्य माना जाता है। इन अशुभ चीजों की उपस्थिति घर की सकारात्मक ऊर्जा को बाधित करती है और देवी की कृपा प्राप्त करने में रुकावट बन सकती है।
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र 2026 कब से शुरू हो रहे हैं और इसका महत्व क्या है
नई दिल्ली। जब पूरा देश मां दुर्गा की आराधना के लिए तैयार होता है तो हर घर में एक अलग ही ऊर्जा का संचार होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्र का पावन पर्व आरंभ होता है। इस वर्ष यह तिथि 19 मार्च 2026 को पड़ रही है। नवरात्र के इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिपूर्वक उपासना की जाती है। हिंदू धर्म में यह नौ दिन साधना, शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि इन दिनों में घर की ऊर्जा शुद्ध होने पर देवी की कृपा कई गुना अधिक फलदायी होती है।
Chaitra Navratri 2026: वास्तु शास्त्र के अनुसार नवरात्र से पहले घर की सफाई क्यों जरूरी है
वास्तु शास्त्र यह मानता है कि हर घर में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जाएं एक साथ विद्यमान रहती हैं। जब घर में टूटी हुई, बेकार या नकारात्मकता से जुड़ी वस्तुएं होती हैं तो वे सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकती हैं। ऐसे में देवी पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता। वास्तु आचार्यों के अनुसार नवरात्र से पहले घर की भौतिक सफाई के साथ ऊर्जात्मक शुद्धि भी उतनी ही आवश्यक है। जिस प्रकार मंदिर में प्रवेश से पहले जूते उतारे जाते हैं उसी प्रकार घर में देवी के स्वागत से पहले नकारात्मक वस्तुओं को हटाना अनिवार्य माना जाता है।
Chaitra Navratri 2026: कौन सी पहली चीज है जिसे नवरात्र से पहले तुरंत घर से हटाना चाहिए
वास्तु शास्त्र में टूटे हुए दर्पण को अत्यंत अशुभ माना गया है। टूटा हुआ शीशा घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रमुख स्रोत माना जाता है। इसके साथ ही टूटी हुई मूर्तियाँ, खंडित देवी देवताओं की तस्वीरें और क्षतिग्रस्त धार्मिक वस्तुएं भी घर से हटाने की सलाह दी जाती है। वास्तु विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है कि खंडित मूर्तियों की पूजा से देवी की कृपा प्राप्त नहीं होती बल्कि यह उल्टा नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। नवरात्र से पहले घर के हर कोने की जाँच करें और ऐसी सभी वस्तुओं को सम्मानपूर्वक विसर्जित करें।
Chaitra Navratri 2026: घर में रखी कौन सी वस्तुएं वास्तु के अनुसार सकारात्मक ऊर्जा को रोकती हैं
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखी पुरानी और बेकार पड़ी वस्तुएं जिनका कोई उपयोग नहीं रहा, वे ऊर्जा का मार्ग अवरुद्ध करती हैं। वर्षों से जमा बेकार सामान, पुराने कपड़े, टूटे बर्तन और खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण घर की ऊर्जा को भारी और अवरुद्ध कर देते हैं। इसके अलावा सूखे हुए पेड़ पौधे और मुरझाए फूल भी घर में नकारात्मकता का संचार करते हैं। वास्तु विशेषज्ञों की राय है कि नवरात्र से पहले इन सभी वस्तुओं को घर से बाहर कर देना चाहिए। यह कदम न केवल वास्तु दोष दूर करता है बल्कि घर का माहौल भी हल्का और ऊर्जावान बनाता है।
Chaitra Navratri 2026: नवरात्र से पहले किस प्रकार के चित्र और तस्वीरें घर से हटानी चाहिए
वास्तु शास्त्र में यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि घर में युद्ध, हिंसा, दुख और नकारात्मक भावनाओं को दर्शाने वाले चित्र नहीं लगाने चाहिए। ऐसी तस्वीरें घर के वातावरण को भारी और अशांत बनाती हैं। नवरात्र से पहले इन्हें हटाना विशेष रूप से आवश्यक माना जाता है। इसी प्रकार स्वर्गवासी परिजनों की तस्वीरें पूजा स्थल पर या बेडरूम में नहीं रखनी चाहिए। इन्हें किसी उचित स्थान पर रखें लेकिन पूजा कक्ष में माँ दुर्गा की स्थापना के लिए स्थान स्वच्छ और शुद्ध रखें।
Chaitra Navratri 2026: पूजा स्थल और मुख्य द्वार के आसपास क्या नहीं रखना चाहिए
घर का मुख्य द्वार देवी के प्रवेश का मार्ग माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार मुख्य द्वार के पास जूते चप्पल की अव्यवस्थित ढेर, कूड़ेदान, टूटी हुई चीजें या गंदगी नहीं होनी चाहिए। यह सब नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रण देता है और शुभ ऊर्जा को घर के बाहर ही रोक देता है। पूजा स्थल के आसपास का स्थान पूर्णतः साफ और व्यवस्थित होना चाहिए। वहाँ धूल, पुराने फूल, बासी प्रसाद या टूटे हुए दीपक नहीं रहने देने चाहिए। वास्तु और ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार स्वच्छ पूजा स्थल देवी की उपस्थिति को और अधिक शक्तिशाली बनाता है।
Chaitra Navratri 2026: नवरात्र की तैयारी के लिए घर को शुभ बनाने के क्या उपाय करें
नकारात्मक वस्तुएं हटाने के बाद घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए कुछ वास्तु उपाय भी किए जा सकते हैं। मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाना, घर के हर कमरे में गंगाजल का छिड़काव करना और दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। वास्तु विशेषज्ञ यह भी सुझाव देते हैं कि नवरात्र से एक दिन पहले सुबह जल्दी उठकर पूरे घर की सफाई करें, ताजे फूलों से सजावट करें और घर में कपूर की धूप दें। इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है और देवी माँ की ऊर्जा को आकर्षित करने वाला माहौल बनता है।
निष्कर्ष
चैत्र नवरात्र केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं है। यह घर और मन दोनों को शुद्ध करके देवी की ऊर्जा को आमंत्रित करने का अवसर है। वास्तु शास्त्र इसी सत्य को एक व्यावहारिक रूप देता है। 19 मार्च से पहले यदि आप इन पाँच प्रकार की अशुभ वस्तुओं को घर से हटा देते हैं तो न केवल घर का माहौल बेहतर होगा बल्कि नवरात्र की साधना का फल भी कई गुना अधिक मिलेगा। माँ दुर्गा की कृपा उन्हीं घरों पर सबसे अधिक बरसती है जहाँ स्वच्छता, सकारात्मकता और भक्ति का त्रिवेणी संगम होता है।
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