RBI New Rules: अब ऑनलाइन फ्रॉड पर लगेगा ‘ब्रेक’, आरबीआई लाने जा रहा है किल स्विच और डिले क्रेडिट सिस्टम, जानें आपको कैसे होगा फायदा

RBI का ‘किल स्विच’ और डिले क्रेडिट सिस्टम प्रस्ताव, फ्रॉड पर लगेगी लगाम, यूजर्स को मिलेगा ज्यादा नियंत्रण और सुरक्षा

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RBI New Rules: डिजिटल पेमेंट के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए दो बड़े क्रांतिकारी प्रस्ताव पेश किए हैं, ‘किल स्विच’ और ‘डिले क्रेडिट सिस्टम’। इन नए नियमों से यूजर्स को अपने डिजिटल पेमेंट पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा और बड़े फ्रॉड को रोका जा सकेगा। आरबीआई ने इन प्रस्तावों पर आम जनता से 8 मई 2026 तक सुझाव मांगे हैं।

मुसीबत के समय एक क्लिक में बंद होगा आपका बैंक अकाउंट

आरबीआई के सबसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों में से एक है ‘किल स्विच’। यह आपके मोबाइल बैंकिंग ऐप या यूपीआई ऐप में एक इमरजेंसी बटन की तरह काम करेगा। अगर आपको लगे कि आपका फोन हैक हो गया है, कोई फिशिंग अटैक हो रहा है या आप फ्रॉड के शिकार हो रहे हैं, तो बस एक क्लिक से आप अपने अकाउंट से जुड़े सभी डिजिटल पेमेंट मोड (UPI, नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, वॉलेट आदि) तुरंत बंद (फ्रीज) कर सकेंगे।

एक बार किल स्विच एक्टिव हो जाने के बाद सभी ट्रांजैक्शन रुक जाएंगे। इसे दोबारा चालू करने के लिए आपको कड़ी सुरक्षा प्रक्रिया (जैसे OTP, बायोमेट्रिक या बैंक शाखा में जाकर रिक्वेस्ट) से गुजरना होगा। इससे फ्रॉडस्टर्स को तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का मौका नहीं मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी होगा जिनका फोन चोरी हो जाता है या साइबर अटैक होता है।

₹10,000 से बड़े ट्रांजैक्शन पर मिलेगा ‘थिंकिंग टाइम’

आरबीआई ने बड़े ट्रांजैक्शन को और सुरक्षित बनाने के लिए ‘लैग्ड क्रेडिट’ या ‘डिले क्रेडिट’ सिस्टम का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अगर आप ₹10,000 से ज्यादा का पेमेंट करते हैं, तो वह राशि तुरंत प्राप्तकर्ता के खाते में नहीं जाएगी।

ट्रांजैक्शन शुरू होने के बाद एक घंटे का होल्ड पीरियड रहेगा। इस दौरान पैसे आपके खाते से कट जाएंगे लेकिन प्राप्तकर्ता के पास नहीं पहुंचेंगे। आपको इस एक घंटे में ट्रांजैक्शन को रद्द करने का पूरा अधिकार रहेगा। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, ₹10,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल डिजिटल फ्रॉड वैल्यू का लगभग 98.5% हिस्सा होते हैं। इसलिए इस सिस्टम से बड़ी ठगी को रोका जा सकेगा। छोटे पेमेंट्स (₹10,000 तक) सामान्य रूप से तुरंत हो सकेंगे।

बुजुर्गों के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ कवच

आरबीआई ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ का कॉन्सेप्ट पेश किया है। बड़े ट्रांजैक्शन के समय ये व्यक्ति अपने किसी भरोसेमंद परिवार के सदस्य या दोस्त को ट्रस्टेड पर्सन के रूप में चुन सकेंगे।

ट्रस्टेड पर्सन को ट्रांजैक्शन की जानकारी मिलेगी और उसे सत्यापित (अप्रूव) करना होगा। इससे बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले साइबर ठगों पर अंकुश लगेगा। कई मामलों में बुजुर्गों को फोन पर डराकर या बहकाकर पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं। यह व्यवस्था ऐसी ठगी को रोकने में मददगार साबित होगी।

क्यों कड़ी सुरक्षा है समय की मांग?

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में भारत में करीब 28 लाख डिजिटल फ्रॉड के मामले दर्ज किए गए, जिनमें लोगों ने कुल ₹22,931 करोड़ से ज्यादा की राशि गंवाई। म्युल अकाउंट्स (दूसरों के नाम पर खोले गए खाते) के जरिए होने वाली ठगी सबसे बड़ी समस्या है। RBI अब खातों में आने वाले कुल क्रेडिट पर भी सीमा तय करने पर विचार कर रहा है। किल स्विच और डिले क्रेडिट सिस्टम इन समस्याओं का सीधा समाधान हैं।

आम जनता को मिलने वाले प्रमुख लाभ

  • फ्रॉड होने पर तुरंत पेमेंट रोकने की सुविधा

  • बड़े ट्रांजैक्शन में सोचने का समय मिलेगा

  • बुजुर्ग और दिव्यांग व्यक्ति ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे

  • साइबर ठगों के लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा

  • डिजिटल पेमेंट पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा

क्या यह कदम गेम-चेंजर साबित होगा?

बैंकिंग और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि RBI के ये प्रस्ताव समय की मांग हैं। एक वरिष्ठ साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा, “किल स्विच फीचर उन देशों में पहले से सफल रहा है जहां डिजिटल पेमेंट बहुत ज्यादा है। भारत जैसे बड़े बाजार में यह बहुत प्रभावी साबित होगा।” उन्होंने सलाह दी कि RBI को किल स्विच को आसान और तेज बनाना चाहिए।

कब तक लागू होंगे नए नियम?

RBI ने इन प्रस्तावों पर आम जनता, बैंकों, फिनटेक कंपनियों और विशेषज्ञों से 8 मई 2026 तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद अंतिम गाइडलाइंस जारी की जाएंगी। उम्मीद है कि ये नियम साल 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में लागू हो सकते हैं। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के साथ-साथ सुरक्षा सुनिश्चित करना भी हमारी प्राथमिकता है।

RBI New Rule: निष्कर्ष

आरबीआई द्वारा प्रस्तावित ‘किल स्विच’ और ‘डिले क्रेडिट सिस्टम’ डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। बढ़ते साइबर फ्रॉड को देखते हुए ये नियम आम लोगों, खासकर बुजुर्गों और युवाओं के पैसे को सुरक्षित रखेंगे। 8 मई 2026 तक सुझाव देकर आप भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। डिजिटल भुगतान का भविष्य अब और सुरक्षित होने वाला है।

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