रंगभरी एकादशी 2026,- मां लक्ष्मी के 108 नामों का जप करें, कभी नहीं होगी पैसों की कमी
27 फरवरी को रंगभरी एकादशी, 108 नामों का जप करें, धन-समृद्धि आएगी, कभी नहीं होगी पैसों की कमी
Rangbhari Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर रंगभरी एकादशी व्रत किया जाता है, जिसे आमलकी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस बार यह पावन व्रत 27 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
Rangbhari Ekadashi 2026: रंगभरी एकादशी का महत्व और लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पावन व्रत के लाभ निम्नलिखित हैं:
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संकट निवारण: श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से जीवन में आ रहे सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
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आर्थिक लाभ: यह व्रत विशेष रूप से धन की प्राप्ति और आर्थिक समस्याओं के निवारण के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
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लक्ष्मी कृपा: पूजा के दौरान मां लक्ष्मी के 108 नामों का जप करने से मां की कृपा बरसती है और जीवन में कभी भी पैसों की कमी नहीं होती।
Rangbhari Ekadashi 2026: व्रत विधि और पारण का महत्व
व्रत को विधिपूर्वक पूर्ण करने के लिए इन नियमों का पालन करें:
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स्नान और संकल्प: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की पूजा करें।
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उपवास: पूरे दिन उपवास रखें, मां लक्ष्मी के नामों का जाप करें और शाम को दीप जलाएं।
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दान: इस दिन अन्न, धन, वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना चाहिए। दान करने से साधक को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
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पारण: इस व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर उचित मुहूर्त में किया जाता है।
Rangbhari Ekadashi 2026: मां लक्ष्मी के 108 नाम
इन पवित्र नामों का नियमित जप जीवन में धन-समृद्धि और सुख-शांति लाता है:
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ॐ प्रकृत्यै नमः | 2. ॐ विकृत्यै नमः | 3. ॐ विद्यायै नमः | 4. ॐ सर्वभूत-हितप्रदायै नमः | 5. ॐ श्रद्धायै नमः | 6. ॐ विभूत्यै नमः | 7. ॐ वसुन्धरायै नमः | 8. ॐ उदारांगायै नमः | 9. ॐ हरिण्यै नमः | 10. ॐ हेममालिन्यै नमः | 11. ॐ धनधान्य-कर्ये नमः | 12. ॐ सिद्धयै नमः | 13. ॐ स्त्रैणसौम्यायै नमः | 14. ॐ शुभप्रदायै नमः | 15. ॐ नृपवेश्मगतानन्दायै नमः | 16. ॐ सुरभ्यै नमः | 17. ॐ परमात्मिकायै नमः | 18. ॐ वाचे नमः | 19. ॐ पद्मालयायै नमः | 20. ॐ पद्मायै नमः | 21. ॐ शुचये नमः | 22. ॐ स्वाहायै नमः | 23. ॐ स्वधायै नमः | 24. ॐ सुधायै नमः | 25. ॐ धन्यायै नमः | 26. ॐ हिरण्मयै नमः | 27. ॐ लक्ष्म्यै नमः | 28. ॐ नित्यपुष्टायै नमः | 29. ॐ विभावर्यै नमः | 30. ॐ अदित्यै नमः | 31. ॐ दित्यै नमः | 32. ॐ दीप्तायै नमः | 33. ॐ वसुधायै नमः | 34. ॐ वसुधारिण्यै नमः | 35. ॐ कमलायै नमः | 36. ॐ कान्तायै नमः | 37. ॐ कामाक्ष्यै नमः | 38. ॐ क्रोधसंभवायै नमः | 39. ॐ अनुग्रहप्रदायै नमः | 40. ॐ बुद्धयै नमः | 41. ॐ अनघायै नमः | 42. ॐ हरिवल्लभायै नमः | 43. ॐ अशोकायै नमः | 44. ॐ अमृतायै नमः | 45. ॐ दीप्तायै नमः | 46. ॐ लोकशोकविनाशिन्यै नमः | 47. ॐ धर्म-निलयायै नमः | 48. ॐ करुणायै नमः | 49. ॐ लोकमात्रे नमः | 50. ॐ पद्मप्रियायै नमः | 51. ॐ पद्महस्तायै नमः | 52. ॐ पद्माक्ष्यै नमः | 53. ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः | 54. ॐ पद्मोद्भवायै नमः | 55. ॐ भास्कर्यै नमः | 56. ॐ बिल्वनिलयायै नमः | 57. ॐ वरारोहायै नमः | 58. ॐ यशस्विन्यै नमः | 59. ॐ वरलक्ष्म्यै नमः | 60. ॐ वसुप्रदायै नमः | 61. ॐ शुभायै नमः | 62. ॐ हिरण्यप्राकारायै नमः | 63. ॐ समुद्रतनयायै नमः | 64. ॐ पद्ममुख्यै नमः | 65. ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः | 66. ॐ रमायै नमः | 67. ॐ पद्ममालाधरायै नमः | 68. ॐ देव्यै नमः | 69. ॐ पद्मिन्यै नमः | 70. ॐ पद्मगन्धिन्यै नमः | 71. ॐ पुण्यगन्धायै नमः | 72. ॐ सुप्रसन्नायै नमः | 73. ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः | 74. ॐ प्रभायै नमः | 75. ॐ चन्द्रवदनायै नमः | 76. ॐ चन्द्रायै नमः | 77. ॐ चन्द्रसहोदर्यै नमः | 78. ॐ चतुर्भुजायै नमः | 79. ॐ विष्णुपत्न्यै नमः | 80. ॐ प्रसन्नाक्ष्यै नमः | 81. ॐ नारायणसमाश्रितायै नमः | 82. ॐ दारिद्र्यध्वंसिन्यै नमः | 83. ॐ देव्यै नमः | 84. ॐ सर्वोपद्रव-वारिण्यै नमः | 85. ॐ नवदुर्गायै नमः | 86. ॐ महाकाल्यै नमः | 87. ॐ ब्रह्माविष्णु-शिवात्मिकायै नमः | 88. ॐ त्रिकालज्ञान-संपन्नायै नमः | 89. ॐ भुवनेश्वर्यै नमः | 90. ॐ चन्द्ररूपायै नमः | 91. ॐ इन्दिरायै नमः | 92. ॐ इन्दुशीतलायै नमः | 93. ॐ अह्लादजनन्यै नमः | 94. ॐ पुष्टयै नमः | 95. ॐ शिवायै नमः | 96. ॐ शिवकर्यै नमः | 97. ॐ सत्यै नमः | 98. ॐ विमलायै नमः | 99. ॐ विश्वजनन्यै नमः | 100. ॐ तुष्टयै नमः | 101. ॐ दारिद्र्यनाशिन्यै नमः | 102. ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः | 103. ॐ शान्तायै नमः | 104. ॐ शुक्लमाल्यांबरायै नमः | 105. ॐ श्रियै नमः | 106. ॐ जयायै नमः | 107. ॐ मंगलादेव्यै नमः | 108. ॐ विष्णुवक्षस्थलस्थितायै नमः
Rangbhari Ekadashi 2026: जप करने के लाभ
नियमित रूप से इन नामों का जाप करने से साधक को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:
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व्यापार में लाभ और नौकरी में तरक्की मिलती है।
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घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और आर्थिक संकट दूर होते हैं।
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मां लक्ष्मी का घर में स्थायी निवास होता है और सुख-शांति बनी रहती है।
निष्कर्ष: रंगभरी एकादशी के पावन अवसर पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की आराधना जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है।
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