Rajya Sabha Election 2026,- कांग्रेस ने जारी की 6 उम्मीदवारों की लिस्ट, अभिषेक मनु सिंघवी फिर तेलंगाना से मैदान में; नीतीश कुमार भी आज भरेंगे राज्यसभा नामांकन
कांग्रेस ने 6 उम्मीदवार घोषित किए, अभिषेक मनु सिंघवी फिर तेलंगाना से, नीतीश कुमार आज भरेंगे राज्यसभा नामांकन
Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर देश की राजनीति में आज गुरुवार को हलचल तेज हो गई है। आज नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। इस महत्वपूर्ण मौके पर कांग्रेस ने अपने 6 उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। कांग्रेस की इस सूची में सबसे प्रमुख और चर्चित नाम वरिष्ठ अधिवक्ता और पार्टी के दिग्गज नेता अभिषेक मनु सिंघवी का है। सिंघवी को एक बार फिर तेलंगाना से उम्मीदवार घोषित किया गया है।
Rajya Sabha Election 2026: कांग्रेस की 6 उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए छह राज्यों से अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। तेलंगाना में दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। पहली सीट के लिए पार्टी ने एक बार फिर वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पर भरोसा जताया है। सिंघवी देश के सबसे प्रतिष्ठित वकीलों में से एक हैं और कांग्रेस के सबसे मुखर और प्रभावशाली प्रवक्ताओं में उनकी गिनती होती है। तेलंगाना की दूसरी सीट के लिए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले वी. नरेंद्र रेड्डी को मैदान में उतारा है। छत्तीसगढ़ से कांग्रेस ने फूलो देवी नेताम को फिर से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। हिमाचल प्रदेश से अनुराग शर्मा, हरियाणा से कर्मवीर सिंह बौद्ध और तमिलनाडु से एम. क्रिस्टोफर तिलक को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया गया है।
Rajya Sabha Election 2026: अभिषेक मनु सिंघवी की उम्मीदवारी का महत्व
अभिषेक मनु सिंघवी की उम्मीदवारी कई कारणों से महत्वपूर्ण है। सिंघवी न केवल कानूनी विशेषज्ञ हैं बल्कि वे संसदीय बहसों में कांग्रेस की आवाज को मजबूती से उठाने के लिए जाने जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट में उनकी गहरी पकड़ और कानूनी ज्ञान राज्यसभा जैसे उच्च सदन में बेहद उपयोगी होता है। तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है और पार्टी अपने दोनों उम्मीदवारों को आसानी से जिताने की स्थिति में है।
Rajya Sabha Election 2026: कांग्रेस की रणनीति क्या है
कांग्रेस ने अपनी उम्मीदवारों की सूची में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश की है। फूलो देवी नेताम के जरिए आदिवासी समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया गया है। तमिलनाडु से एम. क्रिस्टोफर तिलक को उम्मीदवार बनाकर दक्षिण भारत में पार्टी की उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश की गई है। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से स्थानीय और संगठनात्मक रूप से मजबूत चेहरों को मौका देकर पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का प्रयास किया है।
Rajya Sabha Election 2026: नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना और बिहार में नई सरकार
इसी दिन बिहार की राजनीति में भी एक ऐतिहासिक घटनाक्रम हो रहा है। 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके नीतीश कुमार आज सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। उनके साथ जदयू उम्मीदवार के रूप में रामनाथ ठाकुर भी नामांकन भरेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में होने वाले इस नामांकन का राजनीतिक संदेश बेहद स्पष्ट है कि भाजपा और जदयू के बीच गठबंधन मजबूत है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री की तलाश शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बन सकता है।
Rajya Sabha Election 2026: 10 राज्यों की 37 सीटों पर आज अंतिम नामांकन
गुरुवार 5 मार्च 2026 को 10 राज्यों की राज्यसभा की 37 सीटों पर नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। इन राज्यों में बिहार, तेलंगाना, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्य शामिल हैं। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने भी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की है। बिहार की पांच राज्यसभा सीटों में से एनडीए अधिकांश सीटें जीतने की स्थिति में है क्योंकि बिहार विधानसभा में एनडीए को पर्याप्त बहुमत हासिल है। तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार होने के कारण पार्टी के दोनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
Rajya Sabha Election 2026: विपक्ष की रणनीति और चुनौतियां
इन राज्यसभा चुनावों में विपक्षी INDIA गठबंधन की रणनीति भी स्पष्ट हो रही है। कांग्रेस ने जिन राज्यों में उसकी सरकार है या जहां उसके पास पर्याप्त विधायक हैं वहां अपने उम्मीदवार उतारे हैं। राज्यसभा चुनावों में मत विधायक डालते हैं इसलिए जिस दल के पास जितने अधिक विधायक होंगे उसके उम्मीदवार की जीत उतनी ही सुनिश्चित होगी। देश की राजनीति में राज्यसभा की बढ़ती भूमिका को देखते हुए हर दल इन चुनावों को गंभीरता से ले रहा है। राज्यसभा में बहुमत होने से सरकार के लिए महत्वपूर्ण विधेयक पास करना आसान हो जाता है।
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