राहुल गांधी ने सुल्तानपुर कोर्ट में कहा,- “राजनीतिक दुर्भावना से लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार”

सुल्तानपुर कोर्ट में राहुल ने कहा- राजनीतिक दुर्भावना से लगाए गए आरोप, अगली सुनवाई 9 मार्च

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Rahul Gandhi: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी गुरुवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े एक मानहानि मामले में उनकी पेशी हुई।

Rahul Gandhi: कोर्ट में 29 मिनट की कार्यवाही

सुल्तानपुर की कोर्ट में कार्यवाही का संक्षिप्त विवरण:

  • बयान दर्ज: राहुल गांधी का सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज किया गया।

  • राहुल गांधी का पक्ष: उन्होंने कोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं।

  • अगली तारीख: कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 9 मार्च 2026 तय की है।

  • माहौल: सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम पूरी तरह से भरा हुआ था। मीडियाकर्मी, वकील और कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे।

Rahul Gandhi: 2018 का पुराना मामला

  • पृष्ठभूमि: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में साल 2018 में मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था।

  • घटना: आरोप है कि राहुल गांधी ने 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले बेंगलुरु में एक चुनावी रैली के दौरान ये टिप्पणियां की थीं।

  • मुकदमा: यह मामला 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की जिला एवं सत्र न्यायालय में दायर किया गया था।

Rahul Gandhi: राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

  • कांग्रेस का पक्ष: कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला बताया। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी को विभिन्न मामलों में फंसाया जा रहा है।

  • भाजपा का पक्ष: भाजपा का कहना है कि कानून सबके लिए समान है। पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी ने अमित शाह के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया था जो मानहानिकारक है।

Rahul Gandhi: लखनऊ से सुल्तानपुर का सफर और सुरक्षा

  • पहुंच: राहुल गांधी गुरुवार सुबह लखनऊ पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से सुल्तानपुर गए।

  • सुरक्षा: कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पुलिस बल तैनात था।

Rahul Gandhi: कानूनी प्रक्रिया और अन्य मामले

  • धारा 313 का महत्व: यह प्रक्रिया आरोपी के मौलिक अधिकार का हिस्सा है, जहां उसे अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है।

  • लंबित मामले: राहुल गांधी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कई मामले लंबित हैं, जिसमें गुजरात का “मोदी सरनेम” वाला मामला भी शामिल था (जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर स्थगन दिया था)।

निष्कर्ष: अब अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। यह मामला न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह विपक्ष के नेता के खिलाफ है और वर्तमान राजनीतिक स्थिति में इसका महत्व और बढ़ जाता है।

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