जालंधर में आप नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या, गुरुद्वारे के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग, पंजाब में फिर बढ़ी चिंता
गुरुद्वारे के बाहर थार कार में ताबड़तोड़ फायरिंग, पांच गोलियां लगीं; हमलावर बाइक पर फरार, पुलिस जांच में जुटी
Punjab News: पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता लक्की ओबेरॉय की गुरुवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना मॉडल टाउन क्षेत्र में स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर हुई। हमलावरों ने लक्की ओबेरॉय पर ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें उनके शरीर में पांच गोलियां लगीं। गोलीबारी के बाद गंभीर रूप से घायल लक्की को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हमले में हमलावरों ने लक्की की कार को भी गोलियों से छलनी कर दिया। कार के कांच पूरी तरह टूट गए।
पंजाब में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इससे पहले भी मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को इसी तरीके से कार के अंदर गोलियों से भून दिया गया था। लक्की ओबेरॉय की हत्या ने एक बार फिर पंजाब में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश जारी है।
Punjab News: गुरुद्वारे के बाहर कार में बैठे थे लक्की
घटना की जानकारी के अनुसार लक्की ओबेरॉय गुरुवार सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर रोजाना की तरह गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने के लिए गए थे। वह अपनी थार गाड़ी में सवार होकर गुरुद्वारे पहुंचे थे। जब वह गुरुद्वारे के बाहर अपनी कार में बैठे हुए थे तभी हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावर बाइक पर सवार होकर आए थे। उन्होंने लक्की पर सात से आठ राउंड फायर किए।
इन गोलियों में से कुछ गोलियां लक्की की छाती और सिर में लगीं जो जानलेवा साबित हुईं। कार के अंदर बैठे लक्की के पास बचने का कोई मौका नहीं था। हमलावरों ने पूरी योजना के साथ यह वारदात को अंजाम दिया। गोलीबारी के बाद हमलावर तेजी से बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। घटनास्थल पर खून का पोखर बन गया और कार को गोलियों से भरी हुई देखकर लोगों में दहशत फैल गई।
अस्पताल में तोड़ा दम
ताबड़तोड़ गोलियां लगने से लक्की ओबेरॉय गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके शरीर से खून की धार बह रही थी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया लेकिन गोलियां इतनी गहरी लगी थीं कि बचाना संभव नहीं था। डॉक्टरों ने लक्की ओबेरॉय को मृत घोषित कर दिया। पांच गोलियां सीधे उनके महत्वपूर्ण अंगों में लगी थीं जिससे बचने की कोई संभावना नहीं बची। घटना की सूचना मिलते ही जालंधर पुलिस की इन्वेस्टिगेशन टीम और एसपी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सबूत जुटाने शुरू किए। कार से गोलियों के खोखे बरामद किए गए। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि एक गाड़ी पर गोलियां चलाई गई हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और आसपास के इलाकों में हमलावरों की तलाश शुरू कर दी।
Punjab News: स्थानीय नेता थे लक्की ओबेरॉय
लक्की ओबेरॉय जालंधर के मॉडल टाउन इलाके में रहते थे और वहीं पर उनकी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां होती थीं। वह आम आदमी पार्टी के युवा और स्थानीय स्तर के सक्रिय नेता के रूप में जाने जाते थे। लक्की कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर काम करते थे। वह इलाके में लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के लिए जाने जाते थे। इससे उन्होंने अपने क्षेत्र में अच्छी पहचान बनाई थी। स्थानीय लोगों में वह काफी लोकप्रिय थे।
लक्की की पत्नी ने आम आदमी पार्टी की ओर से हाल ही में निगम चुनाव लड़ा था हालांकि वह चुनाव हार गई थीं। लक्की ओबेरॉय कैंट हल्का की इंचार्ज और आप नेता राजविंदर कौर थियाडा के करीबी माने जाते थे। आप नेता गुरचरण सिंह चन्नी ने पुष्टि की कि लक्की उनकी पार्टी के नेता थे और उन पर कई राउंड फायर किए गए।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
जालंधर पुलिस ने हत्या के मामले में जांच तेज कर दी है। पुलिस हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए सभी संभव कोशिशें कर रही है। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की पहचान हो सकेगी और उनके भागने की दिशा का पता चल सकेगा।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कई टीमें हमलावरों की तलाश में लगाई गई हैं। हत्या के पीछे की वजह का भी पता लगाया जा रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लक्की की किसी से दुश्मनी थी या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है। पुलिस स्थानीय लोगों और लक्की के परिवार से पूछताछ कर रही है। हर संभव सुराग का पीछा किया जा रहा है।
Punjab News: पंजाब में बढ़ती अपराध की घटनाएं
पंजाब में पिछले कुछ समय से ऐसी गोलीबारी और हत्या की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इससे राज्य में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद यह एक और बड़ी घटना है जिसने पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। गैंगवार और आपराधिक गतिविधियां राज्य में चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
विपक्षी दल सरकार पर कानून व्यवस्था की विफलता का आरोप लगा रहे हैं। लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। एक राजनीतिक नेता की दिनदहाड़े गुरुद्वारे के बाहर हत्या पुलिस प्रशासन के लिए शर्मनाक है। सरकार को गंभीरता से इन घटनाओं पर नियंत्रण करने की जरूरत है।
लक्की ओबेरॉय की हत्या पंजाब में बढ़ते अपराध का एक और खतरनाक उदाहरण है। पुलिस से उम्मीद की जाती है कि वह जल्द से जल्द हमलावरों को पकड़कर कानून के कटघरे में खड़ा करेगी।
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