प्रियांक खरगे का RSS पर सबसे तीखा हमला,- शैतान की संज्ञा दी, फंडिंग और रजिस्ट्रेशन पर उठाए गंभीर सवाल
शैतान की संज्ञा दी, BJP को परछाई बताया, 2500 संगठनों के नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
Karnataka Politics: कर्नाटक के IT और बायोटेक्नोलॉजी मंत्री प्रियांक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। रविवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आरएसएस की तुलना शैतान से की और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इसकी परछाई बताया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक ने न केवल RSS के वैचारिक प्रभाव पर सवाल उठाए बल्कि संगठन की फंडिंग, लीगल स्टेटस और रजिस्ट्रेशन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।
Karnataka Politics परछाई से नहीं, शैतान से लड़ें: खरगे का विवादित बयान
प्रियांक खरगे ने अपने भाषण में RSS और BJP के संबंधों को लेकर कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया:
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बदतर स्थिति का दावा: “अगर RSS नहीं होता, तो BJP, JD(S) से भी बदतर होती। मैं यह लिखकर दे सकता हूं कि यह क्षेत्रीय पार्टियों से भी बदतर होती।”
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शैतान की संज्ञा: “आज हम जो कर रहे हैं, वह शैतान के साये से लड़ रहे हैं। शैतान का साया कौन है? वो BJP है। शैतान कौन है? वो RSS है।”
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समाधान: “अगर हम साये से लड़ना बंद करके सीधे शैतान से लड़ें, तो हमारा देश अपने आप बेहतर हो जाएगा।”
Karnataka Politics: 2500 संगठनों का नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
प्रियांक खरगे ने RSS की वित्तीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रहार किया:
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विशाल नेटवर्क: RSS के पास 2,500 से अधिक संगठनों का विशाल नेटवर्क है जो अमेरिका, इंग्लैंड समेत विभिन्न देशों में फैला हुआ है।
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मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप: उन्होंने दावा किया कि ये लोग मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं और इतनी बड़ी मात्रा में धन कहां से आ रहा है, यह पारदर्शी नहीं है।
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टैक्स पर दोहरा मानदंड: “ये हमें उपदेश देते हैं कि हमें टैक्स भरना चाहिए, लेकिन इनके लिए सब फ्री फॉर ऑल है। RSS चाहता है हम अच्छे नागरिक बनें, इनकम टैक्स दें, लेकिन वो खुद इससे आजाद रहना चाहते हैं।”
Karnataka Politics: रजिस्ट्रेशन पर जोर, “आज नहीं तो कल करवाकर रहूंगा”
मंत्री ने संगठन के कानूनी दर्जे (Legal Status) को लेकर एक बड़ी चुनौती दी है:
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रजिस्ट्रेशन की बाध्यता: “वो कहते हैं कि हमें रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है क्योंकि हम बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स हैं। मैं आपसे वादा करता हूं, आज नहीं तो कल रजिस्ट्रेशन करवाना ही होगा, मैं करवाके रहूंगा।”
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सांप्रदायिक ताकतों पर रोक: उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और संवैधानिक तरीके से किसी भी तरह की सांप्रदायिक ताकतों को, चाहे वो RSS हो या SDPI, उन्हें रोका जा सकता है।
Karnataka Politics: राजनीतिक और कानूनी निहितार्थ
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तीखी प्रतिक्रिया: BJP और RSS इन आरोपों को हिंदू विरोधी मानसिकता और कांग्रेस की निराशा बताकर कड़ा विरोध कर सकते हैं।
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कानूनी जोखिम: मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप बिना पुख्ता सबूतों के लगाना मानहानि का मामला बन सकता है और RSS इस पर कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
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कांग्रेस का स्टैंड: यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस तीखे बयान पर प्रियांक खरगे का समर्थन करता है या इससे किनारा करता है।
निष्कर्ष: प्रियांक खरगे के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है। RSS की फंडिंग, रजिस्ट्रेशन और वैचारिक प्रभाव पर उनके द्वारा उठाए गए सवाल आने वाले दिनों में और तीखी बहस का कारण बनेंगे।
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