मोइनाबाद ड्रग कांड से तेलंगाना की राजनीति में भूचाल! BRS प्रमुख KCR का बड़ा एक्शन, पूर्व विधायक पायलट रोहित रेड्डी को शोकॉज नोटिस; 7 दिन में मांगा जवाब, पार्टी गतिविधियों से किया अलग
Moinabad drug case: तेलंगाना की राजनीति में ड्रग कांड ने जो तूफान खड़ा किया है, उसकी लपटें अब सीधे राजनीतिक दलों के भीतर तक पहुंच चुकी हैं।
Moinabad drug case: BRS प्रमुख KCR ने क्यों उठाया यह कड़ा कदम?
भारत राष्ट्र समिति के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव के लिए यह मामला केवल एक नेता की व्यक्तिगत गलती नहीं है, बल्कि पूरी पार्टी की साख का सवाल बन चुका है। KCR के निर्देश पर BRS ने पूर्व विधायक पायलट रोहित रेड्डी को आधिकारिक शोकॉज नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट लिखा गया है कि सात दिनों के भीतर मीडिया में आए सभी आरोपों पर विस्तृत और लिखित स्पष्टीकरण देना अनिवार्य है।
पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तक तक रोहित रेड्डी किसी भी पार्टी कार्यक्रम या आधिकारिक गतिविधि में भाग नहीं ले सकते।
Moinabad drug case: 14 मार्च की रात क्या हुआ मोइनाबाद फार्महाउस पर?
यह पूरा मामला 14 मार्च 2026 की रात से शुरू होता है, जब पुलिस की विशेष EAGLE टीम ने मोइनाबाद स्थित रोहित रेड्डी के फार्महाउस पर अचानक छापेमारी की। छापे में करीब दो ग्राम कोकेन और एक 32 बोर की रिवॉल्वर बरामद हुई। मौके पर मौजूद 11 लोगों को हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक यूरिन जांच में पांच लोग ड्रग पॉजिटिव पाए गए और अगले दिन ब्लड टेस्ट में यह संख्या बढ़कर छह हो गई। इन छह लोगों में खुद रोहित रेड्डी और तेलुगु देशम पार्टी के एलुरु सांसद पुट्टा महेश कुमार का नाम भी शामिल था।
Moinabad drug case: राजनीतिक नुकसान कितना गहरा है रोहित रेड्डी के लिए?
रोहित रेड्डी BRS के लिए एक विवादास्पद लेकिन महत्वपूर्ण शख्सियत रहे हैं। 2022 में जब उन्होंने इसी फार्महाउस पर BRS विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त का भंडाफोड़ किया था, तब वे पार्टी के नायक बन गए थे। हालांकि 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में तंदूर सीट से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
अब यही फार्महाउस उनके राजनीतिक भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, किसी पूर्व विधायक का ड्रग मामले में नाम आना न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पूरे दल की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगा देता है।
Moinabad drug case: TDP ने भी अपने सांसद को नहीं बख्शा, नोटिस जारी
BRS अकेला दल नहीं है जिसने अपने नेता के खिलाफ कार्रवाई की। तेलुगु देशम पार्टी ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर TDP की आंध्र प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने एलुरु सांसद पुट्टा महेश कुमार को पांच दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया।
साथ ही उन्हें भी सभी पार्टी गतिविधियों से दूर रहने का निर्देश दिया गया है। दोनों बड़े दलों की यह त्वरित कार्रवाई यह संकेत देती है कि राजनीतिक दल इस मामले को लेकर जनमत के प्रति कितने सतर्क हैं।
Moinabad drug case: पार्टी की छवि और नैतिकता पर BRS का बयान क्या कहता है?
BRS ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा कि ये आरोप जनता में गहरी चिंता पैदा करते हैं और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। पार्टी ने यह भी दोहराया कि वह किसी भी अवैध गतिविधि का पूरी तरह विरोध करती है, विशेष रूप से नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में उसकी शून्य सहनशीलता की नीति है।
नोटिस में यह चेतावनी भी दी गई है कि तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब न मिलने पर पार्टी के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Moinabad drug case: इस ड्रग कांड का तेलंगाना की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह मामला केवल दो नेताओं तक सीमित नहीं रहा। यह कांड तेलंगाना की राजनीति में नैतिकता और जवाबदेही की बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले विपक्षी दलों को सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाने का अवसर देते हैं।
साथ ही यह भी देखना होगा कि पुलिस की जांच आगे किस दिशा में जाती है। तेलंगाना में पहले से ही राजनीतिक माहौल गरम है और यह ड्रग कांड आने वाले दिनों में विधानसभा और सड़क दोनों जगह बड़ा मुद्दा बन सकता है।
निष्कर्ष
मोइनाबाद ड्रग कांड तेलंगाना की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है। BRS और TDP दोनों दलों ने अपने-अपने नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करके यह संदेश देने की कोशिश की है कि राजनीतिक पद अवैध गतिविधियों से सुरक्षा की ढाल नहीं बन सकता। अब सात दिनों के बाद रोहित रेड्डी का जवाब और पुलिस जांच की दिशा तय करेगी कि इस कांड की राजनीतिक कीमत कितनी बड़ी होगी।
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