लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर सियासी संग्राम, अमित शाह का विपक्ष पर तीखा हमला; बोले—स्पीकर की निष्ठा पर सवाल उठाना लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं का अपमान
अविश्वास प्रस्ताव पर बोले शाह, स्पीकर पूरे सदन के, उन पर शक लोकतंत्र के खिलाफ
Amit Shah statement: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में बुधवार को लोकसभा में सियासी पारा चरम पर रहा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का आज दूसरा दिन था। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में विपक्ष को जमकर घेरा और कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि स्पीकर की निष्ठा पर संदेह करना न केवल गलत है बल्कि यह संसदीय परंपराओं के विरुद्ध भी है।
Amit Shah statement: स्पीकर किसी एक दल के नहीं, पूरे सदन के होते हैं
गृह मंत्री अमित शाह ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि लोकसभा स्पीकर का पद किसी एक राजनीतिक दल से बंधा नहीं होता। वे पूरे सदन के प्रतिनिधि होते हैं और सभी सांसदों के अधिकारों के संरक्षक की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान ने स्पीकर को मध्यस्थ की भूमिका में रखा है और पिछले 75 वर्षों में स्पीकर के पद ने भारतीय लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है। शाह ने यह भी कहा कि करीब चार दशक बाद एक बार फिर लोकसभा अध्यक्ष के सामने अविश्वास प्रस्ताव आया है, जो संसदीय राजनीति और सदन दोनों के लिए अफसोस की बात है। उन्होंने विपक्ष को याद दिलाया कि बीजेपी और एनडीए ने कभी भी विपक्ष में रहते हुए किसी लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया।
Amit Shah statement: नियम तोड़ने पर स्पीकर का टोकना जरूरी
अमित शाह ने आगे कहा कि सदन के अपने नियम हैं और उन्हीं नियमों के अनुसार सदन चलता है। किसी भी सांसद को, चाहे वह कोई भी हो, सदन के नियमों की अनदेखी करके बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कोई सदस्य नियमों को ताक पर रखकर बोलने की कोशिश करता है तो स्पीकर का यह पवित्र कर्तव्य है कि वे उसे रोकें, टोकें और यदि आवश्यक हो तो सदन से बाहर भी करें। शाह ने कहा कि ये नियम नए नहीं हैं, यह परंपरा नेहरू जी के समय से चली आ रही है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि शशि थरूर और बालू साहब जैसे वरिष्ठ सांसद विपक्ष में मौजूद हैं, इसके बावजूद नए सांसदों को संसदीय नियमों की जानकारी नहीं दी जा रही।
Amit Shah statement: राहुल गांधी ने उठाया बोलने से रोके जाने का मुद्दा
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार सदन में बोलने से रोका जाता है। उन्होंने कहा कि यह सदन भारत के लोगों की अभिव्यक्ति का मंच है और जब भी वे खड़े होते हैं तो उन्हें रोक दिया जाता है। राहुल ने कहा कि पिछली बार जब उन्होंने प्रधानमंत्री के कथित समझौते पर सवाल उठाया था, तब भी उन्हें रोका गया था। इसके जवाब में बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री से कभी समझौता नहीं किया जा सकता। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि किसी भी सांसद को बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति लेनी ही होती है, यह नियम सबके लिए बराबर है।
Amit Shah statement: प्रियंका गांधी का पलटवार
जब किरेन रिजिजू सदन में बोल रहे थे, उस वक्त राहुल गांधी सदन में नहीं थे। उनकी जगह प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूद थीं। प्रियंका ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में एक ही नेता है जो सत्ता पक्ष के सामने कभी नहीं झुका और वे हैं राहुल गांधी। उन्होंने कहा कि राहुल सच बोलते हैं और सरकार इस सच को पचा नहीं पाती। प्रियंका ने यह भी कहा कि देश में महंगाई चरम पर है और LPG संकट सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है।
Amit Shah statement: एलपीजी संकट पर विपक्ष का हमला
सदन में अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के साथ-साथ देशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत का मुद्दा भी गरमाया। विपक्षी सांसदों ने सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गैस एजेंसियों को व्यावसायिक उपयोग के लिए सिलेंडर न देने के निर्देश दे दिए गए हैं और स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ रही है। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि एलपीजी और हवाई किराये दोनों की कीमतें बेतहाशा बढ़ी हैं, जो केंद्र सरकार की विफलता है। वहीं जेडीयू नेता संजय कुमार झा ने सफाई दी कि देश में सब कुछ नियंत्रण में है और जमाखोरी की अफवाहों से बचना चाहिए।
Amit Shah statement: CEC के खिलाफ महाभियोग की तैयारी
इसी बीच सूत्रों के अनुसार इंडिया ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी इस प्रस्ताव का समर्थन करती है क्योंकि चुनाव आयोग ने विपक्ष की बातों पर लगातार आंखें मूंद रखी हैं। एलपीजी संकट को लेकर कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि इन 10 वर्षों में हर चीज के दाम बढ़े हैं और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है।
Amit Shah statement: वोटिंग और भविष्य की रणनीति
बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद वोटिंग होनी है। इसके लिए बीजेपी ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर दिया है। सदन में पूरे दिन तीखी बहस और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस अविश्वास प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही और विपक्ष का रुख क्या मोड़ लेता है।
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