PNG कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर: पेट्रोलियम मंत्रालय का बड़ा फैसला, सरकार के नए आदेश से 60 लाख परिवारों को करना होगा LPG सरेंडर, जानें क्या है नियम और क्यों लिया यह फैसला

PNG कनेक्शन होने पर LPG सिलेंडर सरेंडर करना होगा, सरकार के नए नियम से 60 लाख परिवार प्रभावित।

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LPG Crisis: पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश में बढ़ते LPG सिलेंडर संकट के बीच एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब जिन उपभोक्ताओं के घर में पाइप वाली रसोई गैस यानी PNG का कनेक्शन है उन्हें LPG सिलेंडर नहीं मिलेगा। जिन परिवारों के पास PNG कनेक्शन और LPG सिलेंडर दोनों हैं उन्हें अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा। देशभर में लगभग 60 लाख परिवारों के पास PNG कनेक्टिविटी उपलब्ध है। यह फैसला ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध और पैनिक बुकिंग की वजह से बढ़ी LPG की मांग को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।

PNG कनेक्शन और LPG सिलेंडर – सरकार का नया नियम क्या है?

पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से जारी नए आदेश के अनुसार नियम बिल्कुल स्पष्ट है। जिन उपभोक्ताओं के घर में PNG कनेक्शन है उन्हें LPG सिलेंडर नहीं मिलेगा।

रसोई गैस डीलरों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। डीलर्स को कहा गया है कि जिनके पास PNG कनेक्शन है उन्हें सिलेंडर न दें। जिन परिवारों के पास PNG कनेक्शन और LPG सिलेंडर दोनों हैं उन्हें एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना पड़ेगा।

सरकार का तर्क यह है कि अगर किसी के घर में PNG पाइपलाइन से गैस आ रही है तो उसे LPG सिलेंडर की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे में बचाए गए LPG सिलेंडर उन उपभोक्ताओं को मिलेंगे जिनके पास PNG की सुविधा नहीं है।

LPG Crisis: यह फैसला क्यों लेना पड़ा – पूरी पृष्ठभूमि

PNG कनेक्शन वालों से LPG सिलेंडर वापस लेने का यह फैसला कई कारणों से आया।

ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो गई है। भारत अपनी LPG जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है जिसमें से अधिकांश होर्मुज के रास्ते आता था। इस रुकावट से भारत की LPG आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।

इस संकट की खबर फैलते ही देशभर में LPG बुकिंग में भारी उछाल आ गया। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने से पहले जहां औसत दैनिक LPG बुकिंग 55.7 लाख थी वहीं अब यह बढ़कर 75.7 लाख हो गई है। यानी पैनिक बुकिंग में करीब 36 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई।

इसी पैनिक बुकिंग की वजह से देश के कई शहरों में LPG सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। कालाबाजारी के मामले भी सामने आए। ऐसे में जिनके पास PNG है और फिर भी LPG सिलेंडर जमा कर रहे हैं उन पर रोक लगाना जरूरी हो गया।

LPG Crisis: PNG और LPG – क्या है दोनों में अंतर?

पहलू PNG (Piped Natural Gas) LPG (Liquefied Petroleum Gas)
गैस का प्रकार मीथेन गैस प्रोपेन-ब्यूटेन मिश्रण
आपूर्ति का तरीका पाइपलाइन से सीधे सिलेंडर में
स्टोरेज नहीं होता सिलेंडर में स्टोर होता है
कीमत अपेक्षाकृत सस्ता थोड़ा महंगा
उपलब्धता शहरी इलाकों में शहर और ग्रामीण दोनों
आपूर्ति बाधा कम संभावना संकट में दिक्कत
मीटर हां, मीटर से बिल सिलेंडर की खपत से

60 लाख परिवारों पर पड़ेगा असर

देशभर में लगभग 60 लाख परिवारों के पास PNG कनेक्टिविटी उपलब्ध है। सरकार के इस नए नियम से इन सभी परिवारों पर सीधा असर पड़ेगा।

दिल्ली, मुंबई, पुणे, सूरत, अहमदाबाद, हैदराबाद और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में PNG नेटवर्क काफी विकसित है। इन शहरों के बड़े हिस्से में PNG पाइपलाइन बिछी हुई है।

जिन परिवारों के पास दोनों सुविधाएं हैं उन्हें अब एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा। इससे उन लोगों को सिलेंडर आसानी से मिल सकेंगे जिनके पास PNG की सुविधा नहीं है।

LPG Crisis: सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए हैं?

कदम विवरण
PNG वालों का LPG बंद डीलरों को नए आदेश
सिलेंडर सरेंडर दोनों रखने वालों के लिए अनिवार्य
जमाखोरी पर कार्रवाई कड़ी सजा का प्रावधान
PNG अपनाने की अपील LPG दबाव कम करने के लिए
डीलर निरीक्षण जिला आपूर्ति अधिकारी सक्रिय
बचे सिलेंडर PNG रहित इलाकों में भेजे जाएंगे

LPG जमाखोरी पर क्या होगी कार्रवाई?

सरकार ने LPG सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

रसोई गैस संकट का फायदा उठाकर कुछ लोग अतिरिक्त सिलेंडर जमा कर रहे हैं। देश के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी के मामले सामने आ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में 1,483 स्थानों पर छापे मारे गए और 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कानपुर में 49 सिलेंडर जब्त किए गए और Essential Commodities Act की धारा 3 और 7 के तहत FIR दर्ज हुई।

जिला आपूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि रसोई गैस को लेकर लोग पैनिक न करें।

LPG Crisis: पुराना सिलेंडर कैसे करें?

अगर आपके घर में PNG कनेक्शन है और LPG सिलेंडर भी है तो आपको सिलेंडर सरेंडर करना होगा। इसकी प्रक्रिया सरल है।

पहला कदम यह है कि अपने LPG वितरक एजेंसी से संपर्क करें। अपना नाम, पता और LPG कनेक्शन नंबर दें। सिलेंडर और रेगुलेटर वापस कर दें। सरेंडर के बाद आपकी सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस मिलेगी।

इसके अलावा आप mylpg.in पोर्टल पर भी ऑनलाइन सरेंडर की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

सरकार की PNG अपनाने की अपील

सरकार ने लोगों से PNG कनेक्शन लेने की अपील की है क्योंकि इससे LPG पर पड़ने वाला दबाव कम होगा।

PNG की सुविधा जहां उपलब्ध है वहां के लोगों को इसे अपनाना चाहिए। PNG से LPG की तुलना में कम खर्च आता है और पाइपलाइन से गैस हमेशा उपलब्ध रहती है।

सरकार का कहना है कि बचाए गए LPG सिलेंडरों को अन्य उपभोक्ता क्षेत्रों में उपयोग के लिए भेजा जाएगा जहां PNG कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है। इससे उन इलाकों में LPG की कमी दूर होगी।

कृषि और ऊर्जा नीति विशेषज्ञ डॉ. रामकृष्ण राव का कहना है कि सरकार का यह फैसला तर्कसंगत है। जिनके पास PNG है उनके लिए LPG रखना अनावश्यक जमाखोरी की श्रेणी में आता है। इस संकट में यह कदम उन लाखों परिवारों की मदद करेगा जिनके पास PNG नहीं है और जो LPG पर निर्भर हैं।

LPG Crisis: निष्कर्ष

PNG कनेक्शन वालों का LPG बंद करने का यह फैसला एक समझदारी भरा कदम है। जब देश में LPG का संकट है और करोड़ों परिवार सिलेंडर के लिए परेशान हैं तब जिनके पास PNG पाइपलाइन से गैस मिल रही है उनका LPG बंद करना उचित है। सरकार का यह कदम LPG की उपलब्धता उन परिवारों तक सुनिश्चित करेगा जिनके पास PNG नहीं है। अगर आपके घर में PNG कनेक्शन है तो अपना LPG सिलेंडर आज ही अपने डीलर को सरेंडर करें और एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाएं।

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