पीएम मोदी का मलेशिया से पाकिस्तान को सख्त संदेश, आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं, भारत-मलेशिया के बीच रक्षा और सेमीकंडक्टर में बड़े समझौते
पीएम मोदी ने मलेशिया से पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया, आतंक पर कोई समझौता नहीं; भारत-मलेशिया में रक्षा, सेमीकंडक्टर समझौते - सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र
PM Modi in Malaysia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान आतंकवाद पर भारत की सख्त नीति को दोहराते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है। पीएम मोदी ने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि आतंकवाद के मामले में भारत का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है – कोई दोहरा मापदंड नहीं और कोई समझौता नहीं। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने पिछले एक दशक में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और तीन बार सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक कर चुका है। इस दौरान भारत और मलेशिया के बीच रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और व्यापार जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौते भी हुए।
आतंकवाद पर भारत की साफ नीति
मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ व्यापक वार्ता के बाद संयुक्त संवाद में पीएम मोदी ने आतंकवाद पर भारत की स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारा संदेश बिल्कुल साफ है – कोई दोहरा मापदंड नहीं चलेगा और कोई समझौता नहीं होगा। यह बयान सीधे तौर पर पाकिस्तान को निशाना बनाता है जो आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोपी रहा है।
भारत का यह रुख उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब दुनिया भर में आतंकवाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया कि भारत किसी भी रूप में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और इसके खिलाफ कड़े कदम उठाने में पीछे नहीं हटेगा।
PM Modi in Malaysia: तीन सर्जिकल स्ट्राइक का रिकॉर्ड
पीएम मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई की है। इस दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने तीन बार पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की है। सबसे हालिया और सबसे बड़ी कार्रवाई मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई थी।
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों और 11 सैन्य अड्डों को तबाह कर दिया था। यह एक बेहद साहसिक और सटीक ऑपरेशन था जिसने पूरी दुनिया को भारत की सैन्य क्षमता का एहसास कराया। इससे पहले 2016 में उरी हमले के बाद और 2019 में पुलवामा हमले के बाद भी भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
ये ऑपरेशन भारत की उस नई नीति का प्रतीक हैं जिसमें आतंकी हमलों का जवाब केवल निंदा से नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई से दिया जाता है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने यह साबित कर दिया है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोई भी कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
शानदार स्वागत
पीएम मोदी शनिवार को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुंचे थे। उनका भव्य स्वागत किया गया। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम खुद हवाई अड्डे पर उन्हें लेने गए जो एक असाधारण परंपरा है। लाल कालीन बिछाकर पीएम मोदी का स्वागत किया गया।
रविवार सुबह पर्दाना पुत्रा में पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए गए। इस भव्य स्वागत से दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों की झलक मिलती है।
PM Modi in Malaysia: भारत-मलेशिया के विशेष संबंध
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और मलेशिया के बीच विशेष संबंध हैं। हम समुद्री पड़ोसी हैं और सदियों से हमारे लोगों के बीच गहरे और स्नेहपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आर्थिक संबंध बेहद मजबूत हैं।
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है जहां भारतीय मूल की सबसे अधिक आबादी रहती है। लगभग 30 लाख भारतीय मूल के लोग मलेशिया में बसे हुए हैं। वे मलेशियाई समाज का अभिन्न अंग हैं और दोनों देशों के बीच जीवंत सेतु का काम करते हैं।
दोनों देशों की साझा सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्य उन्हें एक साथ बांधते हैं। यही कारण है कि दोनों देश हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
रक्षा और सुरक्षा में सहयोग
भारत और मलेशिया के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर महत्वपूर्ण समझौते हुए। दोनों देशों ने आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत बनाने पर सहमति जताई। खुफिया जानकारी साझा करने और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को और गहरा बनाया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाया जाएगा। दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में सहयोग करेंगे। समुद्री सुरक्षा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में स्थित हैं।
PM Modi in Malaysia: सेमीकंडक्टर और तकनीक में साझेदारी
दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग एक बड़ी उपलब्धि है। सेमीकंडक्टर आधुनिक तकनीक की रीढ़ हैं और दुनिया भर में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत और मलेशिया इस क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि एआई और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा में साझेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा। दोनों देश तकनीक के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता साझा करेंगे और नए अवसर तलाशेंगे। भारत तेजी से एक तकनीकी महाशक्ति बन रहा है और मलेशिया भी इस क्षेत्र में उन्नत है। दोनों देशों की साझेदारी से नए उत्पाद और समाधान विकसित हो सकते हैं।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग
पीएम मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र दुनिया का विकास इंजन बनकर उभर रहा है। इस क्षेत्र में विश्व की आधी से अधिक आबादी रहती है और यहां आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
भारत ASEAN यानी दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संघ के साथ मिलकर पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। मलेशिया ASEAN का महत्वपूर्ण सदस्य है और भारत के साथ उसकी साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों ने मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। वे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों का सम्मान करेंगे।
PM Modi in Malaysia: व्यापार और निवेश
मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और रक्षा में सहयोग का विस्तार जारी रख रहे हैं। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर भारत ने शानदार प्रगति दर्ज की है।
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और निवेश को आसान बनाने पर सहमति बनी। कनेक्टिविटी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी ताकि आवागमन और व्यापार आसान हो सके।
निष्कर्ष
पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा बेहद सफल रही। आतंकवाद पर स्पष्ट संदेश देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के समझौते हुए। यह यात्रा भारत-मलेशिया संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ेगी और क्षेत्रीय शांति और विकास में योगदान देगी।
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