Pariksha Pe Charcha 2026: पीएम मोदी ने छात्रों को दिया गुरुमंत्र, स्किल और आत्मविश्वास पर दिया जोर, 4 करोड़ से ज्यादा आवेदन
पीएम मोदी ने छात्रों को स्किल, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच पर जोर दिया; 4.19 करोड़ छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया, परीक्षा को उत्साह से लें
Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह 10 बजे परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के नौवें संस्करण की शुरुआत की। इस कार्यक्रम में देशभर के हजारों छात्र, शिक्षक और अभिभावक शामिल हुए। यह प्रोग्राम उन छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो परीक्षा के तनाव को कम करना चाहते हैं और बेहतर रणनीति बनाना चाहते हैं। परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए चार करोड़ उन्नीस लाख छात्रों और चौबीस करोड़ अस्सी लाख शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। यह आंकड़े इस कार्यक्रम की लोकप्रियता और महत्व को दर्शाते हैं।
पीएम मोदी ने इस मौके पर छात्रों को आत्मविश्वास, स्किल विकास और परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम की थीम परीक्षा को उत्साह के साथ लेना, पर्यावरण को सुरक्षित रखना और स्वच्छ भारत को बढ़ावा देना रखी गई थी। छात्र सीधे पीएम से सवाल पूछ सकते थे और उनसे मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते थे। यह कार्यक्रम दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो, यूट्यूब और विभिन्न निजी चैनलों पर लाइव प्रसारित किया गया।
आत्मविश्वास पर दिया विशेष जोर
परीक्षा पे चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने छात्रों को आत्मविश्वास का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि आपके माता-पिता, शिक्षक या सहपाठी कुछ भी कहें लेकिन आपको खुद पर विश्वास होना बेहद जरूरी है। आत्मविश्वास के बिना कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। पीएम ने जोर देकर कहा कि परीक्षा से संबंधित जो भी सुझाव मिल रहे हैं उन पर ध्यान देना चाहिए लेकिन अंतिम निर्णय खुद का होना चाहिए। छात्रों को अपनी क्षमताओं को पहचानना चाहिए और उन पर भरोसा करना चाहिए।
कई बार छात्र दूसरों की बातों में आकर अपना आत्मविश्वास खो देते हैं। यह गलत है। हर छात्र अद्वितीय है और उसकी अपनी खूबियां हैं। पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि परीक्षा के पैटर्न पर पूरा भरोसा रखें। जो भी तैयारी की है उस पर विश्वास करें। नकारात्मक विचारों को मन में जगह न दें। सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा में जाएं तो सफलता निश्चित मिलती है।
Pariksha Pe Charcha 2026: स्किल बनाम मार्क्स पर महत्वपूर्ण संदेश
एक छात्र ने पीएम से सवाल पूछा कि स्किल ज्यादा जरूरी है या मार्क्स। इस महत्वपूर्ण प्रश्न के जवाब में पीएम मोदी ने बेहद संतुलित और व्यावहारिक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले हर चीज में संतुलन बनाना आना चाहिए। स्किल और मार्क्स दोनों अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं। पीएम ने समझाया कि स्किल दो प्रकार की होती है – पहली लाइफ स्किल और दूसरी प्रोफेशनल स्किल। इन दोनों प्रकार की स्किल पर ध्यान देना आवश्यक है। स्किल की शुरुआत ज्ञान से होती है। बिना ज्ञान के स्किल विकसित नहीं हो सकती।
इसलिए पढ़ाई भी जरूरी है और स्किल भी। लाइफ स्किल में संवाद कौशल, समस्या समाधान की क्षमता, टीम वर्क और भावनात्मक बुद्धिमत्ता शामिल हैं। प्रोफेशनल स्किल में तकनीकी ज्ञान और व्यावसायिक दक्षता आती है। दोनों मिलकर एक संपूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण करती हैं। केवल मार्क्स पर ध्यान देना या केवल स्किल पर फोकस करना सही नहीं है। संतुलन जरूरी है।
परीक्षा को उत्साह के साथ लें

परीक्षा पे चर्चा 2026 की मुख्य थीम परीक्षा को उत्साह के साथ लेना था। पीएम मोदी ने छात्रों को समझाया कि परीक्षा को बोझ या डर की चीज के रूप में नहीं देखना चाहिए। परीक्षा अपनी क्षमताओं को आजमाने और सुधारने का अवसर है। जब छात्र परीक्षा को तनाव के बजाय उत्साह के साथ लेते हैं तो उनका प्रदर्शन बेहतर होता है। तनाव से याददाश्त प्रभावित होती है और गलतियां होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके विपरीत उत्साह और सकारात्मक दृष्टिकोण आत्मविश्वास बढ़ाता है।
पीएम ने छात्रों को सलाह दी कि परीक्षा से एक रात पहले अच्छी नींद लें। अत्यधिक पढ़ाई से बचें। जो तैयारी की है उस पर भरोसा रखें। परीक्षा हॉल में शांत रहें और प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ें। पहले आसान सवाल हल करें फिर कठिन की ओर बढ़ें। समय प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है। हर प्रश्न को उचित समय दें।
Pariksha Pe Charcha 2026: एग्जाम वॉरियर्स के साथ संवाद
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में एग्जाम वॉरियर्स यानी परीक्षा योद्धाओं के साथ विशेष संवाद हुआ। देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली के एलकेएम में छात्रों से सीधी बातचीत की गई। इन शहरों के छात्रों ने पीएम से सीधे सवाल पूछे और अपनी चिंताएं साझा कीं। पीएम मोदी ने हर सवाल का धैर्य और प्यार से जवाब दिया। छात्रों के साथ उनका संवाद बेहद अनौपचारिक और मित्रवत था।
पीएम ने छात्रों को अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अपनी उम्र को लेकर एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया। पीएम ने कहा कि अभी 25 साल बाकी हैं जो उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है। एग्जाम वॉरियर्स की अवधारणा परीक्षा को चुनौती के रूप में स्वीकार करने और उसे जीतने की मानसिकता विकसित करने पर आधारित है। पीएम चाहते हैं कि हर छात्र एक योद्धा की तरह परीक्षा का सामना करे।
पर्यावरण और स्वच्छता पर भी फोकस
इस वर्ष परीक्षा पे चर्चा की थीम में परीक्षा के अलावा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ भारत को भी शामिल किया गया था। पीएम मोदी ने छात्रों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं है बल्कि जीवन मूल्यों को समझना और अपनाना भी है। पर्यावरण की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
छात्रों को अपने आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए। प्लास्टिक के उपयोग से बचना चाहिए। पेड़ लगाने चाहिए। जल संरक्षण करना चाहिए। ये छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने में युवाओं की भूमिका अहम है। स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। शिक्षित युवा समाज में जागरूकता फैला सकते हैं।
Pariksha Pe Charcha 2026: लाइव प्रसारण और व्यापक पहुंच
परीक्षा पे चर्चा 2026 को अधिकतम छात्रों तक पहुंचाने के लिए इसका लाइव प्रसारण कई प्लेटफॉर्म्स पर किया गया। सरकार की आधिकारिक वेबसाइट mygov.in/ppc-2026 पर लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध थी। दूरदर्शन के विभिन्न चैनलों पर कार्यक्रम प्रसारित हुआ। ऑल इंडिया रेडियो पर भी लाइव प्रसारण किया गया। यूट्यूब और अन्य निजी समाचार चैनलों पर भी छात्र इसे देख सकते थे। इस व्यापक प्रसारण से देश के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्र भी पीएम से सीधा जुड़ सके। यह कार्यक्रम भारत में परीक्षा को लेकर सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
परीक्षा पे चर्चा 2026 एक बार फिर साबित करता है कि पीएम मोदी छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हैं और उन्हें मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Read More Here