दिल्ली लाल किला हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

संयुक्त राष्ट्र 1267 समिति की रिपोर्ट: जैश-ए-मोहम्मद ने ली जिम्मेदारी, फंडिंग-लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया

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Delhi News: भारत की राजधानी दिल्ली में पिछले साल लाल किले के पास हुए घातक कार बम हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। अब इस मामले में एक बड़ा रहस्योद्घाटन सामने आया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक ताजा रिपोर्ट में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) को इस हमले से सीधे जोड़ा गया है।

यह रिपोर्ट 1267 प्रतिबंध समिति की ओर से तैयार की गई है, जो अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे संगठनों पर नजर रखती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जेईएम ने न केवल इस हमले की जिम्मेदारी ली बल्कि इसके पीछे की साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई। भारत सरकार ने इस रिपोर्ट का स्वागत किया है, जबकि पाकिस्तान ने इसे आधारहीन बताते हुए खारिज करने की कोशिश की है।

Delhi News: हमले की पृष्ठभूमि और उसका प्रभाव

  • दिनांक: 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के निकट एक व्यस्त इलाके में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ।

  • स्वरूप: यह एक कार बम विस्फोट था, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए।

  • प्रतीकात्मक महत्व: लाल किला, जो स्वतंत्रता दिवस समारोह का मुख्य स्थल है, पर हमले का प्रतीकात्मक महत्व भी था। इससे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।

  • जांच: हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि यह सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद का हिस्सा है। अब संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है।

Delhi News: संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

संयुक्त राष्ट्र की 37वीं सैंक्शन मॉनिटरिंग रिपोर्ट में निम्नलिखित खुलासे किए गए हैं:

  • सीधा लिंक: Analytical Support and Sanctions Monitoring Team ने स्पष्ट रूप से लाल किला हमले में जेईएम का सीधा लिंक बताया है।

  • फंडिंग और लॉजिस्टिक: संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली और इसके लिए फंडिंग तथा लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान किया।

  • मसूद अजहर: वैश्विक आतंकवादी मसूद अजहर, जो संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल है, का विशेष उल्लेख किया गया है। अजहर पर 2001 के भारतीय संसद हमले और 2019 के पुलवामा हमले जैसे कई बड़े मामलों में आरोप हैं।

Delhi News: जैश-ए-मोहम्मद की नई रणनीति

रिपोर्ट में जेईएम की एक नई पहल का भी जिक्र है:

  • जमात-उल-मुमिनात: मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर को महिलाओं की एक अलग विंग बनाने की घोषणा की, जिसका नाम जमात-उल-मुमिनात रखा गया।

  • उद्देश्य: रिपोर्ट में इसे आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने का माध्यम बताया गया है, जहां महिलाओं को भर्ती कर उन्हें जिहादी विचारधारा से जोड़ा जा रहा है।

  • विस्तार: जेईएम का मुख्य उद्देश्य कश्मीर को भारत से अलग करना है। महिलाओं की विंग का गठन एक नई रणनीति का हिस्सा लगता है।

Delhi News: सदस्य देशों में मतभेद और वैश्विक चुनौती

  • मतभेद: रिपोर्ट में एक देश ने दावा किया कि जेईएम पूरी तरह सक्रिय है, वहीं दूसरे देश ने इसे “निष्क्रिय” बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मतभेद राजनीतिक हैं।

  • पाकिस्तान पर दबाव: इस रिपोर्ट से पाकिस्तान की FATF ग्रे लिस्ट में बने रहने की संभावना बढ़ गई है।

  • अन्य हमले: रिपोर्ट में अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले का भी उल्लेख है। मई में भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

Delhi News: सुरक्षा व्यवस्था और आगे की राह

भारत ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है, जिसमें सीमा पर अतिरिक्त बल तैनात करना और खुफिया एजेंसियों को और सक्रिय बनाना शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर ऐसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। फंडिंग रोकना, यात्रा प्रतिबंध लगाना और संपत्तियां जब्त करना जैसे कदम प्रभावी हो सकते हैं।

 निष्कर्ष

यह रिपोर्ट न केवल एक खुलासा है बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और इस रिपोर्ट का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय पटल पर पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए करेगा।

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