पाकिस्तान-अफगानिस्तान युद्ध 2026,- PM शरीफ के दफ्तर के पास सुसाइड ड्रोन हमला, तालिबान ने F-16 मार गिराया, 55 पाक सैनिक ढेर
PM शरीफ दफ्तर के पास सुसाइड ड्रोन हमला, तालिबान का दावा- 55 पाक सैनिक ढेर, F-16 मार गिराया
Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच छिड़ा युद्ध अब एक भयावह और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार की आधीरात पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के सैन्य ठिकानों पर की गई एयरस्ट्राइक के जवाब में तालिबान ने जोरदार पलटवार किया है। तालिबान ने पाकिस्तान के अमेरिका निर्मित एफ-16 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है। इसके अलावा अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के 55 सैनिकों को मार गिराने और 15 से अधिक को बंधक बनाने का भी दावा किया है। इस बीच सबसे चौंकाने वाली खबर यह आई है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय से मात्र छह किलोमीटर की दूरी पर फैजाबाद क्षेत्र के पास विशेष सैन्य सुविधाओं पर आत्मघाती ड्रोन हमले किए गए हैं, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है।
Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान ने क्यों किया था पहले हमला
पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने एयरस्ट्राइक की पुष्टि करते हुए बताया कि बृहस्पतिवार की रात ऑपरेशन गज़ब-उल-हक शुरू किया गया। पाकिस्तान का दावा है कि अफगानिस्तान में बैठे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP के लड़ाके पाकिस्तान की सीमा में घुसकर हमले कर रहे थे और पाकिस्तानी नागरिकों को निशाना बना रहे थे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपनी साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता संभालने के बाद से पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, खासकर पिछले डेढ़ वर्षों में यह स्थिति बेहद खराब हुई है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने दावा किया कि एयरस्ट्राइक में कम से कम 133 तालिबानी लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए।
Pakistan-Afghanistan War: तालिबान का जवाबी हमला बना पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका
पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के कुछ घंटों के भीतर ही तालिबान ने एक संगठित और व्यापक जवाबी हमला शुरू कर दिया। तालिबान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायत खोर्रम ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि इस्लामी अमीरात की सेनाओं ने ड्यूरंड लाइन के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी दिशाओं में पाकिस्तानी सैन्य चौकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू की है। दावा किया गया है कि इस जवाबी हमले में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, दो सैन्य ठिकानों पर कब्जा किया गया और 19 चौकियों पर तालिबान का झंडा फहराया गया।
तालिबान की 301वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तोपखाना टीम ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर डी-30 तोपखाने से हमले किए। इसके अलावा तालिबान ने पाकिस्तान के अमेरिका निर्मित एफ-16 फाइटर जेट को मार गिराने का भी दावा किया है, जिसका एक वीडियो बलूच नेता मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया पर साझा किया।
Pakistan-Afghanistan War: PM शरीफ के दफ्तर के पास ड्रोन हमला
इस पूरे संघर्ष का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि तालिबान ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय से महज छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित फैजाबाद क्षेत्र के पास सैन्य सुविधाओं को आत्मघाती ड्रोन से निशाना बनाया। रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में भारी संख्या में लोगों के हताहत होने की आशंका है। यह हमला पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़े सवालिया निशान के रूप में सामने आया है कि किस तरह दुश्मन के ड्रोन देश की राजधानी में इतनी महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाओं तक पहुंच गए।
Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान में मचा हड़कंप, राष्ट्रपति और PM ने दी कड़ी चेतावनी
तालिबान के जवाबी हमले से पाकिस्तान में खलबली मच गई है। कई इलाकों में मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी जाने लगी। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने बयान दिया कि पाकिस्तान शांति और क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं करेगा और जो लोग पाकिस्तान की शांति को कमजोरी समझते हैं उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान तालिबान की आक्रामक महत्वाकांक्षाओं को कुचल देगा।
पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने तो खुले युद्ध का ऐलान कर दिया और आरोप लगाया कि तालिबान ने अफगानिस्तान को भारत का प्रॉक्सी बना दिया है। यह आरोप अपने आप में एक नई राजनीतिक जटिलता को जन्म दे रहा है।
Pakistan-Afghanistan War: बलूचिस्तान का बड़ा ऐलान
पाकिस्तान के लिए और बड़ी मुसीबत यह है कि बलूचिस्तान के नेता मीर यार बलोच ने ऐलान किया है कि वे पाकिस्तान को हराने के लिए अफगानिस्तान के साथ मिलकर लड़ने को तैयार हैं। यह बयान पाकिस्तान की आंतरिक एकजुटता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। पाकिस्तान के अंदर भी एक तबका खुलकर इस युद्ध का विरोध कर रहा है। एक पाकिस्तानी पत्रकार ने लिखा कि यह युद्ध अमेरिका के इशारे पर लड़ा जा रहा है और इसमें मदरसों और मस्जिदों पर बमबारी हो रही है।
Pakistan-Afghanistan War: तालिबान के शिक्षामंत्री के मारे जाने का दावा
इस संघर्ष में एक और बड़ा दावा तुर्की मीडिया ने किया है। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के हमले में तालिबान के शिक्षामंत्री निदा मुहम्मद नदीम मारे गए हैं। इसके अलावा पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा के मारे जाने की भी खबरें आई हैं, हालांकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
Pakistan-Afghanistan War: अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने की शांति की अपील
इस संघर्ष पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया भी तेजी से सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रमजान के पवित्र महीने का हवाला देते हुए दोनों देशों से संवाद के रास्ते पर चलने की अपील की और कहा कि ईरान मध्यस्थता के लिए तैयार है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टियर ने भी दोनों पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से भी पाकिस्तान पर दबाव बनाने की गुहार लगाई है।
Pakistan-Afghanistan War: अमेरिकी पूर्व सैन्य अधिकारी ने पाकिस्तान को दिखाया आईना
अमेरिका के पूर्व सैन्य अधिकारी डैनियल एल. डेविस ने इस पूरे संघर्ष पर एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आज उसी ताकत से लड़ रहा है जिसे उसने खुद पाला था। उन्होंने याद दिलाया कि अफगानिस्तान में अमेरिकी और नाटो सेनाओं की तैनाती के दौरान पाकिस्तानी आईएसआई ने अफगान तालिबान को शरण देकर उनकी मदद की थी। आज वही तालिबान पाकिस्तान के खिलाफ खड़ा है। अफगानिस्तान की निर्वासित संसद सदस्य मरियम सुलैमानखिल ने भी यही बात कहते हुए कहा कि पाकिस्तान आज उस राक्षस से लड़ रहा है जिसे उसने खुद पैदा किया था।
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