उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के 9 साल पूरे होने पर ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ अभियान की शुरुआत, 26 मार्च तक हर जिले में मेले, योजनाओं का सीधा लाभ और रोजगार अवसर
26 मार्च तक हर जिले में आयोजन, योजनाओं का सीधा लाभ और रोजगार के मौके
Yogi government 9 years: नौ साल की विकास यात्रा को जनता के सामने रखने का यह अवसर उत्तर प्रदेश सरकार के लिए महज एक आयोजन नहीं बल्कि एक बड़ी जवाबदेही भी है। योगी सरकार ने तय किया है कि बीते नौ वर्षों में हुए विकास कार्यों का लेखाजोखा सीधे जनता तक पहुंचाया जाए और इसके लिए पूरे प्रदेश में एक साथ कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की जाए।
Yogi government 9 years: ‘नव निर्माण के 9 साल’ अभियान क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार को सत्ता में आए मार्च 2017 में नौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर सरकार ने ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ नाम से एक विशेष अभियान शुरू किया है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नौ वर्षों में हुए विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की उपलब्धियों और जनकल्याण के प्रयासों को आम नागरिकों तक सीधे पहुंचाना है। प्रदेश मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
Yogi government 9 years: मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी।
इस समिति में विभागीय अधिकारियों के साथ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल किए जाएंगे। जिला मुख्यालय पर आयोजित नौ दिवसीय मेले का उद्घाटन प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में होगा।
Yogi government 9 years: नौ दिवसीय मेले में क्या क्या होगा खास?
मेले के उद्घाटन के अवसर पर सरकार की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म दिखाई जाएगी। इसके साथ ही जिले की विकास यात्रा पर आधारित एक विशेष पुस्तिका भी जारी की जाएगी।
नौ दिनों तक विभिन्न विषयों पर केंद्रित आयोजन होंगे। युवा, महिला, किसान और श्रमिक जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गोष्ठियां और सीधे संवाद के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बीच-बीच में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
Yogi government 9 years: विभागीय प्रदर्शनियों में क्या दिखाया जाएगा?
जिलों में अलग-अलग सरकारी विभागों की प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इनमें केंद्र सरकार के 11 वर्षों और राज्य सरकार के 9 वर्षों के कार्यों को एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रत्येक जिले में शुरू हुई और पूरी हो चुकी परियोजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शनी में उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्थानीय नागरिक सीधे यह जान सकेंगे कि उनके जिले में क्या बदलाव आए हैं।
Yogi government 9 years: योजनाओं से वंचित लोगों को कैसे मिलेगा लाभ?
इन कार्यक्रमों की एक अहम विशेषता यह है कि जो पात्र नागरिक अब तक किसी सरकारी योजना से वंचित रह गए हैं, उन्हें मौके पर ही योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
रोजगार मेलों और ऋण मेलों के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार और नौकरी के अवसर प्रदान किए जाएंगे। प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार के सीधे लाभ वितरण कार्यक्रम जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने में कारगर होते हैं।
Yogi government 9 years: ‘एक जनपद एक व्यंजन’ के तहत क्या व्यवस्था है?
मेले में स्थानीय संस्कृति और खानपान को भी विशेष स्थान दिया गया है। ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना के अंतर्गत फूड कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।
इन फूड कोर्ट में उस जिले के प्रसिद्ध और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इससे स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यवसायियों को भी एक मंच मिलेगा।
Yogi government 9 years: व्यापारियों और लघु उद्यमियों के लिए क्या खास है?
शहरी क्षेत्रों में ‘मिशन व्यापारी कल्याण’ के अंतर्गत व्यापारियों और लघु उद्यमियों के लिए विशेष लाभार्थी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इनमें ऋण वितरण और टूलकिट वितरण कार्यक्रम भी शामिल हैं।
इस पहल से छोटे व्यापारियों को सरकारी सहायता सीधे प्राप्त होने की उम्मीद है। वाणिज्य और उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि इस तरह के केंद्रित कार्यक्रम लघु उद्यमों को नई ऊर्जा देते हैं।
Yogi government 9 years: अच्छा कार्य करने वाले लोगों को कैसे किया जाएगा सम्मानित?
मेले के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह स्थानीय प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं के आयोजन के साथ विकास कार्यों का लोकार्पण और नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जाएगा। इससे जनता सीधे अपने क्षेत्र की प्रगति से जुड़ सकेगी।
Yogi government 9 years: जिला प्रशासन को किस तरह बांटी गई है जिम्मेदारी?
कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन स्तर पर व्यवस्थित ढांचा तैयार किया गया है। प्रत्येक कार्यक्रम के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी आयोजन बिना जिम्मेदार अधिकारी के न हो। प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार नोडल अधिकारी प्रणाली बड़े पैमाने पर होने वाले सरकारी कार्यक्रमों में जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार का ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ अभियान केवल उपलब्धियां गिनाने का कार्यक्रम नहीं है। यह उस आम नागरिक तक पहुंचने का प्रयास है जो अब भी किसी योजना के लाभ से वंचित है, जिसके क्षेत्र में कोई परियोजना लंबित पड़ी है। नौ दिनों में प्रदेश के 75 जिलों में एक साथ इस पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित करना प्रशासनिक दृष्टि से भी एक बड़ी चुनौती है। जनता की भागीदारी और योजनाओं का वास्तविक लाभ ही इस पूरे अभियान की सफलता का असली पैमाना होगा।
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