North Koria: किम जोंग ने उनकी बेटी किम जू ए को उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया गया, दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी का दावा
उत्तर कोरिया में ऐतिहासिक बदलाव, किम जोंग उन ने बेटी किम जू ए (12-13 वर्ष) को उत्तराधिकारी नामित किया।
North Koria: उत्तर कोरिया की तानाशाही व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी हो रही है। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने बृहस्पतिवार को संसद सदस्यों को एक गोपनीय ब्रीफिंग में बताया कि उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने अपनी किशोर बेटी किम जू ए को अपना उत्तराधिकारी नामित कर दिया है। यह जानकारी इस रहस्यमय देश की राजनीतिक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है, क्योंकि किम परिवार की तीन पीढ़ियों के शासन में यह पहली बार है जब किसी महिला को सत्ता की उत्तराधिकारी बनाया जा रहा है।
North Koria: खुफिया एजेंसी का महत्वपूर्ण आकलन
दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने अपने पिछले आकलन में किम जू ए को “उत्तराधिकारी प्रशिक्षण” के चरण में बताया था, लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह “उत्तराधिकारी-नामित चरण” में प्रवेश कर चुकी हैं। संसद सदस्य ली सियोंग-क्वेन ने ब्रीफिंग के बाद पत्रकारों से कहा, “पहले एनआईएस ने किम जू ए को उत्तराधिकारी प्रशिक्षण के बीच में बताया था। आज जो उल्लेखनीय था वह यह है कि उन्होंने ‘उत्तराधिकारी-नामित चरण’ शब्द का उपयोग किया, यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण है।”
खुफिया अधिकारियों ने यह आकलन कई कारकों के आधार पर किया है। इनमें किम जू ए की आधिकारिक कार्यक्रमों में बढ़ती उपस्थिति, सैन्य समारोहों में उनकी प्रमुखता, और सबसे महत्वपूर्ण रूप से जनवरी में कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन की उनकी पहली यात्रा शामिल है। यह महल उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग और उनके बेटे किम जोंग-इल का समाधि स्थल है, जो किम परिवार के शासन का सबसे पवित्र प्रतीक माना जाता है।
किम जू ए: रहस्यमय व्यक्तित्व का उदय
किम जू ए के बारे में सार्वजनिक जानकारी अभी भी सीमित है। उत्तर कोरिया की अत्यधिक गोपनीयता की नीति के कारण उनकी उम्र, जन्मतिथि और यहां तक कि नाम की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। दक्षिण कोरियाई खुफिया सूत्रों का अनुमान है कि वह लगभग 12 से 13 वर्ष की हैं, संभवतः 2013 में पैदा हुई थीं। उनका नाम सबसे पहले अमेरिकी बास्केटबॉल खिलाड़ी डेनिस रॉडमैन ने 2013 में प्योंगयांग की अपनी यात्रा के दौरान सार्वजनिक किया था।
किम जू ए पहली बार नवंबर 2022 में सार्वजनिक रूप से सामने आईं जब उन्हें अपने पिता के साथ एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण स्थल पर देखा गया। यह उपस्थिति अपने आप में महत्वपूर्ण थी क्योंकि उत्तर कोरिया आमतौर पर नेता के परिवार के सदस्यों, विशेष रूप से बच्चों को सार्वजनिक नजरों से दूर रखता है। उनकी इस पहली सार्वजनिक उपस्थिति ने तुरंत अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित किया और उत्तराधिकार की अटकलें शुरू हो गईं।
उस समय से लेकर अब तक, किम जू ए को कई महत्वपूर्ण सैन्य और राज्य कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ देखा गया है। इनमें सशस्त्र बल दिवस समारोह, युद्धपोत का उद्घाटन, मिसाइल परीक्षण, सैन्य परेड और यहां तक कि एक वाटर पार्क के उद्घाटन जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। उत्तर कोरियाई राज्य मीडिया ने धीरे-धीरे उनके लिए इस्तेमाल की जाने वाली भाषा को बदल दिया है।
North Koria: राज्य मीडिया की भाषा में बदलाव
उत्तर कोरिया में भाषा का बहुत महत्व है, विशेष रूप से जब वह नेतृत्व से संबंधित हो। शुरुआत में, राज्य मीडिया ने किम जू ए को “प्रिय” या “बहुमूल्य” बेटी के रूप में संदर्भित किया। लेकिन जल्द ही उन्हें “सम्मानित” विशेषण से संबोधित किया जाने लगा, जो आमतौर पर केवल उत्तर कोरियाई समाज के सबसे महत्वपूर्ण सदस्यों जैसे किम जोंग उन स्वयं के लिए आरक्षित है।
मार्च 2024 में, किम जू ए को आधिकारिक रूप से अपने पिता के साथ “मार्गदर्शन का महान व्यक्ति” कहा गया। यह शीर्षक अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उत्तर कोरिया में शीर्ष नेताओं और उनके उत्तराधिकारियों के लिए आरक्षित होता है। उदाहरण के लिए, किम जोंग उन को सर्वोच्च नेता बनने के कुछ समय बाद ही “सम्मानित कामरेड” की उपाधि मिली थी।
फरवरी 2023 में, उत्तर कोरियाई कोरिया स्टैम्प कॉर्पोरेशन ने किम जू ए और किम जोंग उन को मिसाइल प्रक्षेपण स्थल पर दर्शाने वाली डाक टिकटें जारी कीं। यह कदम भी उनकी बढ़ती महत्ता को दर्शाता है क्योंकि डाक टिकटों पर आमतौर पर केवल सर्वोच्च नेताओं को ही स्थान दिया जाता है।
चीन यात्रा: अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदार्पण
किम जू ए के उत्तराधिकारी के रूप में उभरने का सबसे स्पष्ट संकेत सितंबर 2025 में आया जब वह अपने पिता के साथ बीजिंग गईं। यह उनकी पहली विदेश यात्रा थी और वह द्वितीय विश्व युद्ध की विजय दिवस परेड में शामिल होने के लिए चीनी नेता शी जिनपिंग के साथ किम जोंग उन की बैठक में मौजूद थीं।
विश्लेषकों ने इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। सियोल स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कोरियन स्टडीज के प्रोफेसर यांग मू-जिन ने कहा, “यह उत्तराधिकारी के रूप में नामित होने के प्रवेश द्वार का अंतिम चरण है। उन्होंने अब आंतरिक और बाहरी रूप से प्रदर्शित होना पूरा कर लिया है।”
विशेषज्ञों ने बताया कि चीनी अधिकारियों द्वारा किम जू ए के स्वागत का तरीका और उन्हें दिया गया प्रोटोकॉल भी उनकी स्थिति को दर्शाता है। चीन यात्रा के दौरान उन्हें अपने पिता के ठीक पीछे खड़े देखा गया जब चीनी अधिकारियों ने उनका स्वागत किया, जो राजनयिक प्रोटोकॉल में उनकी महत्वपूर्ण स्थिति का संकेत है।
किम परिवार की शासन परंपरा
किम परिवार ने उत्तर कोरिया पर तीन पीढ़ियों से शासन किया है। देश के संस्थापक किम इल सुंग ने 1948 से 1994 तक शासन किया। उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे किम जोंग-इल ने सत्ता संभाली और 2011 तक शासन किया। किम जोंग-इल की मृत्यु के बाद उनके सबसे छोटे बेटे किम जोंग उन ने सत्ता संभाली।
किम जोंग उन उस समय केवल 26 वर्ष के थे और उन्हें केवल दो साल पहले 2010 की पार्टी कांग्रेस में आधिकारिक रूप से उत्तराधिकारी नामित किया गया था। उनके पिता किम जोंग-इल को 2008 में गंभीर स्ट्रोक हुआ था, जिसके बाद उत्तराधिकार की प्रक्रिया तेज हो गई। दिसंबर 2011 में किम जोंग-इल की मृत्यु के बाद, किम जोंग उन अचानक सत्ता में आए, अपेक्षाकृत कम तैयारी के साथ।
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि किम जोंग उन की अपनी बेटी को जल्दी सार्वजनिक करने का निर्णय उनके स्वयं के अनुभव को दर्शाता है। उन्हें सत्ता में जल्दबाजी में लाया गया था और उन्होंने शायद यह सुनिश्चित करना चाहा कि उनकी उत्तराधिकारी को अधिक तैयारी का समय मिले। किम जोंग उन स्वयं को आठ साल की उम्र में उत्तराधिकारी नामित किया गया था, लेकिन उन्हें कभी भी अपने पिता के साथ विदेशी यात्राओं पर जाने का अवसर नहीं मिला।
महिला उत्तराधिकारी: एक क्रांतिकारी कदम
उत्तर कोरिया में एक महिला को उत्तराधिकारी बनाना एक असामान्य और संभावित रूप से क्रांतिकारी कदम है। उत्तर कोरियाई समाज परंपरागत रूप से पुरुष-प्रधान है और महिलाओं की भूमिका सीमित रही है, विशेष रूप से शीर्ष नेतृत्व में। हालांकि देश आधिकारिक तौर पर लैंगिक समानता का दावा करता है, वास्तविकता में शक्ति के उच्चतम स्तरों पर महिलाओं की उपस्थिति नगण्य रही है।
शुरुआत में, दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने इस संभावना पर संदेह व्यक्त किया था कि एक महिला उत्तर कोरिया की नेता बन सकती है। उन्होंने देश की गहरी रूढ़िवादी संस्कृति और पुरुष-प्रधान नेतृत्व की परंपरा का हवाला दिया। लेकिन राज्य मीडिया में किम जू ए की बढ़ती प्रमुखता ने इस आकलन को बदल दिया है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि किम जोंग उन के तीन बच्चे हैं – दो बेटियां और एक बेटा। यदि यह सच है तो किम जू ए सबसे बड़ी संतान हो सकती हैं। हालांकि, दक्षिण कोरियाई खुफिया सूत्रों का मानना है कि किम जोंग उन के पास एक बड़ा बेटा हो सकता है, लेकिन इस बच्चे को कभी भी स्वीकार नहीं किया गया है या राज्य मीडिया में नहीं दिखाया गया है।
एक दिलचस्प बात यह है कि किम जोंग उन के स्कूल के पुराने दोस्त जोआओ मिकाएलो ने 2023 में रेडियो फ्री एशिया को बताया कि उन्हें संदेह है कि उत्तर कोरियाई नेता का कभी कोई बेटा हुआ भी है। मिकाएलो ने दावा किया कि किम जोंग उन ने उनसे कभी बेटे का उल्लेख नहीं किया, केवल उस बेटी का जिसके साथ वह सार्वजनिक रूप से दिख रहे थे।
सैन्य और पार्टी का समर्थन सुनिश्चित करना
किसी भी उत्तराधिकारी के लिए उत्तर कोरिया में सफल होने के लिए सैन्य और कोरियाई श्रमिक पार्टी का समर्थन अत्यंत आवश्यक है। उत्तर कोरिया “सोनगुन” या “सेना-प्रथम” नीति का पालन करता है, जिसमें सेना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। किम जू ए को बार-बार सैन्य कार्यक्रमों में दिखाया जाना इसी दिशा में एक सुविचारित कदम है।
उन्हें सशस्त्र बल दिवस समारोह, मिसाइल परीक्षणों, सैन्य परेडों और रक्षा मंत्रालय की यात्राओं में शामिल देखा गया है। इन कार्यक्रमों में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उनके प्रति सम्मान प्रदर्शित करते देखे गए हैं, जो उनकी बढ़ती स्थिति का स्पष्ट संकेत है।
फरवरी 2024 में, किम जू ए को अपने पिता के साथ कोरियाई पीपुल्स आर्मी की 76वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर रक्षा मंत्रालय का दौरा करते देखा गया। इस तरह की यात्राएं सैन्य नेतृत्व को उनकी भविष्य की भूमिका के लिए तैयार कर रही हैं।
आगामी पार्टी कांग्रेस का महत्व
फरवरी के अंत में होने वाली श्रमिक पार्टी कांग्रेस इस संबंध में बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। यह उत्तर कोरिया की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना है, जहां अगले पांच वर्षों के लिए विदेश नीति, युद्ध योजना और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रेखांकित किया जाएगा। दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी ने कहा है कि वह बारीकी से निगरानी करेगी कि किम जू ए इस कांग्रेस में भाग लेती हैं या नहीं और उन्हें किस स्तर का प्रोटोकॉल दिया जाता है।
विश्लेषकों ने सुझाव दिया है कि यदि किम जोंग उन पार्टी कांग्रेस का उपयोग अपनी बेटी को उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करने के लिए करते हैं, तो संकेत सूक्ष्म होंगे। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय एकीकरण संस्थान के पूर्व अध्यक्ष को यू-हवान ने कहा, “पार्टी शायद इस बात की आत्म-प्रशंसा कर सकती है कि कैसे उत्तर कोरिया अन्य अधिकांश कम्युनिस्ट राज्यों से अधिक समय तक जीवित रहा है और इसका श्रेय एक ‘सफल क्रांति की विरासत’ को दे सकती है।”
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि किम जू ए को केंद्रीय समिति के प्रथम सचिव के रूप में चुना जा सकता है, जो उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ श्रमिक पार्टी में दूसरा सबसे शक्तिशाली पद है। यदि ऐसा होता है तो यह उनके उत्तराधिकार को औपचारिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
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