Noida Protest: वेतन वृद्धि की मांग को लेकर भड़के कर्मचारी, ग्रेटर नोएडा में भारी बवाल; गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी के बाद इलाका छावनी में तब्दील

ग्रेटर नोएडा में कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन, गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

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Noida Protest: ग्रेटर नोएडा फेज-2 में सैलरी बढ़ोतरी की मांग को लेकर कंपनी के कर्मचारियों ने हिंसक प्रदर्शन किया। नाराज कर्मचारियों ने कई गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की और एक कार में आग भी लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी पर भी हमला किया और उसे पलट दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

उपद्रव का आंखों देखा हाल: आगजनी और पुलिस पर हमला

नोएडा फेज-2 में मदरसन कंपनी के कर्मचारियों ने सैलरी न बढ़ने से नाराज होकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन हिंसक रूप लेते देख कई गाड़ियों की खिड़कियां, लाइट्स और बॉडी को नुकसान पहुंचाया गया। एक काली कार को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे धू-धूकर जलने लगी।

कर्मचारियों ने पुलिस की गाड़ी पर भी तोड़फोड़ की और उसे पलट दिया। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बल तैनात कर दिए गए हैं ताकि और कोई हिंसा न फैले।

होजरी कंपनियों में काम ठप: आखिर क्यों बढ़ा विवाद?

यह घटना पिछले 3-4 दिनों से चल रहे कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है। ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट और एसएनडी समेत करीब छह होजरी कंपनियों के कर्मचारी काम बंद कर सड़कों पर उतर आए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत बढ़ोतरी के बावजूद नोएडा की कंपनियां वेतन वृद्धि देने को तैयार नहीं हैं।

वे समान वेतन, ओवरटाइम पर डबल भुगतान, समय पर सैलरी और कार्यस्थल पर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने कंपनियों से लिखित आश्वासन की भी मांग की है। प्रदर्शन के कारण नोएडा-दिल्ली और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात प्रभावित हुआ है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने तुरंत मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोषियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। स्थानीय प्रशासन कर्मचारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है।

लेबर एक्सपर्ट्स का नजरिया: न्यूनतम वेतन का पेच

श्रम विशेषज्ञों का कहना है कि नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन विवाद आम हो गए हैं। एक वरिष्ठ श्रम अर्थशास्त्री ने कहा, “हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी के बावजूद नोएडा की कई कंपनियां इसे लागू नहीं कर रही हैं। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।” उन्होंने सलाह दी कि कंपनियों को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और लिखित आश्वासन देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

Noida Protest: औद्योगिक शांति के लिए संवाद जरूरी

नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन चिंता का विषय है। कई गाड़ियों में तोड़फोड़ और आग लगाने की घटना ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। प्रशासन को कर्मचारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत कराकर जल्द समाधान निकालना चाहिए। कंपनियों को कर्मचारियों की वैध मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। श्रमिकों के हितों की रक्षा और औद्योगिक शांति बनाए रखना हर किसी की जिम्मेदारी है।

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